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सैनिकों द्वारा कश्मीरी को यातना देने का वीडियो भारत का या पाक का ? हमारी पड़ताल

सैनिकों द्वारा कश्मीरी को यातना देने का वीडियो भारत का या पाक का ? हमारी पड़ताल

पाकिस्तानी पत्रकार हामिद मीर ने एक वीडियो साझा करते हुए कश्मीर में भारतीय सेना द्वारा अत्याचार करने का आरोप लगाया है। हालांकि, यह वीडियो पाकिस्तान से प्रतीत होता है।


पाकिस्तानी पत्रकार हामिद मीद ने एक वीडियो साझा करते हुए भारतीय सेना पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मीर का आरोप है कि भारतीय सेना कश्मीरी युवक पर अत्याचार कर रही है। लेकिन बूम के विश्लेषण से पता चलता है कि यह वीडियो पाकिस्तान का ही है।

वीडियो में एक शख्स को खाट से बंधा हुआ दिखाया गया है जिसे कुछ सैनिक पीट रहे हैं। ये लोग, जिनका चेहरा नहीं देखा सकता है, बार-बार पूरे जोर के साथ बंधे हुए शख्स को मार रहे हैं। कम से कम चार लोग मिल कर पिटाई कर रहे हैं, जबकि एक शख्स दूर खड़े होकर पूरे घटना को देख रहा है।

 

पिटाई करने वाले सैनिकों को हिंदी में बोलते सुना जा सकता है जो बंधे हुए शख्स से अपने कमांडर का नाम खुलासा करने के लिए बोल रहे हैं। एक शख्स पूछ रहा है, “बता दियो।” जब बंधा हुआ शख्स कहता है, “पता नहीं”, तो सैनिक उसकी और पिटाई करते हैं। वीडियो क अंत में उनमें से एक सैनिक फिर पूछता है, “कमांडर का नाम बता…बता दे” और बंधा हुआ शख्स फिर कुछ भी जानने से इंकार करता है।


 

मीर ने शुक्रवार को भारत सरकार पर निशाना साधते हुए वीडियो ट्वीट किया और आरोप लगाया कि यही कारण है कि नई दिल्ली ने इस्लामाबाद के साथ राजनयिक वार्ता रद्द कर दी है। उन्होंने यह भी लिखा कि वीडियो में दिखाए गए यातना के बारे में पाकिस्तान सवाल उठाएगा।

 

नोट: नीचे दिए गए वीडियो में हिंसा शामिल है। दर्शकों को अपने समझ और विवेक इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।

 

 

इस कहानी को लिखने के समय मीर के ट्वीट को 13,300 से अधिक लाइक मिले थे और 9,700 बार रिट्वीट किया गया था।

 

टिप्पणियों के अनुभागों में, कई ट्विटर उपयोगकर्ताओं ने यह बताया कि वीडियो पाकिस्तान से था, न कि भारत से। कुछ उपयोगकर्ताओं ने टिप्पणी की कि वीडियो में दिखाया गया रुटीन पाकिस्तानी सेना के भीतर विशेष बल को दिए गए सर्वाइवल इवेशन रीजिस्टन्स एस्केप (एसईआरई) प्रशिक्षण का हिस्सा है।

वीडियो के एक विश्लेषण से पता चलता है कि इसमें दिखाए गए सैनिक भारतीय नहीं हैं। वीडियो में 7वें सेकंड पर ‘अर्धचन्द्राकार और सितारा ’, जो पाकिस्तान के झंडे का हिस्सा है, शख्स से पूछताछ करने वाले पुरुषों में से एक की टी-शर्ट पर देखा जा सकता है।

 

 

Pakistan’s flag

 

बूम ने यह भी पाया कि इसी वीडियो को विभिन्न कैप्शन के साथ पहले भी ऑनलाइन साझा किया गया था। इसी वीडियो के साथ एक बार यह भी आरोप लगाया गया था कि किस प्रकार पाकिस्तान की सेना ने बलूच समर्थकों को “यातना” दी है जबकि अन्य विवरणों में कहा गया है कि यह पाकिस्तानी सेना के एक कुलीन कमांडो बल, विशेष सेवा समूह (एसएसजी) को दिए गए प्रशिक्षण का वीडियो था।

