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‘केबीसी’ लॉटरी के नाम पर पाकिस्तान के ठग कर रहे है फ्रॉड

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‘केबीसी’ लॉटरी के नाम पर पाकिस्तान के ठग कर रहे है फ्रॉड

सोनी चैनल पर केबीसी ने 10वें सीजन की शुरुआत हुई है। कुछ ढोंगी व्हाट्सएप पर फर्जी लॉटरी का संदेश  रहे हैं। हमने इनमें से एक नंबर पाकिस्तान का पाया है।

Fake KBC message

व्हाट्सएप पर फर्जी केबीसी संदेश

 

भारत के लोकप्रिय गेम शो, कौन बनगा करोड़पति के नाम से व्हाट्सएप पर एक फर्जी संदेश फैल रहा है। संदेश में कहा गया है, “आपके लिए अच्छी खबर है। कौन बनेगा करोड़पति के जवाब से आपके इस नंबर पर 25 लाख का लॉटरी लगा है। लॉटरी हासिल करने के लिए इस नंबर पर संपर्क करें। राणा प्रताप सिंह- 0017726175812।

 

एक ट्विटर उपयोगकर्ता आकाश शाह ने मुंबई पुलिस को ट्वीटर के जरिए जानकारी दी कि उनके पास इस तरह का फोन आया है जिसमें 25 लाख रुपए की पेशकश की गई है।

 

 

 

मुंबई पुलिस ट्विटर हैंडल ने फौरन इसका जवाब दिया है। साथ ही आकाश से कॉल पर कोई संवेदनशील विवरण साझा न करने और नजदीक के पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज करने के लिए कहा है।

 

 

 

 

इस घटना के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए हमने शाह से संपर्क किया। शाह ने बताया, “पहले कॉल करने वाले ने मुझे व्हाट्सएप कॉल पर बुलाया और कहा था कि मैंने 25 लाख लॉटरी जीती है जिसमें मैंने भाग लिया था। जबकि मैंने ऐसी किसी चीज में भाग ही नहीं लिया था। उसने मुझसे नंबर पर फोन करने और उसे लॉटरी नंबर बताने के लिए कहा लेकिन मैंने फोन काट दिया क्योंकि यह दूसरे देश से था और बाद में मुझे पता चला कि वह नंबर पाकिस्तान से था। उसने बाद में तस्वीर द्वारा संदेश दिया।।”

 

 

जिस नंबर से आकाश को फोन आया था (+923088556439), हमने उन नंबर पर वापस फोन लगाया।  एक व्यक्ति जिसने फोन का जवाब दिया उसने अपना नाम अहमद रजा बताया और कहा कि वह पाकिस्तान के मुल्तान में रहते हैं और उनका लॉटरी व्यवसाय से कोई लेना देना नहीं था।

 

लेकिन जब हमने व्हाट्सएप पर नंबर की डिस्प्ले तस्वीर देखी, तो हमें केबीसी की एक फोटो मिली। रजा इमेज कारण समझाने में असफल रहे, और कहा कि शायद कोई उनके नंबर का दुरुपयोग कर रहा है।

 

 

एक ऑनलाइन मोबाइल ट्रैकर सॉफ्टवेयर के जरिए पता चलता है कि यह नंबर इस्लामाबाद का है और इसके ऑपरेटर की मोबिलिंक के रुप में पहचान की है। मोबिलिंक पाकिस्तान के अग्रणी दूरसंचार ऑपरेटरों में से एक है। हमने ट्रूकॉलर पर भी नंबर की जांच की और पाया कि यह ‘केबीसी फ्रॉड’ के रूप में टैग है। यानी जिन उपयोगकर्ताओं ने नंबर से पहले कॉल प्राप्त की है, उन्होंने इसे फ्रॉड के रूप में टैग किया गया है।

 

फोटो गूगल खोज पर, हमने पाया कि देश भर के नागरिकों द्वारा केबीसी से संबंधित धोखाधड़ी संदेशों के कई ऐसे मामलों की सूचना मिली है। समाचार पत्र, द हिंदू ने 15 अगस्त, 2018 की रिपोर्ट में बताया कि “मुंबई निवासी गायत्री पिसकर को अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप संदेश मिला था। संदेश में केबीसी लोगो, श्री बच्चन की एक तस्वीर और एक आवाज संदेश शामिल था। सुश्री पिसकर ने संदेश सुना , जिसमें हिंदी में एक आदमी की आवाज में रिकॉर्डिंग थी। संदेश में कहा गया था कि पिसकर ने 35 लाख रुपए जीते हैं और उन्हें संदेश में उल्लिखित ‘हेड ऑफिस’ के नंबर पर व्हाट्सएप कॉल करना चाहिए। ”

 

