मुहर्रम में भाग ले रही महिला की तस्वीर जे.एन.यु में छात्रों पर पुलिस अत्याचार के रूप में वायरल

बूम ने पाया की यह तस्वीर 2005 में ली गयी थी जिसमें लेबनन देश में हुए अशुरा (मुहर्रम) में भाग लेते हुए महिला को दिखाया है
Lebanon-Story-JNU

तस्वीर जिसमें एक महिला के सर से खून बह रहा है वो मुहर्रम के एक जुलूस में भाग ले रही हैं | इस तस्वीर को फ़र्ज़ी दावों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है की महिला जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जे.एन.यु) की छात्रा है और पुलिस के अत्याचारों से घायल है |

यह तस्वीर उस समय वायरल हुई थी जब जे.एन.यु के छात्रों ने संसद तक जुलूस निकाला था ताकि उनकी मांगे पूरी हों | जे.एन.यु प्रशासन ने हॉस्टल फीस बढ़ाकर उसे करीब 50 प्रतिशत कम कर दिया | इसके बाद छात्रों और छात्राओं ने संसद तक पैदल जुलूस निकाला जिस दौरान पुलिस ने लाठी चार्ज किया और कई छात्रों और छात्राओं को घायल किया |

वायरल तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा है: "आस्था की बात करे तो फूल बरसाए जाते है और शिक्ष। की बात करे तो लाठीया बरसाई जाती है | यही असलियत है योगी और मोदी की उनका मतलब हैं कि कोई भी गरीब परिवार का छात्र शिक्षित न हो"

आप पोस्ट नीचे देख सकते है और इसका आर्काइव्ड वर्शन यहां देखें |

यह दावे ट्विटर पर भी वायरल है |

फ़ैक्ट चेक

बूम ने यही तस्वीर का पर्दाफाश पहले भी किया है जब यह कश्मीर के सन्दर्भ में वायरल हुई थी | एक रिवर्स इमेज सर्च के दौरान हमें जाफरियान्यूज़.कॉम का एक लेख मिला | यह लेख शिया न्यूज़ वेबसाइट पर 20 फरबरी, 2005 को प्रकाशित हुआ था |

Jafariya news article screenshot
लेख में प्रकाशित तस्वीर

यह तस्वीर 2005 में उस लेख के साथ प्रकाशित हुई थी जो अशुरा (मुहर्रम का दसवा दिन) पूरी दुनिया में मनाया गया था | इस तस्वीर को लेबनन में हुए इस समारोह के अंतर्गत प्रकाशित किया गया था |



Claim Review :   जे.एन.यु में छात्रों/छात्राओं पर पुलिस का अत्याचार
Claimed By :  Facebook pages and Twitter handles
Fact Check :  FALSE
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