Connect with us

फ़ेसबुक पर वायरल हो रहे किसान आंदोलन के नेता अय्याकानु की सच्चाई !

फैक्टचेकक

फ़ेसबुक पर वायरल हो रहे किसान आंदोलन के नेता अय्याकानु की सच्चाई !

सोशल मीडिया पर किसानों का नेतृत्व कर रहे अय्याकानु को कांग्रेस के साथ जोड़ किया जा रहा है वायरल

 

दावा: कांग्रेस द्वारा दिल्ली भेजा गया एक अत्यंत गरीब किसान 👇👇

 

रेटिंग: झूठ

 

सच्चाई: पहली फोटो में जो आदमी खोपड़ियों के साथ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी के पास बैठा दिखाई दे रहा है वो ‘अय्याकानु’ नामक तमिल नाडु का एक किसान है। अय्याकानु किसान होने के साथ साथ एक पेशेवर वकील भी है उनके साथ दूसरे किसानों ने ऋण की छूट और कावेरी प्रबंधन बोर्ड की स्थापना की मांग को लेकर वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री कार्यालय का घेराव किया था।

 

दूसरी तस्वीर में ‘द्रविड़ मुनेत्र कझागम’ (D.M.K) नामक तमिल नाडु की राजनैतिक पार्टी के अध्यक्ष एम्.के. स्टालिन अय्याकानु को बधाई देते हुए दिखाई पड़ते है। तमिल नाडु के किसानो के हक़ की आवाज़ को राजधानी दिल्ली में उठाने के लिए उनका अभिषेक किया गया था।

 

इन दोनों तस्वीरो को ‘मोनू सहाय’ नामक फ़ेसबुक यूजर ने ‘वी सपोर्ट नरेंद्र मोदी’ नामक फ़ेसबुक पेज पर शेयर किया है जहाँ इसे 6 हज़ार से ज़्यादा शेयर मिले है।

 

 

भारत भर और ख़ास तौर पर तमिल नाडु के किसानो पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ केंद्र सरकार के विरोध प्रदर्शन का राहुल गाँधी ने भी समर्थन किया था।

 

अय्याकानु के नेतृत्व में किसानों ने चूहें खा कर, जमीन पर आधे नग्न हो लेटकर , और कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले किसानों की खोपड़ीयों को लाकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन दर्शाया था।

 

अय्याकानु काफी लम्बे वक़्त से किसानो के हक़ के लिए लड़ते रहे है।  वे आरएसएस से संभंधित भारतीय किसान संघ का प्रारंभिक हिस्सा थे और राज्य के उप-महासचिव के रूप में कार्यरत भी रह चुके है ।

 

वर्ष 2014 में भारतीय जनता पार्टी  के सत्ता में आने के बाद, अय्याकानु ने केंद्र सरकार के खिलाफ किसानों के हित में विरोध शुरू कर दिया था । इसी के चलते उन्होंने भारतीय किसान संघ छोड़ दिया और किसानों के लिए अपना स्वयं का सहयोग स्थापित किया है ।

 

बूम ने अय्याकानु के सहायक प्रेम कुमार से बात की, उन्होंने बताया “हमारा किसी राजनैतिक संगठन से कोई लेना देना नहीं है , राहुल गाँधी और स्टालिन ने अय्याकानुजी के किसानों के लिए सालो से चल रहे कठिन परिश्रम की सराहना की है बस”

 

इस रिपोर्ट के सन्दर्भ में न्यूज़ रिपोर्ट्स को यहाँ , यहाँ और यहाँ पढ़ा जा सकता है।

 

 


Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

FACT FILE

Opinion

To Top