बरेली में मुहर्रम जुलूस में मुस्लिमों द्वारा लगाए गए 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे का सच
बरेली पुलिस ने बूम को बताया कि इस मामले में दो युवकों पर कार्रवाई की गई है, जो कि हिंदू समुदाय से आते हैं. इन्हीं युवकों ने एक 11 वर्षीय लड़के से 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगवाए थे.

सोशल मीडिया पर बरेली में मुहर्रम जुलूस के दौरान पाकिस्तान समर्थित नारा लगाए जाने के दावे से एक वीडियो वायरल है. कुछ यूजर्स दावा कर रहे हैं कि बरेली में माहौल खराब करने के लिए मुस्लिम युवकों ने 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाए.
बरेली पुलिस की जांच में सामने आया कि ये नारे दो हिंदू युवकों ने जानबूझकर एक 11 वर्षीय बच्चे से लगवाए थे. मुहर्रम जुलूस में शामिल मुस्लिमों द्वारा ऐसे नारे लगाए जाने की पुष्टि नहीं हुई.
मामला 21 जून 2026 का है. बरेली के हाफिजगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में मुहर्रम जुलूस के दौरान 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाए जाने का एक वीडियो सामने आया. इसके बाद यूजर्स इस बड़े पैमाने पर शेयर करने लगे. कई यूजर्स ने दावा किया कि बरेली में मुस्लिम युवकों ने 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के ये नारे लगाए.
पुलिस ने क्या बताया?
घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने इसकी पड़ताल की तो मामला कुछ और ही निकला. इस संबंध में बरेली के नवाबगंज क्षेत्र के सीओ ने बयान जारी कर बताया कि घटना 21 तारीख की है. हाफिजगंज थाना क्षेत्र के खाईखेड़ा गांव में मुहर्रम जुलूस के दौरान 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे से जुड़े वायरल वीडियो की जांच में पता चला कि योगेंद्र पाल और भुनेश कुमार ने गलत नीयत से एक बच्चे से ये नारे लगवाए थे. मामले में दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया गया है.
11 साल के बच्चे से लगवाए गए नारे
घटना की अधिक जानकारी के लिए हमने हाफिजगंज थाने में संपर्क किया. उन्होंने मुस्लिमों द्वारा नारे लगाए जाने वाले दावे का खंडन करते हुए बताया कि ग्राम खाईखेड़ा में जुलूस में ढोल बजाए जा रहे थे उसी समय आरोपी योगेंद्र और भुनेश ने अपने ही समुदाय के एक 11 साल के बच्चे से पाकिस्तान समर्थित नारे लगवा दिए. फिर योगेंद्र ने ही इसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया. जांच के बाद दोनों पर मुकदमा दर्ज किया गया.
दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट में घटना पर बरेली एसपी मुकेश मिश्र के हवाले से भी कहा गया कि रविवार रात (21 जून) निकाले गए मुहर्रम जुलूस में साजिश करते हुए ये नारे योगेंद्र द्वारा ही लगवाए गए थे. उनके खिलाफ सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने तथा आईटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.
घटना से संबंधित एफआईआर में भी बच्चे के पिता राकेश ने आरोप लगाया है कि योगेंद्र और भुनेश ने उनके बेटे को बहला-फुसलाकर पाकिस्तान समर्थित नारे लगवाए और उसका वीडियो रिकॉर्ड किया. एफआईआर के अनुसार पुलिस पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया.
ग्रामीणों ने भी लगाया साजिश का आरोप
इंडिया हेडलाइंस टीवी ने इस मामले में स्थानीय लोगों से भी बात की. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह एक षड्यंत्र का हिस्सा था और वीडियो बनाने वाले ने ही ये नारे लगवाए थे. उनका कहना था कि मुस्लिम बस्ती में होने वाले कार्यक्रमों के दौरान ये दो-तीन लोग राजनीति के तहत अक्सर माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं.
ग्रामीणों के अनुसार जहां जुलूस का ढोल बज रहा था, उससे कुछ दूरी पर उस बच्चे से नारे लगवाए गए थे. उनका कहना है कि वह खुद ही नारा लगा रहा था और खुद ही उसका जवाब भी दे रहा था, जबकि आमतौर पर नारेबाजी के दौरान पीछे से कई लोग सामूहिक रूप से उसका जवाब देते हैं.


