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कलमा पढ़ने की अपील करने के दावे से अविमुक्तेश्वरानंद का एडिटेड वीडियो वायरल

बूम ने पाया कि अविमुक्तेश्वरानंद का वायरल वीडियो क्रॉप्ड है. मूल वीडियो में वह मुस्लिम और हिंदू धर्म में अंतर समझा रहे थे, जिसके एक हिस्से को मूल संदर्भ से काटकर शेयर किया जा रहा है.

By -  Jagriti Trisha
Published -  27 Jan 2026 5:32 PM IST
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    Shankaracharya Avimukteshwaranand viral edited video clip

    शंकराचार्य विवाद के बीच सोशल मीडिया पर अविमुक्तेश्वरानंद का एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि अविमुक्तेश्वरानंद इस्लाम की विशिष्टता गिनाते हुए लोगों से कलमा पढ़ने की अपील कर रहे हैं.

    बूम ने पाया कि वायरल वीडियो क्रॉप्ड है. अविमुक्तेश्वरानंद मूल वीडियो में इस्लाम और हिंदू धर्म के बीच अंतर समझा रहे थे, जिसके एक हिस्से को मूल संदर्भ से काटकर शेयर किया जा रहा है.

    शंकराचार्य विवाद तब शुरू हुआ जब 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज माघ मेला प्रशासन ने संगम स्नान के लिए जा रही अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी रोक दी. अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाया कि इस दौरान पुलिस ने उनके शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की की और उनके साथ दुर्व्यवहार किया.

    इसके बाद प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने मामले में नोटिस जारी करते हुए अविमुक्तेश्वरानंद से शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगा. इस कार्रवाई को लेकर संत समाज में नाराजगी फैल गई और कई लोग उनके समर्थन में उतर आए.

    सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?

    इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे माध्यमों पर वायरल हो रहे इस वीडियो में अविमुक्तेश्वरानंद कहते नजर आ रहे हैं, "जो इस्लाम को अंगीकार करेगा कलमा पढ़ेगा, जब उसका निधन होगा, कयामत का दिन आएगा तो मोहम्मद साहब उसकी सिफारिश करके उसको बहिश्त भिजवा देंगे वहां सुखों का भोग करेगा. जो कलमा नहीं पढ़ा है- चाहे वो कितना ही सत्यवादी हो, चाहे वो कितना ही सच्चरित्र हो, चाहे कितना ही बड़ा सन्यासी हो, शंकराचार्य हो, मोहम्मद साहब उसकी सिफारिश नहीं करेंगे और उसको सदा-सदा के लिए दोजख की नर्क में झोंक दिया जाएगा. इसलिए कलमा पढ़ लेना एक मोहम्मद पर और एक खुदा पर विश्वास कर लेना."

    इस वीडियो को शेयर करते हुए यूजर्स अविमुक्तेश्वरानंद पर सवाल उठा रहे हैं और लिख रहे हैं कि 'यह कैसा संत है जो इस्लाम धर्म अपनाने वाले व्यक्ति को इस्लाम का प्रचारक बताता है, यह तो शंकराचार्य का पद है उसे 'कलंकित' कर रहा है क्या ऐसे व्यक्ति को शंकराचार्य के पद से जोड़ा जाना चाहिए.' (आर्काइव लिंक)

    पड़ताल में क्या मिला:

    वायरल वीडियो क्रॉप्ड है

    संबंधित कीवर्ड सर्च करने पर हमें अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े 1008.Guru नाम के फेसबुक पेज पर 16 दिसंबर 2025 का पोस्ट किया गया इस वीडियो का लंबा वर्जन मिला.

    इस दो मिनट के वीडियो में अविमुक्तेश्वरानंद मुस्लिम और हिंदू धर्म के बीच तुलना करते नजर आते हैं. इस क्रम में वह कहते हैं, "कोई भी मुसलमान जो हमारी बात को सुन रहा हो वह नाराज न हो क्योंकि जो सच्चाई है, हम वही बोल रहे हैं. आपका जो धर्म है, वह गोलबंदी है कि हमारी गोल में आ जाओ, सब ठीक है. हमारी गोल से बाहर हो तो तुम गलत हो."

    फिर वह आगे कहते हैं, "उनकी परिभाषा के अनुसार जो इस्लाम को अंगीकार करेगा कलमा पढ़ेगा, जब उसका निधन होगा, कयामत का दिन आएगा तो मोहम्मद साहब उसकी सिफारिश करके उसको बहिश्त भिजवा देंगे वहां सुखों का भोग करेगा."


    वीडियो के एक हिस्से को एडिट कर जोड़ा गया है

    आगे अविमुक्तेश्वरानंद हिंदू धर्म में कर्म और आचरण के महत्व को बताते हुए उसे इस्लाम से भिन्न करते हैं और कहते हैं, "जो कलमा नहीं पढ़ा है- चाहे वो कितना ही सत्यवादी हो, चाहे वो कितना ही सच्चरित्र हो, चाहे कितना ही बड़ा सन्यासी हो, शंकराचार्य हो, मोहम्मद साहब उसकी सिफारिश नहीं करेंगे और उसको सदा‑सदा के लिए दोजख की नर्क में झोंक दिया जाएगा. ये गोलबंदी नहीं तो क्या है. और हमारे यहां यमराज, हमारे धर्म में यमराज ये नहीं देखेंगे कि ये कौन आया, हमारा आया कि पराया आया. वो देखेंगे कि ये जो आया है, उसके आचरण कैसे रहे हैं. अगर अच्छे आचरण हैं, तो अच्छा फल दो, अगर बुरे आचरण हैं, तो बुरा फल दो."

    फिर वह हिंदू धर्म की विशेषता बताते हुए कहते हैं, "कलमा पढ़ा मुसलमान भी आएगा तो यमराज ये नहीं देखेंगे कि ये तो कलमा पढ़ा हुआ है. वो ये देखेंगे कि इसका आचरण कैसा है. अगर अच्छा आचरण होगा, तो उसको भी स्वर्ग भेजा जाएगा. अगर उसके आचरण खराब हैं, तो कितना ही कलमा पढ़ा हो, नरक में ले जाकर रगड़ दिया जाएगा. इसलिए कलमा पढ़ लेना, एक मोहम्मद पर और एक खुदा पर विश्वास कर लेना, ये उनके यहां की नीति है कि ये पढ़ लो, बाकी सब ठीक है. हमारे यहां नहीं. हमारा न्याय का धर्म है."

    वीडियो से स्पष्ट होता है कि इस अंतिम पंक्ति को उसके मूल संदर्भ से काटकर अधूरे बयान वाले वायरल क्लिप में जोड़ते हुए एडिट किया गया है.

    यह वीडियो श्री ज्योतिर्मठ के आधिकारिक इंस्टाग्राम और फेसबुक पेज भी देखा जा सकता है. बता दें कि अविमुक्तेश्वरानंद उत्तराखंड के जोशीमठ स्थित ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य हैं.


    यह भी पढ़ें -शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की आलोचना के दावे से पवन खेड़ा का एडिटेड वीडियो वायरल


    Tags

    ShankaracharyaEdited video
    Read Full Article
    Claim :   वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि अविमुक्तेश्वरानंद इस्लाम की विशिष्टता बताते हुए लोगों से कलमा पढ़ने की अपील कर रहे हैं.
    Claimed By :  Social Media Posts
    Fact Check :  False
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