इससे पहले मार्च में, टाइम्स ऑफ इंडिया ने एक रिपोर्ट में बताया था कि केबीसी लकी ड्रॉ के नाम पर लखनऊ में एक महिला से 6,000 रुपये की ठगी की गई थी। 36,000 रुपये और 17,500 रुपये के दो नकद पुरस्कारों का लालच देते हुए, पीड़ित को चेक द्वारा 6,000 रुपये जमा करने के लिए कहा गया था। उनके पति जोकि शहर के वकील हैं, उन्होंने कृष्णनगर पुलिस के साथ एफआईआर दर्ज की है।

 

यहां भी कार्यप्रणाली वैसी ही सरल है जैसा कि अन्य ऑनलाइन धोखाधड़ी घोटालों में होता है। कॉल करने वाला नकद ईनाम का लालच देता है और जैसे ही लोग इनके झांसे में आते हैं, वे कुछ फीस मांगते हैं। यहां तक ​​कि यदि कॉलर संदिग्ध भी लगता है, तो इनाम की तुलना में अपेक्षाकृत कम फीस उन्हें आकर्षित करता है और वे बैंक खाते में पैसे जमा करा देते हैं। एक बार जब पैसे जमा हो जाते हैं को कॉलर उनके किसी भी फोन का जवाब नहीं देता है।

 

बूम से बात करते हुए,  महाराष्ट्र के साइबर  एसपी, बालसिंह राजपूत ने पुष्टि की कि यह भोले-भाले नागरिकों द्वारा धोखबाजों द्वारा बेवकूफ बनाने का आम तरीका है। राजपूत ने कहा कि जब इस तरह का फोन किसी भी देश से किया जा सकता है, लेकिन ऐसे स्थानीय सहयोगियों को ढूंढना असामान्य नहीं है जो बैंक खातों के माध्यम से पैसे स्थानांतरित करते हैं। कभी-कभी मूल बैंक खाता धारकों को मामूली शुल्क का भुगतान करने के बाद किराए पर लिया जाता है। इन कॉल और संदेशों को प्राप्त करने वाले लोगों को इस तरह के घोटालों में फंसने से सावधान रहना चाहिए।

 

हमने सोनी पिक्चर्स नेटवर्क से भी संपर्क किया जहां इस गेम शो का प्रसारण होता है। एक प्रवक्ता ने कहा, “यह जानकारी नकली है। जब हम इस तरह की भ्रामक जानकारी में आते हैं, हम इसे कानून प्रवर्तन प्राधिकरणों को भेजते हैं। हम चैनल पर सावधानी बरतते हैं और एक स्क्रोल चलाते हैं जिस पर इस तरह के धोखेबाजों के झांसे में न फंसने की चेतावनी दी जाती है। ”

 

लेकिन यह एकमात्र धोखाधड़ी संदेश नहीं है जिसे व्हाट्सएप उपयोगकर्ताओं ने केबीसी के नाम पर प्राप्त किया है। एक उपयोगकर्ता ने हमें एक और संदेश भेजा, “केबीसी घर बैठो जैकपॉट 2018।”

 

 

संदेश में कहा गया है, “केबीसी जीबीजेजे के लिए सवाल का जवाब देकर, आप लाखों रुपये जीत सकते हैं। आप यहां वेबसाइट के संग्रहीत संस्करण तक पहुंच सकते हैं।

 

जब हमने वेबसाइट की जांच की, तो हमने वेबसाइट के टॉप पर केबीसी और सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन की ब्रांडिंग दिखा और इसके बाद दिन का सवाल पूछा गया था। वेबसाइट प्रतिभागी के नाम और फोन नंबर के लिए भी पूछती है। इसमें विज्ञापन भी दिया गया है, जैसा कि नीचे दिए गए स्क्रीनशॉट में दिखाया गया है, जिसके माध्यम से, हर बार उपयोगकर्ता द्वारा लिंक पर क्लिक करने पर वेबसाइट के निर्माता राजस्व कमाते हैं।

 

 

लेकिन जब हमने ‘हमारे बारे में’ अनुभाग की जांच की, तो अस्वीकरण का उल्लेख है कि विशेष वेबसाइट का केबीसी या सोनी टेलीविजन मनोरंजन के साथ कुछ लेना देना नहीं है। पृष्ठ का उल्लेख है, “कृपया ध्यान दें कि यह वेब पेज न तो सोनी मनोरंजन, केबीसी, विवो, किसी अन्य व्यक्ति से संबंधित है और न ही यह किसी भी व्यक्ति को किसी भी राशि का भुगतान करने का वादा करता है।”

 

 

हमने Whois.com पर वेबसाइट के ब्योरे की जांच की है जो दिखाता है कि वेबसाइट बिहार से भगत एंड संस के नाम से पंजीकृत है।

 

 

 

लोकप्रिय गेम शो का दसवां सीजन सोनी पर 3 सितंबर से शुरु किया गया है और सोमवार से शुक्रवार, रात 9 बजे प्रसारित किया जाएगा। अमिताभ बच्चन द्वारा एंकर किए जाने वाले इस शो के 60 एपिसोड दिखाए जाएंगे। पिछले सीजन में 52 एपिसोड दिखाए गए थे।

 

 

 

 

 

 

 

 

 


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