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कटा हुआ सर लेकर एक शख्स पहुंचा पुलिस स्टेशन, संप्रदायिक रंग के साथ वीडियो हो रहा है वायरल

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कटा हुआ सर लेकर एक शख्स पहुंचा पुलिस स्टेशन, संप्रदायिक रंग के साथ वीडियो हो रहा है वायरल

हाल ही में, कर्नाटक में एक व्यक्ति द्वारा दूसरे शख्स का सिर धड़ से अगल करने का मामला सामने आया है। स्थानीय पुलिस ने बूम को बताया कि इस घटना में लिंगयायत समुदाय के दो लोग शामिल थे।

 

कर्नाटक के एक पुलिस स्टेशन में कटे हुए सिर के साथ एक व्यक्ति का वीडियो तेजी से फेसबुक पर फैल रहा है। वीडियो के साथ एक झूठी कहानी फैलाई जा रही है। कहानी के मुताबिक, तमिलनाडु में एक हिंदू व्यक्ति ने एक मुस्लिम का सिर इसलिए काट दिया क्योंकि उसकी बेटी उस मुस्लिम व्यक्ति के साथ भाग गई थी।

 

विचलित कर देने वाला आत्मसमर्पण का यह वीडियो 29 सितंबर, 2018 को कर्नाटक के मंड्या जिले में फिल्माया गया था, जहां दो पुरुषों के बीच शुरु हुआ झगड़ा तब हिंसक हो गया जब एक ने दूसरे की मां के बारे में आपत्तिजनक बात कही थी। स्थानीय पुलिस ने बूम को बताया कि पीड़ित और हमलावर दोनों लिंगयायत समुदाय से संबंधित हैं। समाचार रिपोर्टों में कहा गया है कि पिछले एक महीने ( सितंबर ) में कर्नाटक में सिर काटने की यह तीसरी घटना है। यह घटना पिछले हफ्ते व्यापक रूप से रिपोर्ट की गई थी। (यहां, यहां और यहां पढ़ें)

 

“I Support R.S.S में अपने 100 मित्रों को जोड़ें” नामक एख फेसबुक समूहने 2 अक्टूबर, 2018 को एक हिंदी कैप्शन के साथ वीडियो पोस्ट किया है। पोस्ट में हमलावर के कार्यों की सराहना की गई है। हालांकि, पोस्ट को अब हटा दिया गया है, इसका संग्रहीत संस्करण तक यहां पहुंचा जा सकता है। बूम ने इस कहानी में वीडियो न डालने का फैसला लिया है।

 

 

 

 

पोस्ट के साथ टेक्स्ट कुछ ऐसा दिया गया था, “रामु राम ने अपनी बेटी को भगा के ले गया मुस्लिम लड़के का सर काट कर थाने ले गया। तमिलनाडु की घटना है। भाईयो ऐसा पहले एक हिंदू भाई शंभूनाथ ने किया था। इन दोनों भाईयों को दिल से जय श्री राम! एक समय आएगा, हर हिन्दू को अपनी बहन बेटी के लिए करना पड़ेगा। इसलिए सभी भाईयों निवेदन है, जागरुक होने की जरुरत है। यह वीडियो सभी हिंदू भाईयों के पास पहुंचा दो। जय श्री राम, जय श्री महाकालेश्वर!”

 

पोस्ट में राजस्थान के शंभुलाल रेजार को भी संदर्भित किया गया है जो वर्तमान में जेल में बंद हैं। शंभुलाल ने दिसंबर 2017 में राजस्थान के राजसमंद में एक मुस्लिम मजदूर को मौत के घाट उतार दिया था।

 

दो भाग वाले वीडियो में एक व्यक्ति को खून से लथपथ शर्ट पहने और हाथों में कटा हुआ सिर लेकर पुलिस स्टेशन आते हुए दिखाया गया है। बाद में वह व्यक्ति चौकी के प्रवेश द्वार पर बैठता है और कन्नड़ में पुलिस कर्मियों से बात करता है।

 

बूम वीडियो में दिखाई देने वाले साइन बोर्ड से पुलिस स्टेशन का नाम जांचने में सक्षम रहा है और पाया कि यह कर्नाटक के मंड्या जिले में मलावल्ली टाउन पुलिस स्टेशन है।

 

पहले वीडियो में, 00:16 सेकेंड पर सादे कपड़ों में पुलिस वाला उस व्यक्ति का नाम पूछता है, जो वह अपना नाम “पशुपति” बताता है।

 

वीडियो में आगे, 1:15 मिनट पर जब एक और सादे कपड़े पुलिसकर्मी उससे पूछता है कि वह कहां से है, तो आदमी जवाब देता है, “चिकक अब्बागिलू”। पुलिसकर्मी तब उससे पूछता है कि जिसका सिर काटा गया है उसका नाम क्या है, जिसका जवाब उसने “गिरीश” दिया और आगे उसने कहा कि “वह मेरी मां को अपशब्द (मौखिक रूप से) कहता था।

 

बूम ने मंड्या जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी), शिव प्रकाश देवराजु से भी संपर्क किया, जिन्होंने पुष्टि की कि इस घटना में कोई धार्मिक कोण नहीं है।

 

देवराजु ने बूम से कहा, “अभियुक्त जो कटे हुए सिर के साथ आया है वह पशुपति है और पीड़ित गिरीश है।”

“वे दोनों लिंगयत समुदाय से थे और दोस्त थे और घटना से तीन दिन पहले दोनों के बीच लड़ाई हुई थी। गिरीश ने कथित रूप से पशुपति की मां के लिए अपशब्द कहा था, जिससे वह नाराज हो गया। घटना वाले दिन, पशुपति उसे कॉफी पिलाने के बहाने बाहर ले गया और फिर उसे कुल्हाड़ी से मार दिया। इसके बाद बाइक पर मलावल्ली शहर पुलिस स्टेशन पहुंचा। ”

 

एसपी ने आगे कहा, “वह कटे हुए सिर के साथ पुलिस स्टेशन आया और आत्मसमर्पण कर दिया। हमने सभी विवरण प्राप्त करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। “


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