क्या अमेरिकी छात्रों ने भारत के हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन देने पर राष्ट्रगान गा कर धन्यवाद किया?

बूम की तफ़्तीश में यह सामने आया की इस वीडियो को यूट्यूब पर अगस्त 2017 में - कोरोनावायरस का वूहान, चीन में संक्रमण फैलने से पहले - डाला गया है |

तक़रीबन तीन वर्ष पुराने इस वीडियो में अमेरिकी छात्रों को भारत का राष्ट्रगान गाते देखा जा सकता है। हाल में इसे गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। दावा यह है कि अमेरिका के छात्रों ने, भारत द्वारा अमेरिका को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन मुहैया कराने के लिए भारत का शुक्रिया करते, इस ऑडियो क्लिप को रिकॉर्ड किया।

एक मिनट लंबी इस क्लिप में विदेशियों ने भारतीय राष्ट्रगान "जन गण मन" की मॉडर्न अभिव्यक्ति प्रस्तुत की है।

व्हाट्सप्प पर यह वीडियो वायरल है। इसके साथ के कैप्शन का हिंदी अनुवादन यह है: "अमेरिकी छात्रों द्वारा भारत से हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन प्रदान किये जाने पर शुक्रिया जताते हुए यह निर्मित किया गया। जय हिन्द।"

(अंग्रेजी में लिखित कैप्शन: 'put together by USA students to Thank India for supply of Hydroxichloriquin Jai Hind(sic)')


एंटी-मलेरिया ड्रग हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन सुर्ख़ियों में तब आयी जब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने इस ड्रग को कोविड-19 से चल रही जंग में एक बड़े सहायक के तौर पर पेश किया। इस ड्रग की प्रभावकारिता चिकित्सा समुदाय में काफी विवादास्पद है। भारत इस ड्रग 'एचसीक्यू' का एक बड़ा निर्यातक है और कई देशों जैसे अमेरिका, ब्राज़ील और अन्यों को यह ड्रग मुहैया कराता है। भारत में इसे एक प्रोफाईलेकटिक ड्रग की तरह डॉक्टरों द्वारा दिया जाता है जहाँ सामूहिक केस दर्ज़ किये जाते है। हेल्थ एक्सपर्ट्स की यह राय है की एचसीक्यू को सिर्फ चिकिसक हिदायत पर और स्वास्थ्य से जुड़ी पूर्व स्थितियों को केंद्रित कर ही दिया जाना चाहिए।

फैक्ट चेक

यूट्यूब पर एक साधारण कीवर्ड सर्च "अमेरिकी छात्रों भारतीय राष्ट्रगान गाते हुए" करने पर हमें बिल्कुल यही वीडियो अगस्त, 2017 में अपलोड किया हुआ मिला, जो कि साल 2019 के आखिरी में नोवेल कोरोनावायरस के वूहान, चीन में फैले संक्रमण से काफी पहले का है।

यह वीडियो यूट्यूबर अनीशा दीक्षित द्वारा अपलोड किया गाया था। अनीशा, जिन्हे "रिक्षावली" स्क्रीन नाम से भी जाना जाता है, इस क्लिप में भी प्रमुख रूप में है।



वीडियो के विवरण और कमेंट सेक्शन को ध्यानपूर्वक पढ़ने से मालूम होता है की वीडियो को भारत के स्वतंत्रता दिवस के समारोह के तौर पर बनाया गाया जिसका कोरोनावायरस संक्रमण या हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन दोनों से कोई नाता नहीं है।


दीक्षित ने इस वीडियो को 2018 में अपने फेसबुक पेज पर भी अपलोड किया।

बूम ने अनीशा दीक्षित से उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल्स के ज़रिये संपर्क करने की कोशिश की लेकिन इस लेख को लिखने के दौरान उनसे जवाब नहीं मिला। उनकी प्रतिक्रिया मिलते ही इस लेख को अपडेट किया जाएगा।

Claim Review :  अमेरिकी छात्रों ने भारत के हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन देने पर राष्ट्रगान गा कर धन्यवाद किया
Claimed By :  Social media
Fact Check :  False
Show Full Article
Next Story