करतारपुर कॉरिडोर: नवजोत सिद्धू के नकली ट्विटर हैंडल ने मचाई हलचल

अकाउंट से पहला ट्वीट पाकिस्तान के प्रधान मंत्री के नाम किया गया। इस ट्वीट को 3000 से ज्यादा बार रीट्वीट किया गया है और करीब 19000 लाइक प्राप्त हुए हैं ।
( गुरदासपुर : पंजाब कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने 25 अगस्त, 2018 को पंजाब के गुरदासपुर में भारत-पाक सीमा पर दूरबीनों के माध्यम से गुरुद्वारा करतरपुर साहिब में पूजा की थी। (फोटो: आईएएनएस) पंजाब मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के नकली अकाउंट (@Navjot_S_Si) द्वारा एक ट्वीट ने ट्वीटर पर हलचल मचा दिया है। इस ट्वीट में करतारपुर कॉरिडोर खोलने के लिए पाकिस्तान के प्रधान मंत्री इमरान खान का धन्यवाद दिया गया है। ट्वीट को 3000 से अधिक बार रीट्वीट किया गया है और 19000 लाइक प्राप्त हुए हैं, जो पहले ट्वीट के लिए काफी असामान्य है। निमंत्रण के लिए खान का धन्यवाद करने के साथ-साथ, ट्वीट में सभी सिख समुदाय की ओर से पाकिस्तान का भी धन्यवाद किया गया है और पाकिस्तान को अपना दूसरा घर कहा गया है।
ट्वीट के संग्रहीत संस्करण के लिए यहां क्लिक करें। हालांकि बहुत कम ट्विटर उपयोगकर्ताओं ने बताया कि अकाउंट नकली है, अन्य उपयोगकर्ताओं ने पाकिस्तान में उनका स्वागत करते हुए ट्वीट किया है या निमंत्रण स्वीकार करने के लिए उनकी आलोचना की है। फर्जी ट्वीटर अकाउंट एक महीने पहले बनाया गया है। ट्विटर बायो दिखाता है कि अकाउंट अक्टूबर 2018 में बनाया गया था और विवरण कहता है, 'आई लव इंडिया'। ट्विटर विश्लेषणात्मक टूल Tweetbeaver पर खाते का विश्लेषण दिखाता है कि यह 24 अक्टूबर, 2018 को बनाया गया था। अकाउंट के 2,500 से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, जबकि इससे 9 बार ट्वीट किया गया है जिसमें से ज्यादातर करतारपुर कॉरिडोर से संबंधित हैं। इस अकाउंट ने 22 नवंबर, 2018 को सिद्धू के मूल अकाउंट
@sherryontopp
से भी एक ट्वीट लिया है। ट्वीट में उन्होंने पाकिस्तान के प्रधान मंत्री का शुक्रिया अदा किया और उन्हें 'अनमोल' बताया है जबकि कॉरिडोर खोलने के लिए 'मानव जाति के लिए महान सेवा' के रूप में संदर्भित किया है। ट्वीट्स के लिंक के लिए यहां और यहां क्लिक करें। सिद्धू का मूल अकाउंट @sherryontopp अप्रैल 2013 में बनाया गया एक सत्यापित खाता है और इसमें लगभग 4 लाख फॉलोअर्स हैं। ' करतारपुर कॉरिडोर खोले जाने पर सिद्धू की प्रतिक्रिया क्या थी?
पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू, जो कॉरिडोर की वकालत कर रहे हैं, उन्होंने इसे बनाने के केंद्र के फैसले का स्वागत किया। 23 नवंबर, 2018 को, विदेश मामलों के मंत्रालय द्वारा पाकिस्तान सरकार को फैसला सूच्य करने के बाद गुरु नानक की 550 वीं जयंती पर करतारपुर कॉरिडोर खोलने की घोषणा की गई। सिद्धू ने पाकिस्तान के प्रधान मंत्री को भी अपनी ट्वीट्स में धन्यवाद दिया।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री द्वारा निमंत्रण के जवाब में सिद्धू ने कहा कि उनका आवेदन विदेश मंत्रालय को पहले से ही जमा कर दिया गया है। जबकि सिद्धू ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया, पंजाब के मुख्यमंत्री कप्तान अमरिंदर सिंह ने भारतीय सैनिकों की लगातार हत्याओं और पाकिस्तान द्वारा आतंकवादी हमलों का हवाला देते हुए निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया है। हालांकि, उन्होंने ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह को 'ऐतिहासिक अवसर' कहा। जब उनसे सिद्धू के आमंत्रण स्वीकार करने के संबंध में पूछा गया तो सिंह ने
कहा
, 'यह सोचने का उनका तरीका है' और जब भारतीय सैनिकों की हत्या हो रही है तो वो ऐसा नहीं कर सके। करतारपुर कॉरिडोर सिख तीर्थयात्रियों के लिए पाकिस्तान में रवि नदी के तट पर स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर के लिए
वीज़ा मुक्त
पहुंच सक्षम करेगा। कहा जाता है कि इसी जगह गुरु नानक ने अपनी मृत्यु के आखिरी सालों गुजारे थे। नानक की मृत्यु 1539 में हुई थी। गुरुद्वारा पाकिस्तान के नरोवाल जिले में लाहौर से 120 किलोमीटर दूर स्थित है। कॉरिडोर पंजाब के गुरदासपुर में डेरा बाबा नानक को पाकिस्तान के गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर से जोड़ देगा। कॉरिडोर भारतीय सीमा से 4 किमी दूर है। भारत में सिख समुदाय लंबे समय से इस कॉरिडोर की मांग कर रहा था और पहली बार 1999 में पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की लाहौर की यात्रा पर प्रस्तावित किया गया था। 26 नवंबर, 2018 को उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भारत के तरफ के कॉरिडोर की नींव रखी।
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