माँ-बेटे की इस तस्वीर के साथ किये जा रहे दावे का सच क्या है?

बूम ने पाया कि यह पहला मौक़ा नहीं है जब यह तस्वीर इसी दावे के साथ वायरल हुई है. बूम तस्वीर के साथ किये गए दावे का फ़ैक्ट कर चुका है.

Claim

"सऊदी की इस #मुस्लिम_महिला ने पति के इंतकाल के बाद अपने ही #सगे_बेटे से किया #निकाह आखिर यही तो है इस्लाम"

Fact

बूम ने पाया कि यह पहला मौक़ा नहीं है जब यह तस्वीर इसी दावे के साथ वायरल हुई है. बूम तस्वीर के साथ किये गए दावे का फ़ैक्ट कर चुका है. तब हमने अपनी जांच में पाया था कि वायरल पोस्ट का दावा फ़र्जी है. हालांकि, ये तस्वीर मां-बेटे की ही है लेकिन माँ ने अपने बेटे से निकाह नहीं किया है बल्कि बेटे ने ‘ख़त्म उल क़ुरान’ यानी कुरान शरीफ का पाठ पूरा किया है. ख़त्म उल क़ुरान यानी पूरी क़ुरान पढ़कर ख़त्म करना. बूम को यांडेक्स रिवर्स इमेज सर्च में तस्वीर से जुड़े कई पोस्ट्स मिलें. फ़ेसबुक पर 31 जनवरी, 2020 को पोस्ट किए गए फ़ोटो के साथ लिखा था कि “आज मेरे बेटे ने कुरान का पाठ पूरा कर लिया बच्चे को बधाई देकर मैसेज शेयर करें." हालांकि हम यह तो पता नहीं लगा सके की तस्वीर कहाँ ली गयी थी, परन्तु यह सुनिश्चित किया जा सकता है की तस्वीर माँ और बेटे की है जो आपस में शादी शुदा नहीं हैं.

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Claim Review :   सऊदी अरब में मुस्लिम महिला ने अपने बेटे से निकाह किया
Claimed By :  Social Media Users
Fact Check :  False
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