भव्य कंकाल की फ़ोटोशॉप्ड तस्वीर महाभारत के सन्दर्भ में फिर वायरल

कम से कम 9 साल पुरानी यह तस्वीर फ़र्ज़ी दावे के साथ वायरल है की कंकाल भीम के बेटे घटोत्कच का है |

भव्य कंकाल की एक पुरानी तस्वीर फिर इस दावे के साथ वायरल हो रही है की यह महाभारत काल के पांच पांडवों में से एक भीम के पुत्र घटोत्कच - जो आधा दैत्य था - का कंकाल है | दावा यह भी कहता है की यह कंकाल कुरुक्षेत्र में खुदाई के दौरान मिला है |

बूम ने पाया की तस्वीर 9 साल पुरानी है और अलग अलग वक़्त पर विभिन्न दावों के साथ वायरल रही है | भव्य कंकाल की यह तस्वीर जिसमें तीन पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञ कंकाल की जांच कर रहे है, इस दावे के लिए इस्तेमाल हुई है की महाभारत एक काल्पनिक कहानी नहीं थी क्योंकि कंकाल भीम के बेटे घटोत्कच की शारीरिक बनावट से मेल खाता है |

इस दावे में हरयाणा के कुरुक्षेत्र का नाम जोड़ा गया है जहाँ महाभारत का युद्ध हुआ था और घटोत्कच मारा गया था | पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा है: "अद्भुत - जो वामपंथी कहते है कि महाभारत का युद्ध काल्पनिक है, और सनातन धर्म कुछ है ही नही। उनके मुंह पर विदेशी पुरातत्व विभाग ने जोरदार तमाचा मार दिया है। कुरूक्षेत्र के पास खुदाई करते समय विदेशी पुरातत्व विशेषज्ञों को एक 80 फुट की लम्बाई के मानव कंकाल के अवषेश मिले । जो महाभारत के भीम के पुत्र घटोत्कच के वर्णन के समान है । और हम भारत वासियों को महाभारत ही कहानी काल्पनीक लगती है । इसे डिस्कवरी चैनल ने प्रसारित किया है । जय हो सनातन धर्म की जय हो | जय श्री राम जय श्री कृष्ण"

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इस पोस्ट का आर्काइव यहाँ देखें |


यही तस्वीर सामान दावों के साथ ट्विटर पर भी वायरल है | इस पोस्ट का आर्काइव यहाँ देखें |

फ़ैक्ट चेक

एक रिवर्स इमेज सर्च से पता चलता है की इस तस्वीर को सबसे पहले - ज्ञात - 2011 में अपलोड किया गया है | तस्वीर का उद्गम एक ग्राफ़िक डिज़ाइनर, जो 'Whitmath57.' के नाम से जाने जाते हैं, की वेबसाइट DesignCrowd पर हुआ है |

"फ़ोटोशॉप सबमिशन फॉर साइज मैटर्स 4' कांटेस्ट," नाम की इस तस्वीर के साथ कैप्शन भी है जो कुछ इस प्रकार है: "Whitmath57., एक अमेरिकन डिज़ाइनर ने यह फ़ोटोशॉप DesignCrowd (कम्युनिटी कांटेस्ट) के लिए ऑस्ट्रेलिया में 14 अगस्त 2011 को बनाई थी | यह फ़ोटोशॉप 'साइज मैटर्स 4' प्रोजेक्ट के लिए डिज़ाइन किया गया था जिसे 5 में से 3 स्टार मिले थे |"

कैप्शन साफ़ तौर पर बताता है की यह एक फ़ोटोशॉप्ड तस्वीर है और न ही कोई वास्तविक तस्वीर जो खुदाई के दौरान मिली है |


यह तस्वीर पिछले कुछ सालों में कई तरह के अलग अलग दावों के साथ वायरल हुई है | जैसे की यहाँ और यहाँ कुछ क्रिस्चियन वेबसाइट्स पर गोलिअथ के कंकाल के रूप में या कभी किसी एलियन के कंकाल के रूप में और कभी परियों की कहानियों में किसी दैत्य के कंकाल के रूप में | यह तस्वीर पुरानी है और पहले इस्तेमाल में आ चुकी है |

कुरुष आर्कियोलॉजिस्ट और कुलिनरी एंथ्रोपोलॉजिस्ट ऍफ़. दलाल ने इस बात की पुष्टि की है की कुरुक्षेत्र, हरयाणा में कोई खुदाई नहीं हो रही है | रोहतक हरयाणा में स्थित आल इंडिया जाट हीरोज मेमोरियल कॉलेज में इतिहास के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ विवेक दांगी ने भी इस बात की पुष्टि की है की कुरुक्षेत्र में कोई खुदाई नहीं चल रही है |

एक साधारण वैज्ञानिक नियम जिसे स्क्वायर क्यूब लॉ कहते हैं, बतलाता है की इतने बड़े मानव के होने की गुंजाइश लगभग शून्य है | लॉ कहता है की जैसे ही कोई चीज बढ़ती है, उसका आयतन यानी वॉल्यूम बढ़ता है | इसका मतलब है की दैत्य के लिए, जो मानव शरीर से दो गुना है, पैरों की दुरी चार गुनी और भार आठ गुना होगा | इससे मांसपेशियां, हड्डियां और अंग शरीर को जोड़कर नहीं रख पाएंगे | इस लॉ का एक उदाहरण नीचे देखें |


Claim Review :   कुरुक्षेत्र के पास खुदाई के दौरान मिला घटोत्कच का कंकाल
Claimed By :  Facebook pages
Fact Check :  False
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