Connect with us

फ़ेक न्यूज़ के घेरे में आये अब सचिन पायलट

फ़ेक न्यूज़ के घेरे में आये अब सचिन पायलट

वायरल हुए पोस्ट में नरेंद्र मोदी के पोस्टर पर कालिख पोतता शख्स सचिन पायलट नहीं महाराष्ट्र युथ कांग्रेस अध्यक्ष सत्यजीत ताम्बे हैं

 

 

मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के चुनावी नतीजे आने के बाद सोशल मीडिया पर पुराने वीडियोस और तस्वीरों को गलत कैप्शंस के साथ वायरल करने का ट्रेंड चल निकला है | इसी ट्रेंड का ताज़ा शिकार हुए हैं राजस्थान के नए उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट |

 

हाल ही में फ़ेसबुक पर कई पेजों पर एक तस्वीर पोस्ट की गयी है | इसमें सफ़ेद कुर्ता पायजामे में एक व्यक्ति को नरेंद्र मोदी के पोस्टर पर कालिख पोतते देखा जा सकता है | अलग अलग पेजों पर इस पोस्ट के साथ अलग अलग कैप्शंस है |

 

मसलन, आयान पटेल नामक फ़ेसबुक यूज़र ने I Support R.S.S में अपने 100 मित्रों को जोड़ें पेज पर तस्वीर इस मैसेज के साथ शेयर की है: एक जीत का घमण्ड सिर चढकर बोल रहा है ।। #_पायलट खुद प्रधानमंत्री #_मोदी के पोस्टर पर कालिख पोतते हुए ।। 👇👇

#_इसी_को_कहते_हैं_विनाशकाले_विपरीत_बुद्धि ।।

 

 

 

वैसे ही श्री कांत प्रजापत नामक शख्स ने इस तस्वीर को इस कैप्शन के साथ शेयर किया है: ऐ है राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट इसकी करतूत तो देखो |

 

 

इसी पोस्ट को BHARATIYA JANATA PARTY (BJP) पेज पर भी ऐसे ही कैप्शन के साथ शेयर किया गया है |

 

 

 

 

इनमें से अधिकतर पोस्ट्स में सफ़ेद कुर्ते पायजामे में दिख रहे शख्स को सचिन पायलट बताया गया है | कैप्शन के ज़रिये ये भी कहने की कोशिश की गयी है की तस्वीर चुनावों के नतीजे आने के बाद की है | कमैंट्स सेक्शंस को देखने से पता चलता है की लोगो ने इस पोस्ट को सच मान लिया है | उनके कमैंट्स में रोष साफ़ झलकता है |

 

पोस्ट का आर्काइव्ड संस्करण यहां देखें |

 

तस्वीर का सच

 

हालांकि तस्वीर में दिखने वाला शख्स कुछ हद तक सचिन पायलट जैसा दिखता ज़रूर है मगर ये पायलट नहीं हैं | तस्वीर भी हाल-फिलहाल की नहीं है |

 

आपको बता दे की मोदी के पोस्टर पर कालिख पोतने वाला शख्स दरअसल महाराष्ट्र युथ कांग्रेस अध्यक्ष सत्यजीत ताम्बे है |

 

यह तस्वीर अक्टूबर 11, 2018 को तब ली गयी थी जब कांग्रेस के कार्यकर्ता पेट्रोल के बढ़ते कीमत पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे | मराठी भाषा के अखबार सामना तथा लोकसत्ता ने इस ख़बर को तब प्रमुखता से छापा था |

 

 

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

FACT FILE

Opinion

To Top