रामपुर की घटना का वीडियो सांप्रदायिक दावे के साथ वायरल

बूम ने पता लगाया कि दोनों पक्ष एक ही समुदाय के हैं और मामला सांप्रदायिक नहीं है.

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के साथ दावा किया गया है कि उत्तर प्रदेश के रामपुर में पुष्पेंद्र नामक तहसीलकर्मी को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हमला कर के घायल कर दिया.

वायरल वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए दावा किया गया है कि जब पुष्पेंद्र ने अपनी बहनों के साथ हुए छेड़छाड़ का विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गयी जिसमे कथित तौर पर पुलिस भी शामिल थी.

बूम ने पाया कि वायरल वीडियो के साथ किया गया दावा ग़लत है. हमने रामपुर पुलिस से बात की जिन्होंने बताया की मामले में जांच कमिटी भी बिठाई गयी है और इसमें सांप्रदायिक कोण नहीं है.

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फ़ेसबुक पर एक यूज़र Vishnu Yadav ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा 'कल दिनांक 13 मई 2022 को पुष्पेंद्र कुमार जो की SDM सदर रामपुर में कार्यरत है। पक्षी विहार (झील) में अपनी माँ बहनो के साथ घूमने गया था। 2-3 मुस्लिम लड़के इसकी बहन को छेड़ने लगे, पुष्पेंद्र के विरोध करने पर उन लड़कों ने पुष्पेंद्र को मारना शुरू कर दिया, मौक़े पर SI लईक़ खान भी अपनी टीम के साथ पहुँचे। और मुस्लिमों का साथ देते हुए उस बेचारे अकेले पुष्पेंद्र को मारना शुरू कर दिया। ये खुंदस भाजपा सरकार से मुस्लिमों और पुलिस में तैनात लयीक़ खान जैसे अफ़सरों की सोच को दर्शाती थी। आप सभ से हाथ जोड़ कर निवेदन है कृपया अपना फ़र्ज़ निभाते हुए इसको योगी जी तक पहुँचाये। ये भी बताता चलु की लयीक़ खान और उनके साथियों पर अभी तक प्रशासन ने कोई कार्यवाही नहीं करि है'.


एक और यूज़र मान नेगी ने फ़ेसबुक यूज़र ने ऐसा ही वीडियो इसी दावे के साथ शेयर किया.


दोनों पोस्ट यहां और यहां देखें.

फ़ैक्ट चेक

बूम ने वीडियो के स्क्रीनशॉट और पोस्ट में दिए हुए कीवर्ड के साथ रिवर्स इमेज सर्च किया तो हमें दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट मिली जो इसी घटना पर केंद्रित थी.

रिपोर्ट के अनुसार घटना मई 13 की है जब तहसीलकर्मी और पुलिस के बीच छेड़छाड़ के एक मामले को लेकर विवाद हो गया.

रिपोर्ट में बताया गया है कि एक तहसीलकर्मी का दोस्त अपने परिवार के साथ रामपुर स्थित कस्तूरबा गांधी पक्षी विहार आया था. यहाँ उसकी बहन के साथ किसी ने कथित रूप से छेड़खानी की जिसके बाद उसने अपने दोस्त (तहसीलकर्मी) को बुलाया. आगे बताया गया है कि तहसीलकर्मी और उसके दोस्त ने जब छेड़छाड़ करने वाले युवकों का विरोध किया तो उनके साथ आयी दो महिलाओं ने उलटे तहसीलकर्मी पर ही छेड़छाड़ का आरोप लगा दिया.

जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, भीड़ ने तहसीलकर्मी के साथ मारपीट शुरू कर दी और इस सब के बीच वहां आए पुलिसकर्मियों ने भी तहसीलकर्मी को बचाने का प्रयास नहीं किया. पुलिस की माने तो तहसीलकर्मी उनसे भी उलझ गया था और कहासुनी में एक सिपाही की वर्दी भी फाड़ दी थी. इसी के बाद बाद पुलिसकर्मियों ने उसे लाठियों से पीट दिया.


बूम को दैनिक भास्कर की रिपोर्ट भी मिली जिसमें बताया गया है कि पुलिस के अनुसार छेड़छाड़ और पुलिसकर्मी की वर्दी फाड़ने के कारण पुष्पेंद्र (तहसीलकर्मी) को भीड़ और पुलिस ने पीटा था. SI लईक अहमद द्वारा ज़्यादा बल प्रयोग के कारण उन्हें पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, रिपोर्ट में बताया गया है.


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बूम को ट्वीटर पर इसी वीडियो को शेयर करते एक ट्वीट के नीचे रामपुर पुलिस का जवाबी ट्वीट मिला जिसमे इस घटना पर रामपुर पुलिस का स्पष्टीकरण था जिसमे साफ़ तौर पर लिखा है कि दोनों पक्ष एक ही समुदाय के हैं.

हमें रामपुर SP का वीडियो बाइट भी Police Guide नामक फ़ेसबुक पेज तथा रामपुर पुलिस के वेरीफ़ाइड ट्विटर अकाउंट पे मिला. इस वीडियो को यहां देखें.

बूम ने SP रामपुर से संपर्क किया. उनके PRO ने हमें बताया कि मामले में जांच कमिटी बिठाई गयी है.

"नदीम नामक व्यक्ति अपनी बहन के साथ कस्तूरबा गांधी पक्षी विहार झील घूमने गया था. इसी दौरान नदीम की बहन ने एक लड़के के ऊपर छेड़खानी का आरोप लगाया. तभी नदीम ने अपने दोस्त पुष्पेन्द्र को बुला लिया. पुष्पेन्द्र ने नशे मे दूसरे पक्ष की युवती के साथ छेड़छाड़ कर दी. युवती ने पुलिस को बुलाया लेकिन नशे में पुष्पेन्द्र ने एसआई लईक़ अहमद के साथ मारपीट करते हुए वर्दी फाड़ दी. तभी मौके पर मौज़ूद लोगो और पुलिस ने पुष्पेन्द्र को पीट दिया. पुलिस ने पुष्पेन्द्र की मेडिकल जांच कराई जिसमें शराब पीने के सबूत भी मिले हैं," पुलिस PRO ने हमें बताया.

Claim :   मारपीट की घटना का वीडियो सांप्रदायिक दावे से वायरल
Claimed By :  Social Media Users
Fact Check :  False
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