विकास दुबे एनकाउंटर: पिछले सात दिनों में क्या-क्या हुआ?

विकास दुबे के ख़िलाफ़ उत्तर प्रदेश में पिछले 30 सालों में करीब 62 मुक़दमे दर्ज हैं इसमें 5 खून के मामले हैं

कुख्यात अपराधी विकास दुबे, जो 3 जुलाई 2020 को कानपुर के बिकरू गाँव में हुए 8 पुलिसकर्मियों की नृशंस हत्या का मुख्य आरोपी था, 10 जुलाई को उत्तर प्रदेश में हुए एनकाउंटर में मारा गया | कानपुर के अपने गांव बिकरु से लेकर एनकाउंटर तक के पलों तक क्या कुछ हुआ, पढ़िए बूम की इस रिपोर्ट में:

3 जुलाई, 2020: पुलिस दल चौबेपुर पुलिस स्टेशन की सीमा में स्थित विकास दुबे के गांव बिकरु में उसे गिरफ्तार करने पहुँचती है | पुलिसकर्मियों पर अचानक गोलीबारी होती है और डिप्टी सुपरिन्टेन्डेन्ट ऑफ़ पुलिस देवेंद्र मिश्रा समेत 8 पुलिसकर्मी (तीन सब-इंस्पेक्टर और चार आरक्षक) मारे जाते हैं | सात अन्य पुलिसकर्मी घायल होते हैं | पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस छापे की खबर दुबे को पहले से लग गयी थी और उसने अपने बचाव की पूरी तैयारी कर रखी थी | शुक्रवार की इस खुनी सुबह के पहले तक गुमनाम सा ये अपराधी 3 जुलाई के बाद से यू.पी पुलिस के लिए सरदर्द बन चूका था |

4 जुलाई: उत्तर प्रदेश पुलिस ने दुबे को पकड़ने के लिए 25 टीमें बनाई और एक स्टेशन अफसर विनय तिवारी को दुबे को टिप ऑफ करने के शक पर निलंबित कर दिया गया | पुलिस ने कानपूर में दुबे की गाड़ियों समेत घर पर बुलडोज़र चलवा दिया |


5 जुलाई: दुबे का ख़ास - दयाशंकर अग्निहोत्री - गिरफ्तार किया गया | पुलिस ने एक सब-डिविशनल अधिकारी और विद्युत सब-स्टेशन के एक और कर्मी को गिरफ्तार किया | यहीं से तीन तारीख की रेड के पहले बिजली काटी गयी थी |


मुख्य बातें

  • विकास दुबे के ख़िलाफ़ उत्तर प्रदेश में 62 मामले दर्ज थे जिनमे से पांच हत्या के मामले थे
  • पुलिस ने उसे 9 जुलाई को उज्जैन के महाकाल मंदिर में गिरफ्तार किया
  • उस पर 3 जुलाई 2020 को कानपूर के पास आठ पुलिसकर्मियों को मारने का आरोप था
  • पुलिस के अनुसार 10 जुलाई को उज्जैन से कानपूर जाते वक़्त दुबे ने भागने की कोशिश की और एनकाउंटर में मारा गया
  • 2001 में भाजपा नेता संतोष शुक्ला के खून का आरोप भी दुबे पर था | चार साल जेल भी हुई थी

6 जुलाई: विकास दुबे पर पुलिस ने 2.5 लाख रूपए का इनाम रखा | दुबे को टिप ऑफ़ करने के शक में तीन और पुलिसकर्मी निलंबित हुए | रेड के कुछ हफ़्तों पहले का डी.एस.पी देवेंद्र सिंह द्वारा लिखा एक लेटर मिला | इस लेटर में लिखा था की स्टेशन अफसर विनय तिवारी ने विकास दुबे के खिलाफ एक जघन्य चार्ज हटवाया है | इस पत्र की जांच जारी है |

8 जुलाई: विकास दुबे का साथी अमर दुबे हमीरपुर जिले में हुए एक एनकाउंटर में मारा गया | एक अन्य साथी श्यामू बाजपाई भी चौबेपुर इलाके में गिरफ्तार किया गया | दुबे के सर इनाम 2.5 लाख से 5 लाख कर दिया गया | निलंबित पुलिस सब-इंस्पेक्टर चौबेपुर स्टेशन अफसर विनय तिवारी और बिकरु बीट इंचार्ज के.के शर्मा गिरफ्तार किए गए | दुबे के साथ देने के आरोप में तीन और लोग गिरफ्तार किए गए |

9 जुलाई: मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल मंदिर में विकास दुबे को गिरफ्तार किया गया | गिरफ्तार होते वक्त दुबे ने चिल्ला कर कहा था "मैं विकास दुबे हूँ कानपूर वाला" | दुबे का ये वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हुआ | इसी दौरान उत्तर प्रदेश में विकास दुबे के दो और साथी अलग अलग एनकाउंटरों में मारे गए | जहाँ कार्तिकेय उर्फ़ प्रभात कानपूर में भागने की कोशिश में मारा गया वहीँ एक और साथी प्रवीण उर्फ़ बउवा दुबे इटावा में एक एनकाउंटर में मारा गया | आठ पुलिसकर्मियों के खून के सिलसिले में पुलिस की नीतियों को लीक करने वालो के लिए विपक्ष ने सीबीआई जांच की मांग की |

10 जुलाई: पुलिस के अनुसार अपराधी विकास दुबे उज्जैन से कानपूर लाया जा रहा था |

कानपूर बॉर्डर के पास गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गयी | दुर्घटना के बाद विकास दुबे ने स्पेशल टास्क फाॅर्स के एक जवान की बन्दूक ले कर भागने की कोशिश की और गोलीबारी में घायल हो गया | उसे हॉस्पिटल ले जाया गया जहाँ उसे मृत घोषित किया गया |

Updated On: 2020-07-16T18:10:11+05:30
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