दो साल पुराने गौ-रक्षकों के हमले की तस्वीर हुई गलत संदर्भ में वायरल

सोशल मीडिया पर शेयर किये गए इस पोस्ट में एक वॉइसओवर इस तस्वीर को बलात्कार की घटना से जोड़ कर पेश करता है
आपके स्क्रीन पर एक दिल दहला देने वाली तस्वीर नज़र आती है | अगले सत्ताईस सेकंड तक वो तस्वीर आपकी आँखों के सामने रहती है जबकि वॉइसओवर में आप ये सुन सकते हैं: "एक बाप की औलाद हो तो आगे भेजो और अगर दस बाप की औलाद हो तो मत भेजना | एक लड़की को मारा और घर में ले जा कर बलात्कार किया | वहाँ की पुलिस भी कुछ नहीं कर रही | क्यूंकि ये आज इसके साथ हुआ, कल आपके साथ भी होगा इसकी मदद करो हाथ जोड़ता हूँ | इस जगह अपनी बहन समझ कर इसे इतना फ़ैलाओ की मीडिया और बेटी बचाओ का नारा देने वालों तक इसे पंहुचा दो..." | ये आवाज़ एक प्री-रिकार्डेड सन्देश की तरह है | आपको बता दें की नीचे इस्तेमाल की गयी तस्वीरें डिस्टर्बिंग हैं |
इस पुरे वीडियो में सिर्फ एक तस्वीर है और उसके साथ ये वॉइसओवर जिसे पोस्ट किया गया है गीता चंदोला के फ़ेसबुक प्रोफाइल से नवंबर 10 को | फ़िलहाल इस पोस्ट को करीब 35,000 से ज़्यादा बार शेयर किया जा चूका है | इसी पोस्ट को बॉब्ब एम के फ़ेसबुक प्रोफाइल से नवंबर 13 को शेयर किया गया जहां इसे 17 शेयर्स मिले थें |  दोनों प्रोफाइल्स के आर्काइव्ड संस्करण आप यहाँ और यहाँ देख सकते हैं | बूम ने इस वीडियो को डाउनलोड किया है जिसे आप नीचे देख सकते हैं | [video width="1920" height="1080" mp4="https://hindi.boomlive.in/wp-content/uploads/sites/2/2018/11/Molestation-BOOM.mp4"][/video]
सच क्या है
बूम ने जब रिवर्स इमेज सर्च किया तो मालूम हुआ की यह तस्वीर दरअसल वर्ष 2016 की है | हमें ये भी पता चला की पोस्ट में दिखाई जा रही तस्वीर और वॉइसओवर में बयान किये जा रहे घटना का आपस में कोई सम्बन्ध नहीं है | आपको बता दे की यह तस्वीर राजस्थान की है जब 'गौ-रक्षकों' के एक समूह ने कथित पशु-तस्करों को बेरहमी से पीटा था | मिली गैज़ेट में छपे एक ख़बर के अनुसार जिस व्यक्ति की नग्न तस्वीर आप इस पोस्ट में देख रहे हैं वो एक मुस्लिम पशु व्यापारी है | इसके साथ के अन्य तीन तस्करों को भीड़ ने मार-पीट कर छोड़ दिया था मगर इस शख्स को नग्न कर के परेड कराने के बाद इसे अधमरा करके छोड़ा था |
इस सिलसिले में पुलिस ने सात लोगो को पशु तस्करी के आरोप में गिरफ्तार भी किया था | पुलिस ने कथित तस्करों पर हमला करने के लिए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया और छः को बुक किया था | हालाँकि उस वक्त इस हमले से संबंद्धित तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफ़ी वायरल हुई थी, मगर यह हाल में ही हुआ है की इसे गलत सन्दर्भ में वायरल किया जा रहा है | हुआ क्या था ? घटना राजस्थान के प्रतापगढ़ ज़िले की है जहां पुलिस ने नेशनल हाईवे 113 पर नाकेबंदी की हुई थी | पुलिस के पास ख़बर थी की कुछ लोग दो ट्रकों में बैलों की तस्करी कर रहे हैं | पहले ट्रक को अपने कब्ज़े में लेने के बाद पुलिस वालों की इस बात की ख़बर हुई की दूसरा ट्रक पीछे ही आ रहा है | पुलिस ने फ़िर से नाकेबंदी की हालांकि अब तक बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को इस बात की भनक लग चुकी थी | दूसरा ट्रक भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया मगर इसमें ढोये जा रहे बावन गरुओं में से चार मर चुके थे | इससे पहले की पुलिस इन तस्करों को हिरासत में ले पाती, बजरंग दल के सदस्यों ने भीड़ के साथ मिल कर तस्करों की पिटाई शुरू कर दी | इंडिया टुडे तथा मिली गैज़ेट ने इस ख़बर को तब काफ़ी प्रमुखता से छापा था |
Show Full Article
Next Story