लॉकडाउन वॉच: 2019 में सऊदी अरब में हुई एक घटना को हाल का बताकर किया गया वायरल

बूम ने वास्तविक वीडियो को खोजा जो दिसंबर, 2019 का है और पाया की वायरल पोस्ट के दावे फ़र्ज़ी हैं |

वायरल वीडियो में कई बुर्क़ा धारक महिलाएं एक मॉल के खुलने के तुरंत बाद उसमें जाती दिखाई पड़ती है जिसे सोशल मीडिया पर इन दावों के साथ शेयर किया जा रहा है की जैसे ही सऊदी अरब में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों में नरमी हुई उसी वक़्त यह घटना हुई |

बूम के सामने यह आया की यह वीडियो इंटरनेट पर दिसंबर, 2019 में अपलोड किया गया था । यह वायरल पोस्ट में किए गए दावे बिलकुल गलत है |

दुनियाभर में कई देशों ने कोरोनावायरस की महामारी से लड़ने के तौर पर लॉकडाउन का रास्ता चुना | भारत ने मई 17 से राष्ट्रीय लॉकडाउन के सख्त नियमों में नरमी बरतनी शुरू की जिसमें आर्थिक गतिविधि और लोगों की आवाजाही में सहूलियत दी है |

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इसी प्रकार सऊदी अरब में अप्रैल 25 से सरकार ने लॉकडाउन के नियमों में थोड़ी नरमी लागू करना छुरु किया | एक रिपोर्ट के अनुसार, इनमें माल्स और खरीदी की दुकाने को मई 22 (रमदान 29) तक खुला रखने की छूट दी गयी |

ईद के समय के दौरान इस वीडियो को इन फ़र्ज़ी दावों के साथ शेयर किया जा रहा था की सऊदी अरब के लोगों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की धज़्ज़ियाँ उड़ाई जा रही है |

करीब 90 सेकण्ड्स के इस वीडियो को एक व्यावसायिक बिल्डिंग के भीतर से रिकॉर्ड किया गया है जिसके प्रवेश द्वार पर भीड़ को खड़े देखा जा सकता है | जैसे ही शटर को उठाया जाता है, भीड़ अंदर की तरफ दौड़ पड़ती है और हल्ला होने लगता है |

इस वीडियो को अलग-अलग कैप्शंस के साथ शेयर किया गया |

इनमें से वायरल वीडियो के साथ लिखा एक कैप्शन कहता है : सऊदी के एक मॉल में सेल लगी तो स्टोर के कर्मचारियों को बेहिसाब भीड़ को काबू करना मुश्किल हो गया, सटर खुलते ही भीड़ इस कदर अंदर घुसी कि मानो अंदर मुफ्त का भोजन बंट रहा हो और खासतौर से औरतों को ही इस स्टोर को लूटने के लिए भेजा गया, ताकि 50 आइटम दबाने पर मात्र दस के ही पैसे देने पड़ेंगे, बाकी तो काफी जगह होती है समान को छिपाने की, तेल के सूखने या डिमांड कम होने का असर साफ दिखने लगा है |

इसी वीडियो को दूसरे कैप्शन साथ लिख भी शेयर किया गया : " लॉकडाउन के बाद सऊदी अरब शॉपिंग मॉल " |

फ़ैक्ट चेक

बूम ने वायरल वीडियो के एक फ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च कर पाया की इसी वीडियो को यूट्यूब पर दिसंबर 3, 2019 में अपलोड किया गया जहाँ इसमें लिखे कैप्शन का अनुवाद है: महिलाएं एक स्टोर में जाने का इंतज़ार करते हुए जहाँ सबकुछ सिर्फ 5 रियाल्स में मिलता है " |

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यह वीडियो दिसंबर 2019 में ट्विटर पर भी ऐसे ही मिलते-जुलते दावों के साथ अरबी भाषा में शेयर किया गया था | इस ट्वीट में लिखे अरबी टेक्स्ट का अनुवाद है : सऊदी अरब के साम्राज्य में एक जगह जहाँ लोगों के लिए सबकुछ 5 रियाल्स जबतक आपके पास यही आदर और यकीन हो " |

हमें एक और ट्वीट मिला जो @AkhbarMakka नामक ट्विटर अकाउंट से है जहाँ वायरल क्लिप को अल-शौख्वीया स्टोर का बताकर शेयर किया गया |

इस ट्वीट का अनुवाद इस तरह है: " यह हाल कल हुआ जब अल-शौख्वीया स्टोर ने सामने पर 5 रियाल्स के डिस्काउंट की घोषणा की जिसके बाद सिक्योरिटी पट्रोलस की टीमों का आना पड़ा | "

बूम स्वंतंत्र रूप से इस बात की पुष्टि नहीं कर सका की यह वीडियो कहा से है लेकिन जांच से यह सिद्ध होता है की यह घटना हाल की नहीं है |

Claim Review :   वीडियो दिखाता है कि सऊदी में लॉकडाउन का उल्लंघन हो रहा है और बड़ी तादाद में भीड़ इकट्ठा है ।
Claimed By :  Facebook and Twitter
Fact Check :  False
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