बंगाल चुनाव: पुराने वीडियो को परिणाम के बाद हुई हिंसा से जोड़कर किया गया वायरल
बूम ने पाया कि दोनों वीडियो पुराने हैं और अलग-अलग घटनाओं से संबंधित हैं. इनमें से एक महाराष्ट्र से और दूसरा वीडियो बांग्लादेश से है.

पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम बाद हुई हिंसा जोड़कर दो असंबंधित वीडियो गलत तरीके से वायरल हो रहे हैं- एक वीडियो के साथ दावा किया गया कि बंगाल पुलिस भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की जीत का जश्न मना रही है वहीं दूसरे के साथ दावा किया गया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास में आग लगा दी.
बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा की भारी जीत के बाद से राज्य में हिंसा, टीएमसी कार्यालयों में तोड़फोड़ और टीएमसी कार्यकर्ताओं की हत्या की खबरें सामने आई हैं.
सोशल मीडिया पर क्या है दावा:
ये वीडियो सोशल मीडिया पर इस दावे के साथ साझा किए जा रहे हैं कि ये भाजपा के सत्ता में आने के बाद के दृश्य हैं. (आर्काइव लिंक)
हमने क्या पाया:
1) महाराष्ट्र का पुराना पुलिस डांस का वीडियो
हमने वायरल वीडियो के कीफ्रेम को Google Lens का उपयोग करके रिवर्स इमेज सर्च किया तो पाया कि यह वीडियो हाल की घटनाओं से पहले का है और महाराष्ट्र का है.
हमें 2022 का एक Reddit थ्रेड मिला जिसमें लिखा था, "भारत में गणेश विसर्जन समारोह के दौरान स्ट्रीट डांस" इसमें हिंदी में दुकान के साइनबोर्ड भी देख सकते हैं.
2) बांग्लादेश का वीडियो
हमने दूसरे वायरल वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च किया और पाया कि आग लगने का वीडियो जनवरी 2026 का है.
बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट SylhetToday24 की एक रिपोर्ट के अनुसार, आग बांग्लादेश के सिलहट (Sylhet) जिले के गोवाईघाट (Gowainghat) उपजिला में एक हिंदू शिक्षक बिरेंद्र देब के घर पर लगी थी.
रिपोर्ट के अनुसार अग्निशमन अधिकारियों और पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि आग संभवतः शॉर्ट सर्किट के कारण एक पुआल की झोपड़ी में लगी और बाद में घर तक फैल गई. पीड़ित परिवार ने भी कहा था कि उनका मानना है कि यह घटना आकस्मिक थी और इसका किसी राजनीतिक या धार्मिक उद्देश्य से कोई संबंध नहीं है.
हमें SylhetToday24 द्वारा फेसबुक पर शेयर की गई एक पोस्ट भी मिली, जिसमें घटना का एक वीडियो मौजूद था. इसके कैप्शन में दावा किया गया कि बीरेंद्र देब के घर में लगी आग बुझाने के बाद दमकलकर्मियों द्वारा पैसे मांगने पर गोवाइघाट के स्थानीय लोगों ने उनका विरोध किया था.


