आरएसएस के बचाव कार्य की यह तस्वीर 2013 केदारनाथ त्रासदी की है

दावा किया जा रहा है कि तस्वीर में दिख रहे आरएसएस कार्यकर्ता हाल ही में उत्तराखंड में आयी आपदा के दौरान लोगों की मदद कर रहे हैं.

हाल में उत्तराखंड के चमोली ज़िले (Chamoli) में आई बाढ़ के बाद आरएसएस (RSS) कार्यकर्ताओं की एक करीब 7 साल पुरानी तस्वीर वायरल है. इस तस्वीर में आरएसएस वर्कर्स राहत का सामान लेकर पहाड़ों में चल रहे हैं.

बूम ने पाया कि वायरल हो रही तस्वीर उत्तराखंड की ही है परंतु यह 2013 में केदारनाथ (Kedarnath floods) में आई भारी बाढ़ के वक़्त की है, अभी की नहीं.

उत्तराखंड के चमोली ज़िले के रैणी गांव (Raini Village) से लेकर तपोवन (Tapovan) तक धौली गंगा नदी में 7 फ़रवरी को अचानक बाढ़ आई. इस बाढ़ का कारण था नंदा देवी पर्वत (Nandadevi Range) पर एक ग्लेशियर का फ़टना. अधिकारियों के मुताबिक़ 206 लोग लापता हैं. इनमें से करीब 34 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं और खोज जारी है.

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वायरल तस्वीर में चार लोग आरएसएस की यूनिफ़ॉर्म में बोरियों में राहत का सामान लेकर पहाड़ों में चलते दिख रहे हैं.

फ़ेसबुक पर आरएसएस नाम के एक पेज पर वायरल एक पोस्ट के कैप्शन में लिखा है: "चमोली... तपोवन !! लगभग 13 गांवो के तो अवशेष ही बचे हैं... सैकड़ों स्त्री-पुरुष-बच्चे खुले में पड़े हैं... दिन जैसे तैसे कट जाता है,लेकिन रात में तापमान 1-2 डिग्री हो जाता है... उस पर जंगली भालुओं का डर !! पुल बह चुका है... सड़कों का नामोनिशां नहीं... ऐसे में खाद्यों से भरी बोरियां कंधे पर उठाए यह कौन लोग है ?... नमन... वंदन ,ऐसी निष्ठा को.... राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जंवाज़ों ने पिछले 3 दिनों से मोर्चा संभाल रक्खा है... कोई भूखा न मरे... कोई बीमारी से न मरे... आभार !! स्वयंसेवकों !!"

पोस्ट नीचे देखें और इनके आर्काइव्ड वर्शन यहां और यहां देखें.






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फ़ैक्ट चेक

बूम ने रिवर्स इमेज सर्च कर समवाद आर्गेनाईजेशन का एक 2013 में प्रकाशित हुआ लेख पाया. इस लेख में वायरल फ़ोटो प्रकाशित की गयी थी. लेख में अंग्रेजी में टाइटल था जो इस प्रकार है: "Day-12: RSS Relief Works at Uttarakhand – A Report in Brief; Needs more helping hands"

इस रिपोर्ट के मुताबिक़ 2013 में केदारनाथ में आई भारी बाढ़ के वक़्त आरएसएस ने यह राहत कार्य किया था.


इसके बाद खोज करने पर हमें कई रिपोर्ट्स मिली जो आरएसएस द्वारा 2013 की बाढ़ में उत्तराखंड में किये गए राहत कार्य पर प्रकाश डालती हैं. बूम ने वायरल तस्वीर एफ़.डाक्यूमेंट्स पर भी पाई जो आरएसएस स्वयंसेवकों की उत्तराखंड फ्लड डिजास्टर मैनेजमेंट में भूमिका पर गौर करता है.


बूम ने वर्तमान में आरएसएस के राहत कार्य पर खोज की पर हमें कोई रिपोर्ट नहीं मिली जो चमोली में आरएसएस के राहत कार्य का उल्लेख करती हो.

Claim Review :   उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर फटने पर तबाही के बाद आर.एस.एस के वर्कर्स काम कर रहे हैं.
Claimed By :  Social media
Fact Check :  False
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