Connect with us

महाराष्ट्र के अम्बा देवी मंदिर में मॉक ड्रिल को कश्मीर में सेना के अत्याचार के रूप में किया जा रहा है शेयर

महाराष्ट्र के अम्बा देवी मंदिर में मॉक ड्रिल को कश्मीर में सेना के अत्याचार के रूप में किया जा रहा है शेयर

बूम ने पाया कि वीडियो में महाराष्ट्र के अमरावती में पुलिस अधिकारियों द्वारा आयोजित एक मॉक ड्रिल दिखाई गयी है

Amba devi temple

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है । वीडियो में पुरुषों के एक समूह को मुकाबला करते हुए दिखाया जा रहा है । दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो सेना द्वारा कश्मीरियों पर किए जा रहे अत्याचार का है । यह दावा ग़लत है ।

वीडियो में पुरुषों के एक समूह को लड़ाई के कपड़े पहने हुए दिखाया गया है जो कम से कम पांच पुरुषों को ले जा रहे हैं जिनमें से दो को हथकड़ी लगाई गई है और बाद में उन्हें घुटने पर बैठाते हैं ।

वायरल क्लिप के साथ कैप्शन में लिखा है, “कश्मीर में कहां है शान्ती ????????? दलाल मीडिया दिखाता क्यो नही????”

आप दावे के साथ वीडियो से स्क्रीनशॉट नीचे दिए गए हैं । वीडियो को शेयर करने वाले ट्विटर हैंडल को निलंबित कर दिया गया है ।

Tweet on kashmir
Tweet on kashmir 2

फ़ैक्ट चेक

बूम ने क्लिप को ध्यान से देखा और वीडियो को कीफ़्रेमों में तोड़ा । हमनें एक फ्रेम को ज़ूम किया और पाया कि भवन के प्रवेश द्वार के ऊपर श्री अम्बा देवी मंदिर लिखा हुआ है जहां बंदियों को लाइन में खड़ा किया गया है ।

Related Stories:
Amba devi

साथ ही वीडियो में आवाजें मराठी में बोलते हुए सुनी जा सकती हैं । वर्दी और बंदी दोनों के आरामदायक हाव-भाव सुझाव देते हैं कि घटना वास्तविक नहीं थी । बूम ने तब ‘अंबा देवी मंदिर में मॉक ड्रिल’ कीवर्ड का उपयोग किया और 31 जुलाई, 2019 को यूट्यूब पर अपलोड किया गया वही वीडियो पाया । वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा गया है ‘मिलिट्री ड्रिल अम्बा देवी मंदिर’।

( 31 जुलाई, 2019 को अपलोड किया गया वीडियो )

बूम को उसी वीडियो का एक लंबा वर्शन मिला, जिसने यह स्पष्ट किया कि यह घटना वास्तव में पुलिस अधिकारियों द्वारा 27 जुलाई, 2019 को की गई एक मॉक ड्रिल थी ।

एक पुलिस अधिकारी को विदर्भ न्यूज़ के रिपोर्टर से इस बात की पुष्टि करते देखा जा सकता है कि ऑपरेशन एक मॉक ड्रिल था । बम डिस्पोजल एंड डिटेक्शन स्क्वाड (BDDS), क्विक रेस्पॉन्स टीम (QRT), आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस), डॉग स्क्वायड और स्थानीय पुलिस कर्मियों ने मॉक ड्रिल में भाग लिया था ।

आगामी त्योहारी मौसम में किसी भी अप्रिय घटना के लिए तैयार रहने के लिए 27 जुलाई को सुबह 11.15 बजे घंटे भर की मॉक ड्रिल आयोजित की गई थी । बूम ने मॉक ड्रिल में आतंकवादियों के रूप में दिखने वाले और वायरल वीडियो में कथित आतंकवादियों की तस्वीरों की तुलना की और उन्हें समान पाया।

Mock drill footage comparison
( यूट्यूब की तस्वीरें और वायरल क्लिप )

बम ने यह भी पाया कि हाल ही में महाराष्ट्र के अंबा देवी मंदिर से तीन आतंकवादियों के पकड़े जाने के दावे के साथ यही वीडियो पहले भी वायरल हुआ था ।

(बूम अब सारे सोशल मीडिया मंचो पर उपलब्ध है | क्वालिटी फ़ैक्ट चेक्स जानने हेतु टेलीग्राम और व्हाट्सएप्प पर बूम के सदस्य बनें | आप हमें ट्विटर और फ़ेसबुकपर भी फॉलो कर सकते हैं | )

Claim Review : कश्मीर में सेना द्वारा किया गया अत्याचार

Fact Check : FALSE

Sumit is a fact checker and the News Editor of Boom's Hindi wing. In the six years of his journalistic career, he has worked with the New Indian Express, Times of India and Deccan Chronicle. The dynamic nature of digital media finally made him take the leap from print to online, and don the hat of a digital detective.

Click to comment

Leave a Reply

Your e-mail address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

FACT FILE

Recommended For You

To Top