वाराणसी में डांस रिकॉर्डिंग का वीडियो असली, AI होने का पुलिस का दावा गलत
बूम ने कार्यक्रम के अलग-अलग एंगल से रिकॉर्ड किए गए वीडियो की पड़ताल करने पर पाया कि वायरल क्लिप असली है. कई एआई डिटेक्शन टूल भी इसकी पुष्टि करते हैं.

वाराणसी के लाट भैरव मंदिर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के डांस से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं. इन वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी महिला डांसरों को रिकॉर्ड करते नजर आ रहे हैं. यूपी कांग्रेस और टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा ने भी इन वीडियो को शेयर करते हुए बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है.
हालांकि वाराणसी पुलिस ने इन वीडियो को AI जनरेटेड बताया है और यूपी पुलिस की छवि धूमिल करने के आरोप में आदमपुर थाने में एक मुकदमा दर्ज किया है.
बूम ने इस वीडियो के साथ-साथ आयोजन के अन्य वीडियो की भी जांच की, जिनमें पुलिसकर्मी मंच पर मौजूद दिखाई दे रहे हैं. जांच में पाया गया कि ये वीडियो AI जनित नहीं हैं. एक प्रत्यक्षदर्शी द्वारा बूम को भेजे गए वीडियो में भी मंच पर मौजूद पुलिस डांस देखती और रिकॉर्ड करती नजर आ रही है.
दावा: वाराणसी में लाट भैरव के कार्यक्रम में डांसरों को निहारते और रिकॉर्ड करते पुलिसकर्मियों का वीडियो AI जनरेटेड है
वाराणसी में लाट भैरव का विवाहोत्सव 26 और 27 सितंबर को आयोजित हुआ था. 27 सितंबर को लाट भैरव की बारात के पारंपरिक आयोजन में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ जिसमें आर्केस्ट्रा डांसरों ने भी हिस्सा लिया था.
हालांकि कार्यक्रम के एक वीडियो पर रिप्लाइ करते हुए डीसीपी, काशी जोन के हैंडल से कहा गया, "वीडियो AI जनरेटेड है जिसे पुलिस की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से प्रसारित किया जा रहा है. भीड़ द्वारा बनाई जा रही मोबाइल वीडियो में किसी भी स्क्रीन में पीछे खड़ी पुलिस नहीं दिखाई दे रही है. भ्रामक वीडियो प्रसारित करने के अपराध में अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की जाएगी." वाराणसी पुलिस द्वारा जारी नोट में भी इस दावे को दोहराया गया है.
इसके अलावा इवेंट ऑर्गनाइजर रोहित जायसवाल की ओर से जारी वीडियो में भी कहा गया कि हर साल की तरह इस बार भी कार्यक्रम में पुलिस बल तैनात था, लेकिन मंच पर दिखाई दे रही पुलिसकर्मियों की भीड़ AI जनरेटेड प्रतीत हो रही है.
पड़ताल में क्या मिला:
जांच के दौरान हमें कई सोशल मीडिया हैंडल पर इस आयोजन के ऐसे कई वीडियो मिले, जिनमें मंच पर डांसरों के आसपास पुलिसबल को देखा जा सकता है. कुछ में पुलिसकर्मी डांस रिकॉर्ड करते भी नजर आ रहे हैं.
कई अलग-अलग एंगल से बनाए गए वीडियो और कार्यक्रम में शामिल डांसर क्वीन जूही के इंस्टाग्राम हैंडल से शेयर किए गए वीडियो में भी मंच पर पुलिसकर्मी दिखाई दे रहे हैं और कुछ डांस को रिकॉर्ड भी कर रहे हैं. हालांकि डांसर का इंस्टाग्राम अकाउंट अब डिलीट हो चुका है.
प्रत्यक्षदर्शी द्वारा भेजे गए वीडियो से हुई पुष्टि
आगे हमने कार्यक्रम में शामिल एक प्रत्यक्षदर्शी से संपर्क किया जिसने नाम न छापने की शर्त पर अपने फोन से रिकॉर्ड किए गए आयोजन के कई वीडियो भेजे, जिनमें उसी मंच पर डांसर और पुलिसकर्मी देखे जा सकते हैं.
वाराणसी पुलिस के दावे के विपरीत कुछ वीडियो में रिकॉर्ड कर रहे लोगों की मोबाइल स्क्रीन पर भी पुलिसकर्मी दिखाई देते हैं.
AI डिटेक्शन टूल्स के मुताबिक वीडियो एआई जनरेटेड नहीं है
हमने पुलिस द्वारा खंडन किए गए वीडियो समेत इस आयोजन के तीन वीडियो को कई AI डिटेक्शन टूल्स पर चेक किया. Hive Moderation ने पहले वीडियो के AI जनरेटेड होने की संभावना 0 प्रतिशत और तीसरे वीडियो की संभावना 4 प्रतिशत बताई. वहीं ZeroGPT ने तीनों वीडियो को वास्तविक बताया. UndetectableAI ने भी पहले को असली वीडियो करार दिया.


