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नक्सलियों के बारे में बात करते हुए कन्हैया का क्रॉप किया गया पुराना वीडियो गलत सन्दर्भ में वायरल

नक्सलियों के बारे में बात करते हुए कन्हैया का क्रॉप किया गया पुराना वीडियो गलत सन्दर्भ में वायरल

वायरल क्लिप में कन्हैया को कथित तौर पर यह कहते हुए दिखाया गया है कि निर्दोष आदिवासियों
को आतंकवादी के रूप में ब्रांड करके मार दिया जाता है | एनडीटीवी के साथ इस तीन साल पुराने साक्षात्कार में कन्हैया ने वास्तव में नक्सली हिंसा की निंदा की थी

kanhaiya kumar sympathising with naxals

एनडीटीवी ख़बर के रवीश कुमार के साथ कन्हैया कुमार के एक पुराने साक्षात्कार का एक क्रॉप्ड वीडियो, बुधवार को गढ़चिरौली में एक नक्सली हमले के बाद से फ़ेसबुक पर काफ़ी वायरल हो रहा है। हमले में 15 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे | इस क्रॉप्ड वीडियो में कन्हैया को नक्सलियों के साथ सहानुभूति” जताते दिखाया गया है |

फ़ेसबुक पेज ‘India272+’ द्वारा शेयर किये गए 17-सेकंड लम्बे इस क्लिप के साथ कैप्शन में लिखा है: कन्हैया कुमार नक्सलियों को मानता है भोला भाला |

क्लिप किए गए वीडियो में कन्हैया को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “किसी भोले भाले आदिवासी को नक्सली बता कर के उसको मार देना, हम इसका भी समर्थन नहीं करते | और ये लोग, जो भोले-भाले आदिवासी को भी मारते हैं, उन्हें नक्सली बता कर मारते हैं, आज जो है, वो लोग जो आदिवासियों के पक्ष में खड़े हो रहें हैं, उनको नक्सली बता कर के मार रहे हैं |” यहां क्लिप अचानक से समाप्त हो जाती है |

kanhaiya kumar sympathises with naxals

आप वीडियो यहां देख सकते हैं और इसके अर्काइव्ड वर्शन तक यहां पहुंचा जा सकता है।

फ़ैक्ट चेक

बूम ने ‘Ravish interviews Kanhaiyaa ‘ की वर्ड के साथ इंटरनेट सर्च किया और पाया की मूल वीडियो को 4 मार्च 2016 को एनडीटीवी के यूट्यूब पेज पर अपलोड किया गया था ।

इस साक्षात्कार से एक भाग को काट कर, भ्रामक कैप्शन के साथ शेयर किया गया है। नीचे मूल साक्षात्कार देखें।

बूम ने यहां जो हिस्सा शेयर किया है, उसमें कन्हैया का पूरा बयान शामिल है जिसमें उन्होंने कहा है: अब देखिए मेरे घर में, मेरा भाई जो सीआरपीएफ में था, मारा गया । मज़ेदार बात यह है कि जो मुझे पूछा जाता है की ‘तुम नक्सली लोग’… लेकिन इस बात को कैसे मिला दिया जाता है | नक्सली हिंसा अपने जगह पर गलत है और हम उसको समर्थन नहीं करते हैं । लेकिन किसी भोले भाले आदिवासी को नक्सली बता कर के उसको मार देना, हम इसका भी समर्थन नहीं करते । और ये लोग, जो भोले-भाले आदिवासी को भी मारते हैं, उन्हें नक्सली बता कर मारते हैं, आज जो है, वो लोग जो आदिवासियों के पक्ष में खड़े हो रहें हैं, उनको नक्सली बता कर के मार रहे हैं |

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Sumit is a fact checker and the News Editor of Boom's Hindi wing. In the six years of his journalistic career, he has worked with the New Indian Express, Times of India and Deccan Chronicle. The dynamic nature of digital media finally made him take the leap from print to online, and don the hat of a digital detective.

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