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फैक्टचेक: यूपी सरकार के ख़िलाफ़ बोलने के लिए क्या पत्रकार अभिसार शर्मा ने ग्रामीण को रिश्वत दी ?

फैक्टचेक: यूपी सरकार के ख़िलाफ़ बोलने के लिए क्या पत्रकार अभिसार शर्मा ने ग्रामीण को रिश्वत दी ?

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि पत्रकार अभिसार शर्मा ने उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ बोलने ने लिए एक बुजुर्ग को पैसे दिए है।

Abhishar sharma

पत्रकार अभिसार शर्मा का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर काफ़ी वायरल हो रहा है |वीडियो के साथ कैप्शन में झूठा दावा किया गया है कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ बोलने के लिए अभिसार शर्मा ने ग्रामीणों को पैसे बांटे हैं। शर्मा ने ट्वीट कर दावा किया है कि यह अख़बार की कतरन है ना की पैसा |

डेढ़ मिनट लम्बे इस क्लिप में देखा जा सकता है कि कैमरे की तरफ देखते हुए एक ग्रामीण को शर्मा कुछ थमाते हैं | ट्विटर पर कई यूज़र्स ने दावा किया कि शर्मा ने एक ग्रामीण को सरकार के ख़िलाफ़ बोलने के लिए पैसे दिए थे।

Abhisar sharma giving money
Video viral on social media

वायरल वीडियो के साथ कैप्शन है, ‘देखिए कांग्रेसी चमचे की करतूत ‘दल्ले’ अभिसार शर्मा पैसे बांटते समय तो कैमरा ऑफ कर लेता।’

फैक्टचेक

अपने ऊपर लगाए गए गंभीर आरोपों का जवाब देते हुए शर्मा ने एक वीडियो क्लिप ट्वीट की है और दावा किया है कि यह मूल वीडियो है |

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The original video tweeted by Abhisar Sharma

शर्मा द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ में से एक वृद्ध व्यक्ति उन्हें एक अख़बार का टुकड़ा देता है | शर्मा तब उनसे पूछते हैं, “यह क्या है?” कैमरा अख़बार की कतरन पर ज़ूम करता है। बाद में शर्मा उसी ग्रामीण को वही अख़बार का टुकड़ा वापस करते हुए दिखाई देते हैं।

बूम को मूल वीडियो मिला जो इस वर्ष 26 मार्च को समाचार पोर्टल न्यूजक्लिक पर प्रकाशित हुआ था। विधानसभा चुनाव से पहले ज़मीनी हकीकत का आकलन करने के लिए शर्मा न्यूजक्लिक टीम के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गांवों का दौरा कर रहे थे।

Original video

हालांकि मूल वीडियो में जब वो वृद्ध व्यक्ति शर्मा को अख़बार का टुकड़ा सौंप रहा है तब कैमरा गाँव वालो या अभिसार शर्मा पर फ़ोकस करने के बजाय गाँव के रास्ते दिखा रहा होता है | शर्मा द्वारा ट्वीट की गयी क्लिप में पूरी प्रक्रिया का फ़ुटेज है |

बूम ने और पड़ताल करने के लिए वायरल वीडियो को अलग अलग फ़्रेम्स में तोड़ा और उस कागज के टुकड़े पर ज़ूम किया जो शर्मा ने उस वृद्ध व्यक्ति को दिया |

Zooming in on one of the frames from the video
Zooming in on one of the frames from the video

frame-break and zoom in
Zooming in on one of the frames from the video

ट्वीटर पर शर्मा हुए ट्रोल

अभिसार शर्मा ने अपने ट्वीट में दावा किया है कि यह एक अख़बार की कतरन थी जो वह ग्रामीण को लौटा रहे थे, न कि रुपये थे । इसके बाद कई ट्विटर यूज़र्स ने अपने ट्वीट डिलीट कर दिए और
शर्मा से माफ़ी मांगी । हालांकि कई ट्वीट्स और फ़ेसबुक पोस्ट अभी भी वैसे ही शेयर किए जा रहे हैं।

चौकीदार विकास पांडे (@MODIfiedVikas) ने एक अन्य यूज़र चौकीदार श्वेतांक के वायरल वीडियो को भी री-ट्वीट किया । श्वेतांक का मूल ट्वीट तब से हटा दिया गया है । पांडे ने अपने ट्वीट में शर्मा पर कांग्रेस से पैसे लेने का आरोप लगाया है |

पांडे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ट्विटर पर फॉलो करते हैं ।

 tweet of vikas pandey
Screenshot of archived version of Vikas Pandey’s tweet

आप पांडे के ट्वीट के अर्काइव्ड वर्शन को यहाँ देख सकते हैं।

Abhisar Sharma’s reply to Vikas Pandey’s tweet

एक अन्य ट्विटर हैंडल जिससे ट्वीट को अभी भी रीट्वीट और शेयर किया जा रहा है, वह है @Being_Humor |

शर्मा की चेतावनी के बावजूद ट्विटर हैंडल ने ट्वीट को नहीं हटाया है । ट्वीट के अर्काइव्ड वर्शन तक यहां पहुंचा जा सकता है |

The tweet continues to be retweeted despite Sharma’s warning

वीडियो को यहां देखा जा सकता है और इसके अर्काइव्ड वर्शन तक यहां और यहां पहुंचा जा सकता है।

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Claim Review : यूपी सरकार के ख़िलाफ़ बोलने के लिए पत्रकार अभिसार शर्मा ने ग्रामीण को रिश्वत दी

Fact Check : FALSE

Sumit is a fact checker and the News Editor of Boom's Hindi wing. In the six years of his journalistic career, he has worked with the New Indian Express, Times of India and Deccan Chronicle. The dynamic nature of digital media finally made him take the leap from print to online, and don the hat of a digital detective.

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