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फ़्री सोलर पैनल का वादा करने वाला व्हाट्सएप मेसेज फ़र्ज़ी है

फ़्री सोलर पैनल का वादा करने वाला व्हाट्सएप मेसेज फ़र्ज़ी है

बूम ने पाया कि नकली वेबसाइट पर लोगों से ग़लत तरीके से जानकारी लेने के लिए ऑनलाइन फ़ॉर्म को एक झांसे की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है

Solar panel scheme

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई एक योजना के तहत सरकार द्वारा लोगों को मुफ़्त सोलर पैनल वितरित करने का वादा करने वाला वायरल संदेश नकली है। ऐसी कोई योजना मौजूद नहीं है।

हिंदी में वायरल होने वाले इस संदेश में दावा किया जा रहा है कि ‘solar-panel-recive.blogspot.com’ पर फॉर्म भर कर कोई भी फ्री सोलर पैनल का लाभ उठा सकता है। बूम को अपने व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर (7700906111) यह संदेश प्राप्त हुआ है जिसमें इसकी सच्चाई के बारे में पूछा गया है।

WhatsApp message
(व्हाट्सएप संदेश )

व्हाट्सएप संदेश में लिखा गया है: “प्रधानमंत्री फ्री सोलर पैनल योजना – फ्री में लगवाएं सोलर पैनल अपने घर या गांव में, आपको किसी प्रकार का शुल्क नहीं भरना, बस जल्दी से फार्म भरें।*फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2019 है। तो जल्दी करें और इस मेसेज को अपने सभी दोस्तों को भी भेजें। ताकि इस योजना का लाभ सभी को मिल सके। अभी आवेदन करें।”

फ़ेसबुक पर वायरल

फ़ेसबुक पर कैप्शन की खोज से पता चलता है कि यह इस प्लेटफॉर्म पर भी वायरल है।

Solar-message-viral FB
(फ़ेसबुक पोस्ट)

फ़ैक्ट चेक

संदेश में वर्णित यूआरएल में कई लाल झंडे हैं जो संकेत देते हैं कि यह फ़र्ज़ी साइट है। साइट का मुख्य उद्देश्य, व्यक्तिगत विवरण – जैसे कि नाम और संपर्क नंबर – एकत्र करना है। इसके अतिरिक्त, सरकारी वेबसाइटें ‘.gov.in’ या ‘.nic’ के साथ समाप्त होती हैं और ब्लॉगस्पॉट डोमेन पर होस्ट नहीं की जाती हैं, जो ब्लॉग के लिए होती हैं।

Related Stories:
Blogging website
( ब्लॉगिंग वेबसाइट ब्लॉगस्पॉट )

विवरण भरने के बाद यूजर्स को 10 व्हाट्सएप समूहों को संदेश साझा करने के लिए प्रेरित किया जाता है, जो व्यक्तिगत विवरण एकत्र करने के लिए धोखाधड़ी वेबसाइटों द्वारा उपयोग किया जाने वाला एक सामान्य तरीका है।

Fake website
( डबियस वेबसाइट )

धोखाधड़ी की वेबसाइट

Fake website 2
(व्हाट्सएप ग्रुपों पर लिंक साझा करने के लिए कह रही है वेबसाइट)

‘यह सरकार की वेबसाइट नहीं है’: नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अधिकारी

Official website
( आधिकारिक सरकारी वेबसाइट )

बूम ने नई और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के एक अधिकारी से बात की, जिसे भारत में पवन ऊर्जा, छोटे हाइड्रो, बायो-गैस और सौर ऊर्जा जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों में पदोन्नति, और समन्वय का काम सौंपा गया है। नाम न बताने के शर्त पर अधिकारी ने बताया, “यह फर्जी है, ऐसी कोई सरकारी वेबसाइट नहीं है, जहां आपको एक फॉर्म भरना हो और आपको एक मुफ़्त सोलर पैनल मिले।” सरकारी योजना लोगों को कभी भी योजना का फॉर्म भरने और फिर 10 व्हाट्सएप समूहों को संदेश साझा करने के लिए नहीं कहती है, इसके बजाय एक समाचार पत्र में विज्ञापन दिए जाते हैं।

(बूम अब सारे सोशल मीडिया मंचो पर उपलब्ध है | क्वालिटी फ़ैक्ट चेक्स जानने हेतु टेलीग्राम और व्हाट्सएप्प पर बूम के सदस्य बनें | आप हमें ट्विटर और फ़ेसबुकपर भी फॉलो कर सकते हैं | )

Claim Review : प्रधानमंत्री ने शुरू की फ़्री सोलर पैनल बांटने की योजना

Fact Check : FALSE

Anmol Alphonso is a fact-checker with BOOM. He has previously interned at IndiaSpend as a fact-checker and was a reporting intern at Times of India, Indian Express, and Mid-Day. He is a post-graduate diploma holder in journalism from St Paul’s Institute of Communication Education, Mumbai.

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