 

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शाहब बलूच नामक एक फेसबुक पेज ने 5 जुलाई, 2018 को यही वीडियो अपलोड किया था। वीडियो में कैप्शन “पाकिस्तानी सेना द्वारा एक युवा बलूच का उत्पीड़न” दिया गया था ।

यूट्यूब चैनल ‘युनाइटेड स्टेट ऑफ पाकिस्तान‘ ने 29 अगस्त, 2018 को यही वीडियो अपलोड किया था। वीडियो के साथ कैप्शन कुछ ऐसे दिया गया था, “पाक आर्मी के एसएसजी कमांडोस की ट्रेनिंग की खौफनाक वीडियो… मस्ट वॉच।”

बूम यूट्यूब पर एक अन्य एसएसजी प्रशिक्षण वीडियो ढूंढने में सफल रहा जिसमें एसएसजी उम्मीदवारों को समान रुप से पीटते दिखाया जा रहा था। वीडियो में सेना वर्दी पहने एक शख्स को खाट से बांधे दिखाया गया है जबकि समान तरह की वर्दी में चार अन्य सैनिक उसे घेर कर पीटते नजर आ रहे हैं।

हामिद मीर और यूट्यूब वीडियो द्वारा साझा किए गए वीडियो में खाट समान दिखाई देता है और नीचे लेटे शख्स को पकड़ने का तरीका और मारते हुए लिए गए विराम का समय भी समान हैं।


एक वीडियो क्लिप जिसका टाइटल ‘पाकिस्तान आर्मी स. स. जी ट्रेनिंग ‘ दिखाई पड़ता है उससे मलूम होता है की इंटेररोगेशन हिंदी भाषा में हुआ पंजाबी लहजे में।


इस फोटो में पाकिस्तानी ध्वज की आकृति साफ़ दिखाई देती है

हम पाकिस्तान रक्षा अकाउंट (@defencedotpk) द्वारा किए गए एक ट्वीट को भी ढूंढ पाए। पाकिस्तान रक्षा, पाकिस्तान की रक्षा बलों और भू-राजनीतिक मामलों से संबंधित विषयों के लिए एक ऑनलाइन मंच है। अपने फेसबुक पेज के मुताबिक यह एक अंतरराष्ट्रीय वैचारिक संस्था द्वारा चलाया जाता है, और पाकिस्तान के समर्थन और भारत विरोधी सामग्री को ट्वीट करने के लिए जाना जाता है। हालांकि अकाउंट आधिकारिक नहीं है, लेकिन ट्विटटर पर इसके 1,05,000 से ज्या फॉलोअर हैं।

पाकिस्तान रक्षा उद्धरण ने हामिद मीर के ट्वीट को ट्वीट किया और कहा, “यह वीडियो पाकिस्तानी सेना के विशेष सेवा समूह (एसएसजी) से संबंधित है। यह एसईआरई प्रशिक्षण व्यवस्था के तहत “यातना प्रूफिंग” नामक एक प्रशिक्षण मॉड्यूल का एक आवश्यक हिस्सा है। प्रत्येक एसएसजी ट्रेनी को यातना के अधीन किया जाता है। इस वीडियो का इस्तेमाल कई लोगों द्वारा गलत विवरणों के साथ किया गया है। ”

 

हालांकि, अकाउंट ने बाद में ट्वीट हटा दिया। उस प्रोफाइल के संग्रहीत संस्करण को देखने के लिए यहां क्लिक करें जिसने इसे रीट्वीट किया था।

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A former city correspondent covering crime, Nivedita is a fact checker at BOOM and works to stop the spread of disinformation and misinformation. When not at work, she escapes into second-hand bookstores, looking for magic or a mystery.

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