फ़र्ज़ी ख़बर: स्पेशल ट्रेन में प्रवासी मज़दूरों ने खाद्य पदार्थों का किया नुक़सान

बूम की पड़ताल में पता चला कि वीडियो आसनसोल स्टेशन का है जहाँ प्रवासियों ने परोसे गए बासी खाने को फ़ेंका था ।

पश्चिम बंगाल के आसनसोल स्टेशन पर प्रवासी मज़दूरों का चलती ट्रेन से खाने के पैकेट्स फ़ेकने का एक वीडियो इस फ़र्ज़ी कथन के साथ वायरल किया जा रहा है की सरकार द्वारा दिया खाना उन्होंने स्वीकार नहीं किया। यही वीडियो इन झूठे दावों के साथ भी शेयर किया जा रहा है की यह घटना महाराष्ट्र में हुई है।

वीडियो में एक ऐक्सप्रेस ट्रेन आसनसोल स्टेशन से चलती हुई नज़र आती है और खाने के कई खुले हुए पैकेट स्टेशन पर पड़े हुए नज़र आते हैं। ट्रेन के अंदर से लोग चिल्लाते हुए शिकायत करते हैं । वीडियो बना रहा व्यक्ति प्रवासियों को परोसे गए खाने के लिए सरकार का उपहास बनाता सुनायी देता है।

ट्विटर और फ़ेसबुक पर कई लोगों ने पोस्ट शेयर करके मज़दूरों पर ग़लत आरोप लगाए की सरकार द्वारा दिया गया खाना उन्होंने फ़ेक दिया और प्रशासन द्वारा किए जा रहे रिलीफ़ और रेस्क्यू के सभी प्रयासों की उन्हें परवाह नहीं है।

यही वीडियो मराठी में इसी कथन के साथ वायरल है।

बूम को वीडियो सत्यापन के लिए अपने हेल्पलाइन पर भी प्राप्त हुआ है ।


यही वीडियो हिंदी में इस कैप्शन के साथ भी शेयर किया गया है: NON VEG भोजन नही मिलने पर मुम्बई से यूपी बिहार की तरफ जा रहे तथाकथित गरीब मजदूरों ने VEG भोजन रेलवे स्टेशन पर ही इस तरह फेक दिया जैसे ये हरामखोर रोज मुर्ग मुसल्लम खाते हो | सरकार ना करें तो हेल्प हेल्प चिल्लायेंगे और अगर हेल्प की तो इस तरह खाने का अनादर करेंगे।




फ़ैक्ट चेक

बूम इस बात की पुष्टि कर पाया है की यह वीडियो आसनसोल, पश्चिम बंगाल का है । हमें दूसरा वीडियो मिला जहाँ रिकॉर्ड करने वाला व्यक्ति यह कहता सुनायी देता है की आसनसोल स्टेशन पर उन्हें बासी और बदबुदार खाना परोसा गया है।

दूसरे वीडियो में रिकॉर्ड करता व्यक्ति कहता सुनायी देता है की वे केरला से आए हैं और वहाँ उन्हें अच्छा खाना दिया गया था । यहाँ आसनसोल में खाना खाने योग्य नहीं है। वीडियो में नज़र आता व्यक्ति कहता है "देखो यहाँ आसनसोल में किस प्रकार का खाना परोसा जा रहा है हमें। हम केरला से आए हैं और वहाँ हमें अच्छा और स्वच्छ खाना दिया गया था लेकिन यहाँ के खाने से तो बदबू आ रही है।"

इस बात की पुष्टि 'द क्विंट' के एक न्यूज़ रिपोर्ट ने भी की जिसमें कहा गया कि वीडियो एक स्पेशल ट्रेन में लिया गया था जो प्रवासी मज़दूरों को एर्नाकुलम (केरला) से दानापूर (बिहार) ले जा रही थी और प्रवासियों ने उनको परोसे बासी खाने की शिकायत की थी।

टाइम्ज़ नाउ के पश्चिम बंगाल के संवाददाता ने भी ऊपर दिख रहा वीडियो शेयर किया है जहाँ उत्तेजित हुए प्रवासी आसनसोल स्टेशन पर उन्हें परोसे गए खाने की क्वालिटी का वर्णन कर रहे हैं । वीडियो शूट कर रहा व्यक्ति दिखाता है की कैसे सह प्रवासी खाने के पैकेट प्लाट्फ़ोर्म पर फ़ेक रहे हैं क्यूँकि उनके लिए उस खाने को खाना संभव ही नहीं है।

आसनसोल के डिविज़नल रेल्वे मैनेजर के सत्यापित ट्विटर हैंडल ने भी 4 मई को इस घटना कि पुष्टि की । ट्वीट में कहा गया कि अन्य सुविधा बिहार के झाझा स्टेशन पर कर दी गयी थी।

बूम ने ईस्टर्न रेल्वे के पी.आर.ओ से सम्पर्क किया है । उनका जवाब आते ही इस रिपोर्ट को अपडेट किया जाएगा।

Claim Review :  वीडियो का दावा है की प्रवासी मज़दूरों ने सरकार द्वारा दिए गए खाने को फ़ेक दिया
Claimed By :  Facebook Pages
Fact Check :  False
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