मोदी-ट्रंप के पोस्टर पर पेशाब करते शख़्स की तस्वीर मॉर्फ़ड है

बूम ने पाया कि दोनो तस्वीरों को एडिट किया गया है। पेशाब ना करने का निर्देश देने वाला कोई टेक्स्ट नहीं था और ना ही किसी व्यक्ति ने वहां पेशाब किया था

सोशल मीडिया पर दो तस्वीरों का एक सेट वायरल हो रहा है। तस्वीरों में एक व्यक्ति को दीवार पर बने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक म्यूरल पर पेशाब करते हुए दिखाया गया है । तस्वीर में एक टेक्स्ट भी है जिसमें वहां पेशाब ना करने का निर्देश दिया गया है। बूम ने पाया की तस्वीरों का यह सेट फ़र्ज़ी है और इसे मॉर्फ़ किया गया है।

24 फरवरी, 2020 को ट्रम्प अहमदाबाद की यात्रा करने वाले हैं और इससे ठीक पहले ही ऐसी तस्वीरें वायरल हो रही हैं। उनके इस यात्रा से पहले शहर को कथित तौर पर एक अलग रुप दिया जा रहा है। दोनों मॉर्फ़ की गई तस्वीरों में से एक में एक शख़्स को दोनों नेताओं के कैरिकेचर के बगल में पेशाब करते हुए दिखाया गया है । दूसरे तस्वीर में ऑर्ट पर काम होते हुए दिखाया गया है। और साथ ही मार्फ़्ड मैसेज है जिसमें परिसर में थूकने और पेशाब ना करने की बात कही गई है ।

तस्वीर में एक टेलेफ़ोन नंबर का एक हिस्सा नज़र आता है जो शायद किसी सेक्सोलॉजिस्ट का है | बूम ने पाया कि दोनों तस्वीरों को एडिट किया गया है और ना तो वहां पेशाब ना करने का निर्देश है और ना ही किसी शख़्स ने वहां पेशाब किया है |

नीचे एक ऐसा ही ट्वीट है जिसमें लिखा है, "लोगों द्वारा #मोदी पर पेशाब करना शुरू कर देने के बाद अब वो दीवार पर पेशाब नहीं करने का अनुरोध कर रहे हैं, लेकिन मुझे पता नहीं कि वे सेक्स रोगी क्यों कह रहे हैं।"



ट्वीट का अर्काइव वर्शन देखने के लिए यहां क्लिक करें।


दोनों तस्वीरों में से एक को कांग्रेस के डिजिटल संचार और सोशल मीडिया के राष्ट्रीय समन्वयक गौरव पांधी ने भी ट्वीट किया था ।



पेशाब करने वाले व्यक्ति की तस्वीर को कई अन्य वेरीफ़ाइड ट्विटर यूज़र्स द्वारा भी शेयर किया गया था |


ट्वीट यहां अर्काइव किया गया है।


फ़ैक्ट चेक

बूम ने पाया कि दोनों तस्वीरों को मॉर्फ़ किया गया है और पेशाब करने वाले व्यक्ति और उस जगह पेशाब ना करने और ना थूकने वाले मैसेज को अलग से जोड़ा गया है।


इमेज 1


बूम ने रिवर्स इमेज सर्च के ज़रिये पता लगाया की ये तस्वीर पहली बार 18 फ़रवरी को लॉस एंजिल्स टाइम्स के एक लेख में प्रकाशित हुई थी, जिसके हेडलाइन का हिंदी अनुवाद कुछ इस प्रकार था, " ट्रम्प यात्रा के पहले भारत ने जल्द ही झुग्गी को छुपाने के लिए दीवार का निर्माण किया।" यह फोटो अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस फोटोग्राफर अजीत सोलंकी ने ली थी। तस्वीर को एपी स्टॉक इमेजेज़ में भी देखा जा सकता है।
इमेज के साथ दिए गए कैप्शन में लिखा है, "ट्रम्प की यात्रा से पहले, भारत के अहमदाबाद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के पोस्टर के सामने से गुजरता एक शख़्स । ट्रंप 24 फ़रवरी को अपनी भारत यात्रा के दौरान शहर का दौरा करने वाले हैं। (एपी फोटो / अजीत सोलंकी)।"





बूम को पेशाब करने वाले व्यक्ति का स्क्रीनशॉट भी मिला, यह भ्रामक रूप से तस्वीर में डाला गया था। इसी व्यक्ति को एक वीडियो में देखा जा सकता है जिसे 2012 में यूट्यूब पर अपलोड किया गया था। वीडियो में दिल्ली के राजौरी गार्डन मेट्रो स्टेशन के पास इस व्यक्ति को सार्वजनिक तौर पर पेशाब करते हुए देखा जा सकता है।





( बाएं: मूल तस्वीर, दाएं: एडिटेड तस्वीर। )


इमेज 2


एक अन्य तस्वीर, जिसमें सार्वजनिक रूप से पेशाब ना करने और ना थूकने की बात कही गई, 18 फ़रवरी को हिंदुस्तान टाइम्स के एक लेख में प्रकाशित हुई थी। 

लेख का शीर्षक था, "गुजरात सीएम ने 'नमस्ते ट्रम्प' की तैयारियों की देखरेख के लिए मोटेरा स्टेडियम का दौरा किया।" तस्वीर को समाचार एजेंसी पीटीआई ने क्लिक किया था। इसके साथ दिए गए कैप्शन में लिखा गया है, "एक मार्ग के सौंदर्यीकरण के हिस्से के रूप में एक दीवार पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चित्रों को फिनिशिंग टच देता हुए एक शख्स।"





Updated On: 2020-02-21T19:09:36+05:30
Claim Review :  अहमदाबाद की एक दीवार पर बने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और प्रधानमंत्री मोदी के म्यूरल पर एक व्यक्ति ने पेशाब किया
Claimed By :  Facebook pages and Twitter handles
Fact Check :  False
Show Full Article
Next Story