टीयर गैस ट्रेनिंग का वीडियो भारतीय सेना की क्रूरता बता कर किया गया वायरल

बूम को ऐसे ही प्रशिक्षण वीडियो मिले जिससे प्रतीत होता है कि इस वायरल क्लिप में कमांडोज़ को टीयर-गैस झेलने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है

सुरक्षा बलों के जवानों का एक वीडियो - जिसे देख कर प्रथम दृष्टया ये लगता है की इसमें जवानो को टीयर गैस प्रशिक्षण दिया जा रहा है - फ़र्ज़ी दावों के साथ वायरल है | सोशल मीडिया पर यह क्लिप इस दावे के साथ शेयर की जा रही है की ये भारतीय सेना द्वारा किया गया जातिगत अत्याचार है। आपको बता दे, यह दावा झूठा है।

45 सेकंड लंबे इस वीडियो में मिलिट्री वर्दी पहने कुछ लोग जमीन पर बैठे हैं और दो व्यक्ति कैनिस्टर से धुआँ छोड़ते हैं। कुछ सेकंड तक धुआँ सहने के बाद यूनिफार्म पहने लोग खांसने लगते हैं ।

फिर एक और व्यक्ति नीचे बैठे पुरुषों के इर्द गिर्द घूमकर गैस के कैनिस्टर से धुआँ छोड़ता हैं। इस व्यक्ति के जम्पर के पीछे 'कमांडो' लिखा है। वायरल वीडियो के साथ अंग्रेजी में कैप्शन है, जिसका अनुवाद है: 'भारतीय सेना ने रासायनिक हमले की कवायद की - कोई सुरक्षात्मक उपकरण, कोई परिशोधन उपाय नहीं, अमानवीय! क्या ये सैनिक भारत में नीची जाति के सदस्य हैं?'

वायरल वीडियो को नीचे देखें और इसका आर्काइव यहां और यहां देखें।



इसी वीडियो को दूसरे ट्विटर हैंडल से अलग दावे के साथ शेयर किया गया है। इसका अनुवाद है: 'इस तरह नेपाली गोरखा सैनिकों के साथ भारतीय सेना बर्ताव करती है। उन्हें सबसे बहादुर योद्धा के रूप में जाना जाता है लेकिन उनके साथ नीची जाति के सैनिकों जैसा बर्ताव होता है। यह बिना किसी सुरक्षात्मक उपकरण के एक रासायनिक हमला ड्रिल है। इससे स्थायी नुकसान हो सकता है



इस ट्वीट को नेपाली ट्विटर हैंडल से भी कोट-ट्वीट किया गया है।




वीडियो को इसी दावे के साथ फ़ेसबुक पर भी शेयर किया गया है। (आर्काइव)

फ़ैक्ट चेक

वीडियो के कई फ्रेमों पर रिवर्स इमेज सर्च का कोई नतीजा नहीं निकला। फिर बूम ने ट्वीट के नीचे कमैंट्स पढ़े, जहाँ कई ट्विटर यूज़र्स ने इसे कमांडोज़ के लिए किया गया टीयर गैस प्रशिक्षण बताया था।

वीडियो में दिख रहे एक व्यक्ति के जम्पर के पीछे 'कमांडो' लिखा भी है।

हमने 'Commando tear gas training' ('कमांडो टीयर गैस प्रशिक्षण') के साथ कीवर्ड सर्च किया और वायरल वीडियो से मिलता-जुलता एक वीडियो पाया। यह क्लिप यूट्यूब पर सितंबर 1, 2019 को डाला गया था। इसका शीर्षक है: 'NSG Commando Training by Tear gas' ('NSG कमांडो की टियर गैस के साथ ट्रेनिंग')

वीडियो नीचे देखें:

वीडियो में पुरुषों का एक समूह दिखाई देता है, जिसने सेना के कपड़े पहने है। उनकी पीठ पर सीरियल नंबर हैं और उनपर भी टीयर गैस छोड़ा जा रहा है, जैसा वायरल वीडियो में दिखाया गया है । वीडियो में एक व्यक्ति को पुरुषों को यह 'देखकर अपनी नाक बंद' करने और 'नहीं दौड़ने' जैसे निर्देश देते सुना जा सकता है।

भारतीय सेना के भीतर एक स्रोत ने पुष्टि की कि वीडियो एक ड्रिल की तरह लग रहा है। "मुझे ये एक प्रशिक्षण वीडियो जैसा लग रहा है। यह स्पष्ट नहीं है कि सेना है या कोई अन्य भारतीय बल। निहित संदेश निश्चित रूप से दुर्भावनापूर्ण है," उन्होंने बूम से कहा। यह पूछे जाने पर कि क्या वायरल क्लिप में दिख रहे पुरुष भारतीय सैनिक थे, उन्होंने कहा, "हां। इसकी अधिक संभावना है।"

हमें 4 जुलाई, 2018 को यूट्यूब पर अपलोड किया गया एक वीडियो भी मिला जिसमें एक समान प्रशिक्षण दिखाया गया है। वीडियो का वर्णन दिया है: 'NSG black cat commando traning {tear gas}' ('एनएसजी ब्लैक कैट कमांडो ट्रेनिंग {टीयर गैस}')।

वीडियो नीचे देखें:

इसमें भी पुरुषों के पीठ पर सीरियल नंबर हैं। एक-दो बार उन्हें "कमांडो" कहकर भी बुलाया जाता है।

बूम वायरल वीडियो के स्रोत और स्थान को स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं कर सका। हम यह भी पुष्टि नहीं कर सकते कि वीडियो भारतीय सेना ही के सैनिकों को दिखाता है या नहीं। हालांकि, भारतीय सैनिकों के दो अन्य समान वीडियो से लगता है कि यह एक प्रशिक्षण व्यवस्था का ही हिस्सा है।

Updated On: 2020-07-16T18:14:44+05:30
Claim Review :   वीडियो भारतीय सेना को अपने सैनिकों पर उनकी जाति के आधार पर ज़ुल्म ढाते दिखा रहा है
Claimed By :  Social media
Fact Check :  False
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