नरेंद्र मोदी का प्रचार कर रही मुस्लिम महिला की वायरल होती तस्वीर का सच

सोशल मीडिया पर एक अमरीकी यूनिवर्सिटी में वर्ष 2012 के एक कैंपेन की तस्वीर को मॉर्फ़ कर किया जा रहा है गलत सन्दर्भ में वायरल

इस वर्ष अप्रैल से शुरू होने वाले आम चुनावों से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में एक मुस्लिम महिला की प्लाकार्ड पकड़े हुए एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल की जा रही हैं।

वायरल फ़ोटो को फ़ेसबुक पर काफ़ी जगह पोस्ट किया गया है। उदाहरण के लिए यहाँ और यहाँ, और इसे 10 मार्च, 2019 को अपलोड किए जाने के बाद से धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा है।

प्रचलित छवि में एक महिला को एक हेडस्कार्फ़ पहने हुए और हिंदी में लिखे कैप्शन के साथ एक प्लाकार्ड पकड़े हुए दिखाया गया है। कैप्शन कहता है, "मोदी को अपना घर भरना होता तो वह 13 साल गुजरात का सीएम रह कर भर लेता। उसे कुर्सी से नहीं सिर्फ अपने देश से प्रेम है।"

पोस्ट के स्क्रीनशॉट को यहाँ देखा जा सकता है।

मॉर्फ़ की गयी तस्वीर का स्क्रीनशॉट

फैक्टचेक

गूगल रिवर्स इमेज कर पाया गया कि भ्रामक फ़ेसबुक पोस्ट में फ़ोटो वास्तव में अमेरिका में मुसलमानों के खिलाफ किये जा रहे स्टीरियोटाइपिंग का विरोध जताते हुए एक कैंपेन का है। यह कैंपेन वर्ष 2012 में किया गया था । यह अभियान वर्जीनिया में मैरी वाशिंगटन विश्वविद्यालय में आयोजित किया गया था। और इसी अभियान में इस महिला ने अपनी बात रखी थी।


गूगल रिवर्स इमेज

अभियान की तस्वीरें यहाँ देखी जा सकती हैं।

ज्ञात रहे की इस तस्वीर को नया रंग देकर गलत सन्दर्भ में सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है।


मूल छवि का एक स्क्रीनशॉट

Claim Review :  मोदी के लिए प्रचार करती एक अमरीकी महिला की तस्वीर हो रही है सोशल मीडिया पर वायरल
Claimed By :  Facebook posts
Fact Check :  FALSE
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