बाल शोषण का यह वायरल वीडियो सीरिया से है, गुजरात से नहीं

वायरल पोस्ट में ये गलत दावा किया गया था कि क्लिप में दिख रहा बच्चा गुजरात के वलसाड के एक स्कूल का छात्र है और उसे उसके अध्यापक प्रताड़ित कर रहे हैं
viral video from syria

सीरिया में एक किशोर लड़के के साथ हुए दुर्व्यवहार दिखाते हुए एक वीडियो को एक झूठे दावे के साथ ऑनलाइन शेयर किया जा रहा है । इस भयावह वीडियो में दावा किया जा रहा है कि इसे गुजरात के वलसाड जिले में शूट किया गया है जिसमें एक शिक्षक एक छात्र के साथ शारीरिक दुर्व्यवहार करता हुआ दिखाई दे रहा है ।

वीडियो में एक किशोर दिखाया गया है जो लगभग निर्वस्त्र है और इसे एक व्यक्ति द्वारा बुरी तरह से पीटा जा रहा । दूसरा व्यक्ति फ़्रेम में नहीं है । लड़के की पीठ पर अमानवीय पिटाई के निशान हैं और ऐसा प्रतीत होता है कि उसके माथे से खून निकल रहा है।

इस रिपोर्ट में ग्राफ़िक तस्वीरें हैं, रीडर्स अपने विवेक का इस्तेमाल करें

ऐसा प्रतीत होता है कि क्लिप का ऑडियो जानबूझकर एडिट किया गया है।

व्हाट्सएप पर वायरल होने वाली क्लिप को भ्रामक कैप्शन के साथ फ़ैलाया जा रहा है, जिसमें लिखा है - “आप के whatsapp पे जितने भी नंबर एवं ग्रुप हैं एक भी छूटने नही चाहिए, ये वीडियो सबको भेजिए ये वलसाड के RM VM SCHOOL का टीचर है इसको इतना शेयर करो की ये टीचर और स्कूल दोनों बंद हो जाए ।”

बूम ने क्लिप को अपलोड नहीं करने का फ़ैसला किया है क्योंकि इसमें एक नाबालिग के ख़िलाफ़ हिंसा शामिल है। आप यहां फ़ेसबुक पोस्ट देख सकते हैं।

syrian boy video

फ़ैक्ट चेक

वीडियो पर रिवर्स इमेज सर्च के जरिए बूम ने पाया कि क्लिप सीरिया की है। हमें 27 फ़रवरी, 2018 का एक लेख भी मिला, जिसमें बताया गया था कि लड़के के माता-पिता से पैसे निकलवाने के लिए सीरिया के दारा में फ्री सीरियन आर्मी के एक समूह द्वारा बच्चे का अपहरण कर लिया गया था। वेबसाइट के अनुसार, वीडियो को मूल रूप से ऍफ़एसए सदस्यों द्वारा अपहृत लड़के के माता-पिता को भेजा गया था ।

मूल वीडियो में लड़का रोता हुआ दिखाई देता है और आवाजे अरबी भाषा प्रतीत होती है।

news report on syrian boy
( 2018 में अल-मसदर न्यूज में प्रकाशित घटना पर रिपोर्ट )

घटना के बारे में यहां और पढ़ें।

अल-मसदर न्यूज़ ने पिछले साल 27 फ़रवरी को यही वीडियो ट्वीट किया था।



बूम को अरबी भाषा में एक अन्य लेख भी मिला, जिसमें लड़के के बारे में और सूचना दी गई थी । लेख यहां पढ़ें।

9 वर्षीय लड़का, अब्देल अजीज अल-खतीब, उस क्षेत्र के कई छोटे गुटों के हस्तक्षेप के कारण छोड़ा गया था जो लड़के के बचाव अभियान की योजना बनाने के लिए एक साथ आए थे। लड़के के ऍफ़एसए के चंगुल से छुड़ाने के बाद ग्रुप ने फ़ेसबुक पर एक वीडियो भी पोस्ट किया था।

(फ़ेसबुक प्रोफ़ाइल पर पोस्ट किया गया वीडियो।अहरार होरन गैदरिंग अब्देल अजीज अल खतीब)

समूह की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, द फ्री सीरियन आर्मी या ऍफ़एसए एक सशस्त्र विपक्षी गुट है जो बशर अल-असद के शासन को नीचे लाने के लिए लड़ रहा है। इसकी स्थापना 2011 में सीरियाई सेना के सदस्यों द्वारा की गई थी, जिन्होंने बलों को ख़राब कर दिया था। सीरिया 2011 से एक भयानक गृहयुद्ध के केंद्र में है ।

Claim Review :   वीडियो दावा करता है की गुजरात के वालसाड में एक टीचर एक बच्चे को टॉर्चर कर रहा है
Claimed By :  Facebook pages
Fact Check :  FALSE
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