क्या ट्रंप ने कहा कि 'भारत-पाकिस्तान युद्ध बढ़ता तो शहबाज शरीफ की मौत हो जाती?'
बूम ने पाया कि वायरल दावा भ्रामक है. मूल भाषण में ट्रंप ने कहा था, 'पाकिस्तानी पीएम ने उनसे कहा था कि अगर पड़ोसी देशों के बीच परमाणु युद्ध होता तो 3.5 करोड़ लोग मारे जाते.'

इंडिया टुडे, द इकनॉमिक टाइम्स और द इंडियन एक्सप्रेस सहित कई मेनस्ट्रीम न्यूज आउटलेट्स ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया. इस बयान में दावा किया गया कि उन्होंने स्टेट ऑफ द यूनियन के संबोधन में कहा कि मई 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान वह हस्तक्षेप न करते तो पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौत हो गई होती.
बूम ने मूल भाषण देखा, जिसमें ट्रंप ने कहा कि शहबाज शरीफ ने उनसे कहा था अगर संघर्ष परमाणु युद्ध में बदल जाता तो 3.5 करोड़ लोगों की मौत हो जाती. 19 फरवरी 2026 को बोर्ड ऑफ पीस कार्यक्रम में दिए गए एक अन्य भाषण में भी ट्रंप ने इसी तरह का दावा दोहराते हुए कहा था कि उनके हस्तक्षेप से '2.5 करोड़' लोगों की जान बच गई.
राष्ट्रपति ट्रंप ने 25 फरवरी 2026 को स्टेट ऑफ द यूनियन को संबोधित किया, जो अमेरिकी कांग्रेस के जॉइंट सेशन में दिया जाने वाला वार्षिक संबोधन है. अपने संबोधन में ट्रंप ने अपने इसी दावे को दोहराया कि उन्होंने अपने कार्यकाल के पहले 10 महीनों में "आठ युद्धों को खत्म" किया और भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध को रोका.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
द इकनॉमिक टाइम्स, इंडिया टुडे, द इंडियन एक्सप्रेस, द प्रिंट, एएनआई के अलावा न्यूज 18, दैनिक जागरण, नवभारत टाइम्स, टाइम्स नाउ नवभारत, प्रिंट हिंदी, एबीपी लाइव और जी न्यूज जैसे हिंदी आउटलेट ने भी ट्रंप के बयान को गलत तरीके से पेश किया. अधिकांश मीडिया संस्थानों ने यह खबर एएनआई के हवाले से प्रकाशित की.
इकोनॉमिक टाइम्स ने इस संबंध में एक एआई निर्मित ग्राफिक साझा की, जिसमें अंग्रेजी में ट्रंप के हवाले से वही भ्रामक कोट लिखा था- "अगर मैं नहीं होता तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की मौत हो गई होती: भारत-पाकिस्तान युद्ध पर ट्रंप का बयान."
पड़ताल में क्या मिला:
स्टेट ऑफ द यूनियन में ट्रंप का संबोधन
हमने स्टेट ऑफ द यूनियन का पूरा भाषण देखा और पाया कि ट्रंप ने यह नहीं कहा कि अगर भारत-पाकिस्तान संघर्ष परमाणु युद्ध में बदल जाता तो शहबाज शरीफ की मौत हो जाती. इसके बजाय ट्रंप कहते हैं कि शहबाज शरीफ ने उनसे कहा था कि अगर पड़ोसी देशों के बीच परमाणु युद्ध होता तो 3.5 करोड़ लोग मारे जाते.
व्हाइट हाउस के आधिकारिक एक्स हैंडल से किए लाइव प्रसारण में 1 घंटा 31 मिनट 49 सेकंड पर यह बात सुनी जा सकती है. यहां ट्रंप कहते हैं. "मेरे पहले 10 महीनों में मैंने कंबोडिया समेत आठ युद्ध रुकवाए... कंबोडिया और थाईलैंड... पाकिस्तान और भारत, परमाणु युद्ध छिड़ जाता... पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा था कि अगर मैं हस्तक्षेप न करता तो 35 मिलियन लोग मारे जाते."
बोर्ड ऑफ पीस कार्यक्रम में भी ट्रंप ने की थी इसी तरह की टिप्पणियां
19 फरवरी 2026 को बोर्ड ऑफ पीस कार्यक्रम में भी अपने भाषण के दौरान ट्रंप ने मई 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष में बड़े पैमाने पर नुकसान को रोकने को लेकर इसी तरह की टिप्पणी की थी. इस दौरान उन्होंने कहा कि उनके हस्तक्षेप ने "25 मिलियन" लोगों की जान बचाई.
ट्रंप ने कहा, "उन्होंने (पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने) हमारे चीफ ऑफ स्टाफ के सामने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और हमारे बीच युद्ध रोककर 2.5 करोड़ लोगों की जान बचाई." ट्रंप की यह बात वीडियो के 14 मिनट 53 सेकंड के टाइमस्टैम्प से सुनी जा सकती है.


