क्या है अशोक गहलोत की सभा में पाकिस्तानी झंडे का सच ?

इस्लामी त्यौहारों में इस्तेमाल किये जाने वाले झंडे को पाकिस्तानी झंडा बताकर सोशल मीडिया पर किया जा रहा है वायरल
दावा: "जयपुर में स्थित जालुपुरा में आयोजित सभा में कोंग्रेस महासचिव अशोक गहलोत की सभा में मंच पर पाकिस्तान के राष्ट्रीय ध्वज की झंडी फहरती दिखाई दे रही है। ये सब अशोक गहलोत को पता था या सिर्फ़ चुनावी फ़ायदे के लिए उन्होंने इसे नज़रअन्दाज़ कर दिया ? कोंग्रेस को ये स्पष्ट करना चाहिए।" रेटिंग: झूठ सच्चाई: नहीं ! कोंग्रेस वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत की सभा में चाँद और सितारे के निशाँन वाले झंडे पाकिस्तान के राष्ट्रीय ध्वज नहीं बल्कि मिलाद उन नबी पर्व के परचम है।  इस तरह के झंडो का पूरे भारत वर्ष में इस्लामिक त्यौहारो पर इस्तेमाल किया जाना  एक आम बात है।
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पर  इस पोस्ट को 'अनिल शर्मा' नामक अकाउंट से शेयर किया गया है। जहाँ इसे 12 हज़ार  से ज़्यादा शेयर मिले है।  इस पोस्ट में अशोक गहलोत की सभा में भाषण देते हुए देखा जा सकता है। बिलकुल उनके पीछे चाँद तारो के परचम भी देखे जा सकते है।  यह झंडे दरअसल मिलाद उन नबी के त्यौहार में लगाए गए थे। 'पवन कुमार' नामक ट्विटर यूज़र ने भी इस सन्दर्भ में एक ट्वीट किया है ।
ज्ञात रहे की पहले कई बार इसी तरह से इस्लामिक पर्व के जुलुस में इस्तेमाल किये गए झंडो को पाकिस्तान के झंडे से जोड़ा गया था । पाकिस्तानी झंडे में और ईद-ए-मिलाद में इस्तेमाल किये जाने वाले झंडे में फर्क होता है। बूम  ने इस विषय के सन्दर्भ में पहले एक रिपोर्ट की थी जिसे  यहाँ और यहाँ पढ़ा जा सकता है।
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