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केरल के पोनानी समुद्रतट को राम सेतु पुल बता रहा है ये वीडियो

फैक्टचेकक

केरल के पोनानी समुद्रतट को राम सेतु पुल बता रहा है ये वीडियो

अभिनेता परेश रावल सहित कई लोगों द्वारा साझा किया गया यह वायरल वीडियो राम सेतु पुल का नहीं है।

दावा: एक वीडियो जिस में दोनों तरफ समुद्र के साथ जमीन की पट्टी पर लोग चल रहे हैं, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कई लोगों का दावा है कि यह राम सेतु है, एक पुल जिसे हिंदू देवता राम ने लंका जाने और रावण से लड़ने के लिए बनाया था।

 

रेटिंग: झूठ

 

तथ्य: वायरल वीडियो में दिखाई गई प्राकृतिक घटना केरल के मलाप्पुरम के उत्तरी जिले में पोन्नानी समुद्रतट में बनाई गई एक रेत की सतह है।

 

रवि रंजन नामक एक ट्विटर उपयोगकर्ता ने भी वीडियो ट्वीट किया है। इस कहानी को लिखने समय उनके ट्वीट को लगभग 3,500 बार लाइक किया गया था और करीब 1,800 बार रीट्वीट किया गया था।

 

 

 

अभिनेता परेश रावल ने भी रंजन के ट्वीट को रीट्वीट किया था।

 

 

 

 

राम सेतु को विश्व स्तर पर एडम ब्रिज भी कहा जाता है और यह तमिलनाडु में पंबन द्वीप या रामेश्वरम द्वीप और श्रीलंका में मन्नार द्वीप के बीच स्थित है। विवादों में रहे इस पुल के बारे में कई लोगों का मानना है कि हिंदू भगवान राम ने पुल का निर्माण लंका तक पहुंचने के लिए किया था, जबकि वैज्ञानिक इसे चूना पत्थर के रेती की एक श्रृंखला की प्राकृतिक घटना कहते हैं। इस क्षेत्र का हिंदू धर्म में महान धार्मिक महत्व है।

 

पोनानी समुद्रतट का वीडियो अब फेसबुक पर एक ही गलत संदर्भ के साथ वायरल जा रहा है।

 

 

 

2 मिनट-13-सेकंड के वीडियो में कलाकार का नंबर और फोन नाम, अभिलाश विस्वा के साथ वॉटरमार्क है। बूम ने वेडिंग फोटोग्राफर विस्वा से संपर्क किया, जिन्होंने कहा कि वीडियो केरल के मलाप्पुरम जिले के पोन्नानी में फिल्माया गया है।

 

बूम से बात करते हुए विस्वा ने बताया कि, “वीडियो सितंबर में मेरे गृह नगर पोन्नानी में फिल्माया गया था। बाढ़ का पानी कम होने के बाद, पोन्नानी बीच में समुद्र में जमीन की एक पट्टी स्वाभाविक रूप से दिखाई देने लगी।“

 

“यह पट्टी, जो समुद्र में जाती है केवल रेत का संग्रह है, लेकिन लोग इस पर चलने में सक्षम हैं। इस घटना से सब आश्चर्यचकित हैं और इसलिए मैंने इसका वीडियो बनाया। ”

 

“मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह राम सेतु नहीं बल्कि केरल में समुद्र में जमीन का एक टुकड़ा है।” विस्वा ने अपने फेसबुक अकाउंट पर भी यह स्पष्टीकरण दिया है।

 

 

बूम ने पोन्नानी तालुक के तहसीलदार (राजस्व कार्यालय), अनवर सदथ से संपर्क किया, जिन्होंने राजस्व विभाग और मलाप्पुरम जिला कलेक्टर के कार्यालय के साथ पट्टी का सर्वेक्षण आयोजित किया था।

 

सदथ ने बूम को बताया कि पट्टी ठोस जमीन नहीं बल्कि रेत का सतह था।

 

सदथ ने कहा, “हमने क्षेत्र का निरीक्षण किया और पाया कि हाल के केरल बाढ़ के दौरान, पोनानी बीच में समुद्र में भारतपुझा नदी से रेत है। चूंकि भारी बाढ़ और भारी बारिश हुई थी, इसलिए एक निश्चित पट्टी के लिए रेत का भारी संचय हुआ है, जो सुमद्र में जाकर मिल रहा है। ”

 

उन्होंने कहा कि घटना नई नहीं है और हर साल होती है। “हर साल उस स्थान पर एक निश्चित मात्रा में रेत इकट्ठा होती है लेकिन यह इतनी ज्यादा नहीं होती है कि लोग इस पर चल सकें। इस साल बाढ़ के कारण अधिक मात्रा में रेत एकत्र हो गई। यह पहले से ही वापस जाना शुरू हो गया है और एक या दो महीने में चला जाएगा। ”

 

न्यूज़ आउटलेट्स ने पोन्नानी समुद्रतट में बने रेत सतह के बारे में बताया है और केरल पुलिस ने पर्यटकों को चेतावनी दी है कि वे इस पर न चलें। ( इसके बारे में यहां पढ़ें)।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 


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