क्या ईंधन की कीमत बढ़ने के कारण ओडिशा के पेट्रोल पंप पर हुआ हमला?: एक पड़ताल

नहीं, ईंधन की बढ़ती कीमत के कारण नहीं हुआ ओडिशा के पेट्रोल पंप पर हमला ।
दावा: ओडिशा में एक भीड़ ने पेट्रोल पंप पर हमला किया क्योंकि पेट्रोल की कीमतें 100 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया था। रेटिंग: झूठ तथ्य: पुरी में ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप में पेट्रोल पंप पर तोड़-फोड़ की गई। ओडिशा के एक पेट्रोल पंप पर भीड़ द्वारा तोड़-फोड़ करने का वीडियो ऑनलाइन साझा किया जा रहा है। वीडियो के साथ एक झूठी कहानी फैलाई जा रही है कि पेट्रोल की कीमतों में आई वृद्धि के कारण ये तोड़फोड़ हुई है। हाल ही के हफ्तों में पूरे देश में ईंधन की कीमतें बढ़ने से वाहन मालिकों में गुस्सा उमड़ा है और सरकार को पीछे ला कर खड़ा कर दिया है। सप्ताह की शुरुआत के बाद से दो मिनट और आठ सेकंड यह क्लिप फेसबुक पर वायरल हो गया है। वीडियो के साथ टेक्सट भी दिया गया था, "अंततः भारतीयों ने प्रहार शुरू कर दी ... ओडिशा में पेट्रोल की कीमत में 100 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई।" पेज के संग्रहीत संस्करण को देखने के लिए यहां
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करें। न्यूज़ 18 तेलुगु ने भी वीडियो को भ्रामक संदर्भ के साथ अपनी साइट पर भी दिखाया है। हालांकि, एक तथ्य जांच से पता चलता है कि यह घटना 28 सितंबर, 2018 को हुई थी जब पुरी में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 82 रुपये थी। यह घटना पुरी के अस्पताल स्क्वायर के पास खुंटिया पेट्रोल पंप में हुई थी। गुस्साए लोगों ने बताया कि, जिन्होंने आरोप पेट्रोल पंप उनके साथ धोखाधड़ी कर रहा था। उनका आरोप था कि उनके द्वारा किए गए भुगतान के मुकाबले उन्हें कम ईंधन वितरण दिया जा रहा था
और इससे नाराजा लोगों ने वहां तोड़फोड़ किया। ओमकॉम न्यूज ने बताया कि भीड़ ने कथित तौर पर पंप के पास एक तेल टैंकर पर एक बम फेंक दिया था, लेकिन जब ये बम विफल हो गया तो भीड़ ने टैंकर को जलाने की कोशिश की लेकिन उनकी योजना पुलिसकर्मी के पहुंचने से असफल हो गई। समाचार रिपोर्टों में कहा गया है कि स्थानीय पुलिस ने लाठी चार्ज का सहारा लिया, जिसमें कई पत्रकार और प्रेस फोटोग्राफर भी घायल हुए। पंट्रोल पंप के लिए दिए फोन नंबर तक पहुंचा नहीं जा सका है। बूम ने पुरी में कुंभारपाड़ा पुलिस स्टेशन से संपर्क किया जहां यह घटना हुई थी। एक स्थानीय पुलिस अधिकारी ने नाम न बतान की शर्त पर यह पुष्टि की कि यह घटना पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के कारण नहीं बल्कि पेट्रोल चोरी के कारण थी। उन्होंने आगे बताया कि, "घटना के दिन, एक ग्राहक को गुस्सा आया क्योंकि पेट्रोल पंप ने पेट्रोल की चोरी की थी। पंप को एक निश्चित राशि के लिए पेट्रोल भरना था, लेकिन उन्होंने कम पेट्रोल भरा और दावा किया कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। इससे ग्राहक भड़क गया और लड़ने लगा। उपस्थित अन्य कई लोगों ने भी शिकायत की और पेट्रोल पंप पर तोड़फोड़ शुरु कर दी।" उन्होंने आगे बताया कि, किसी ने पेट्रोल हंक पर 'बम' भी फेंक दिया लेकिन चूंकि यह सक्रिय नहीं था, इसलिए कोई नुकसान नहीं हुआ था। बूम ने ओटीवी से स्थानीय संवाददाता से भी संपर्क किया जो घटना के समय वहां मौजूद था। ओटीवी के संवाददाता मधुसूदन ने बूम को बताया, "करीब 10.15 बजे एक भीड़ ने पेट्रोल बंक पर तोड़फोड़ की।" "जब टैंकर के पास एक बम जैसा सामान फेंका गया, तब भीड़ नियंत्रण से बाहर होने लगी। यह बिल्कुल एक बम नहीं था, लेकिन बम जैसा कुछ था, जो फटा नहीं।" उन्होंने आगे बताया, "पुलिस तब पहुंची और लाठी चार्जिंग शुरू कर दी और इसमें पत्रकार और फोटोग्राफर इसका शिकार बने। यहां तक कि मैं भी घायल हो गया था और हमने प्राथमिकी दर्ज की है।"
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