नरेंद्र मोदी और हाफ़िज़ सईद की हाथ मिलाती हुई ये तस्वीर फ़ेक है

इस फ़ेक तस्वीर को सोशल मीडिया पर इस दावे के साथ वायरल किया जा रहा है की मोदी पाकिस्तान में हाफ़िज़ सईद से मिले थे

सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफीज़ सईद की एक तस्वीर को गलत सन्दर्भ में वायरल किया जा रहा है। वायरल तस्वीर के साथ एक कैप्शन में दावा किया गया है: भारत का छुपा हुआ असली गद्दार कौन संघ और बीजेपी क्यों है मौन

इस तस्वीर को अलग-अलग कैप्शन के साथ वायरल किया जा रहा है। फ़ेसबुक पर एक कैप्शन कहता है "आज़म खान ने जारी की फ़ोटो हाफ़िज़ सईद और मोदी पाकिस्तान में मिलते हुए , देखो देश द्रोहियो गद्दार कौन" |

फ़ेसबुक पर इस तस्वीर को 'अनिल शर्मा' नामक अकाउंट पर एक लाख़ पचास हज़ार से ज़्यादा बार शेयर किया जा चुका है।

आपको बता दे की वायरल हुआ ये पोस्ट फ़ेक है और मोदी से हाथ मिलाता हुआ शख़्स हाफ़िज़ सईद नहीं कोई और है |

इस पोस्ट का आर्काइवड लिंक यहाँ देखा जा सकता है।

इस तस्वीर को ट्वीट भी किया गया है।

फैक्टचेक

गूगल रिवर्स इमेज सर्च के ज़रिये हमें पता लगा की असल तस्वीर में नरेंद्र मोदी के साथ दरअसल पाकिस्तान के पूर्व-प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ खड़े हैं ना की हाफ़िज़ सईद |


गूगल रिवर्स इमेज सर्च

पोस्ट में इस्तेमाल की गई तस्वीर मॉर्फ्ड है और इसमें शरीफ़ के स्थान पर हाफ़िज़ सईद की तस्वीर को जोड़ा गया है | असल तस्वीर वर्ष 2015 की है जब प्रधानमंत्री मोदी लाहौर में नवाज़ शरीफ़ से मिलें थे |

इस दौरे की जानकारी देते हुए मोदी ने तब खुद एक ट्वीट किया था जिसमे शरीफ़ को उन्होंने जन्मदिन की बधाई दी थी |

प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो ने भी इस दौरे से सम्बंधित तस्वीरों को ट्वीट किया था।

ज्ञात रहे की कश्मीर के पुलवामा में हुए C.R.P.F जवानों पर आत्मघाती हमले में 40 से ज़्यादा जवानों की जान गयी थी। इस हमले के बाद कई भारतीय राजनेताओं की तस्वीरों मॉर्फ़ कर सोशल मीडिया पर वायरल की जा रही हैं । बूम ने इसे विषय से जुड़ी एक न्यूज़ रिपोर्ट की है जिसे यहाँ पढ़ा जा सकता है।

Claim Review :  नरेंद्र मोदी पाकिस्तान में हाफ़िज़ सईद से हाथ मिला रहे थे
Claimed By :  Facebook posts
Fact Check :  FAKE
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