फैक्ट चेक: ट्रेन के अंदर परीक्षार्थी की मौत के दावे का वीडियो बिहार का नहीं है
वायरल वीडियो को शूट करने वाले मुबारक हुसैन ने बूम को बताया कि घटना 11 जून को आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम स्टेशन के पास की है.

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई कांग्रेस नेता ने एक विचलित करने वाला वीडियो शेयर किया है जिसमें ट्रेन के अंदर दम घुटने से परीक्षार्थी की मौत का दावा किया गया. इस वीडियो को शनिवार 13 जून 2026 को बिहार के पाटलिपुत्र जंक्शन में हुए अभ्यर्थी प्रदर्शन से जोड़कर शेयर किया जा रहा है.
वीडियो शूट करने वाले मुबारक हुसैन के अनुसार, यह 11 जून 2026 को आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम स्टेशन के नजदीक की घटना है. इस दौरान विवेक एक्सप्रेस में सवार एक यात्री की नशे का इंजेक्शन न मिलने के कारण हालत बिगड़ गई थी.
बिहार पुलिस मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा के कई अभ्यर्थियों ने 13 जून 2026 की देर रात पाटलिपुत्र जंक्शन में प्रदर्शन किया. ट्रेनों की कमी और देरी के चलते परीक्षा छूटने के डर से आक्रोशित छात्रों ने रेलवे ट्रैक पर कूदकर ट्रेनों को रोकने के साथ पथराव किया. इस दौरान सुरक्षाबलों ने लाठी-डंडों और आंसू गैस के गोले दागकर प्रदर्शन को नियंत्रित किया.
मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा 14 जून को दो शिफ्ट में होनी थी जिसके लिए शनिवार रात से कटिहार जाने के लिए अभ्यर्थी पाटलिपुत्र स्टेशन पहुंचे थे.
क्या है दावा?
कांग्रेस नेता श्रीनिवास बीवी ने वीडियो शेयर करते हुए सिस्टम की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा. पोस्ट और आर्काइव देखें.
महाराष्ट्र कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता अतुल पाटिल ने भी वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया जिसे रीट्वीट करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि "जिसकी सरकार अपने अरबपति दोस्तों पर लाखों करोड़ लुटा देती है, पर अपने ही छात्रों को एक सुरक्षित सफर नहीं दे सकती." पोस्ट और आर्काइव देखें
पड़ताल में क्या मिला: वीडियो आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम का है
1. असम के निवासी ने बनाया था वीडियो: वायरल वीडियो की जांच के दौरान हमने असम के गुवाहाटी निवासी मुबारक हुसैन का पता लगाया जिन्होंने 13 जून 2026 को इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि ट्रेन में ड्रग्स इंजेक्शन न मिलने के कारण एक आदिवासी भाई की मौत हो गई. पोस्ट में उन्होंने #VivekExpress का जिक्र किया.
इसी हैंडल से 14 जून को उसी शख्स की मौत से पहले का वीडियो बताते हुए एक और पोस्ट किया गया. इसमें वह ऊपर वाली सीट पर चढ़ने की कोशिश कर रहा है लेकिन कुछ लोग उसे रोकते हुए नजर आ रहे हैं. साथ ही कैप्शन में लिखा कि ड्रग्स दवाओं की कमी से केरल आते समय ट्रेन में मौत.
एक अन्य वीडियो में एक शख्स ट्रेन की बर्थ के सहारे चादर बांधकर उसमें बैठा हुआ दिख रहा है. हमने पाया कि यह शख्स वायरल वीडियो में भी मौजूद है.
2. वीडियो शूट करने वाले ने बताया: मुबारक ने बूम से बातचीत में बताया कि यह वीडियो 11 जून 2026 को उन्होंने अपने मोबाइल पर शूट किया था जब वह विवेक एक्सप्रेस (22504) से असम के गुवाहाटी से केरल के एर्नाकुलम जा रहे थे.
मुबारक ने आगे बताया, "वीडियो आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम रेलवे स्टेशन के पास 11 जून की शाम साढ़े 6 बजे का है जब अचानक मेरे सामने वाली अपर बर्थ पर बैठे शख्स को अटैक आने लगा. उसपर पानी की छींटे डाली गई और नीचे वाली बर्थ पर लिटाया गया. हालांकि कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई."
मुबारक ने दावा किया कि वह शख्स आदिवासी समुदाय से था अपने एक दोस्त के साथ पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन से चढ़ा था. घटना के बाद दोस्त ने बताया कि मृतक नशे का आदी था और इंजेक्शन न मिलने से तबीयत खराब हो गई.
केरल के अलापुज्जा में एक कार वॉशिंग सेंटर में काम करने वाले मुबारक ने आगे बताया कि जनरल कोच में काफी भीड़ होने के कारण कोई डॉक्टर देखने नहीं आ पाया और कुछ देर बाद उस शख्स का दोस्त और कुछ लोग बॉडी लेकर आगे चले गए.
वायरल वीडियो शूट करने वाले मुबारक ने बूम के साथ ओरिजनल क्लिप भी शेयर की जिसके मेटाडेटा में वीडियो की लोकेशन, दिन और समय दिखाई दे रहा है.
3. विवेक एक्सप्रेस का रूट: आगे हमने डिब्रूगढ़ से कन्याकुमारी तक चलने वाली विवेक एक्सप्रेस (22504) के रूट की जांच की और पाया कि यह ट्रेन बिहार में सिर्फ किशनगंज स्टेशन पर ही रुकती है. यह पटना या पाटलिपुत्र स्टेशन नहीं जाती है.
हमने ट्रेन के रूट के अनुसार- पलासा, श्रीकाकुलम, विजयनगरम और विशाखापट्टनम की रेलवे पुलिस से भी संपर्क किया लेकिन कहीं भी 11 जून को यात्री की मौत की सूचना नहीं पाई गई.
साउथ कोस्ट रेलवे के सीपीआरओ बालाजी किरण ने बूम को बताया, "पूरे विशाखापट्टनम और विजयवाड़ा डिविजन में 11 जून को विवेक एक्सप्रेस के किसी यात्री की मौत की सूचना नहीं मिली है."
पड़ताल से स्पष्ट है कि वीडियो बिहार का नहीं है और पाटलिपुत्र में 13 जून को हुए प्रदर्शन से पहले का है. हालांकि बूम वीडियो में दिख रहे शख्स की मौत के दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है.
4. मध्य पूर्व रेलवे ने किया खंडन: वायरल वीडियो को लेकर पूर्व मध्य रेलवे के एक्स हैंडल से बयान जारी कर कहा गया कि वीडियो पाटलिपुत्र स्टेशन का नहीं है. राहुल गांधी के पोस्ट को रीशेयर करते हुए पूर्व मध्य रेलवे ने लिखा, "घटना पाटलिपुत्र स्टेशन की नहीं है. यह भी स्पष्टतया बताना है कि किसी भी व्यक्ति की मृत्यु से संबंधित कोई भी सूचना किसी भी स्रोत से नहीं है."
अडिशनल रिपोर्टिंग: जागृति तृषा


