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फैक्ट चेक

फैक्ट चेक: नोएडा प्रोटेस्ट में 14 प्रदर्शनकारियों के मारे जाने का दावा गलत है

नोएडा पुलिस गलत जानकारी और अफवाह फैलाने के आरोप में दो एक्स हैंडल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर रही है.

By -  Shefali Srivastava
Published -  13 April 2026 5:44 PM IST
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    Noida employee protest

    दिल्ली से सटे नोएडा में पिछले तीन दिन से सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर जारी कर्मचारियों के प्रदर्शन ने सोमवार को हिंसक रूप ले लिया. नोएडा के फेज- 2 और सेक्टर 84 समेत कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की. पुलिस की ओर से स्थिति पर नियंत्रण के लिए आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज किया गया.

    इस बीच सोशल मीडिया पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में 14 लोगों की मौत और 32 के घायल होने का गलत दावा किया जा रहा है. यूपी पुलिस ने इसका खंडन करते हुए अफवाह फैलाने वाले सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है.

    नोएडा में प्राइवेट कंपनियों के असंगठित कर्मचारी वेतन वृद्धि की मांग को लेकर पिछले तीन दिन से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे. हालांकि मांगों की सुनवाई न होने पर सोमवार को तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं. रविवार को जिला प्रशासन, पुलिस और प्राधिकरण के अधिकारियों ने मीटिंग कर आश्वासन दिया था लेकिन कर्मचारियों का कहना है कि वे इससे संतुष्ट नहीं हैं.

    दरअसल हरियाणा सरकार ने हाल ही में न्यूनतम मासिक वेतन में 35 फीसदी बढ़ोतरी का फैसला लिया है. इसके तहत, हाई स्किल्ड श्रमिकों का मासिक वेतन 5000 रुपये बढ़ाया गया है. इसी के बाद यूपी में भी वेतन वृद्धि की मांग तेज हो गई.

    यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ा एक्शन लेने की बात कही.

    सोशल मीडिया पर क्या है दावा?

    सोशल मीडिया पर @Proudindiannavi नाम के एक्स हैंडल ने नोएडा प्रोटेस्ट के विजुअल शेयर करते हुए दावा किया कि सैकड़ों GenZ प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर धावा बोला. इस दौरान यूपी पुलिस की ओपन फायरिंग में 14 लोगों की मौत हो गई जबकि 32 घायल हैं. यह सोशल मीडिया हैंडल पिछले कई दिनों से गलत और पाकिस्तान समर्थक दावे फैला रहा है. (आर्काइव लिंक)




    इसी तरह @Mir_Ilyas_INC नाम के हैंडल ने भी प्रदर्शन के दौरान 14 लोगों के मारे जाने का दावा किया. (आर्काइव लिंक)


    पड़ताल में क्या मिला:

    बूम ने फैक्ट चेक में पाया कि नोएडा प्रोटेस्ट के दौरान फायरिंग का दावा गलत है. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए बल प्रयोग और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था.

    यूपी पुलिस का खंडन

    हमारी पड़ताल में यूपी पुलिस के एक्स हैंडल से किया गया पोस्ट मिला जिसमें दावे का खंडन करते हुए दोनों सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात की गई. यूपी पुलिस ने दावे को फेक बताते हुए लिखा, "श्रमिकों द्वारा अन्य राज्य से दुष्प्रेरित होकर नोएडा में कई जगह प्रदर्शन किया गया है, मात्र एक जगह हिंसक प्रदर्शन होने पर पुलिस द्वारा न्यूनतम बल प्रयोग कर स्थितियां नियंत्रित की गई हैं. पुलिस द्वारा कहीं भी फायरिंग नही की गई है."

    यूपी डीजीपी के पीआरओ राहुल श्रीवास्तव ने बूम को बताया कि नोएडा पुलिस दोनों एक्स हैंडल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर रही है.

    #UPPFactCheck

    श्रमिकों द्वारा अन्य राज्य से दुष्प्रेरित होकर नोएडा में कई जगह प्रदर्शन किया गया है, मात्र एक जगह हिंसक प्रदर्शन होने पर पुलिस द्वारा न्यूनतम बल प्रयोग कर स्थितियां नियंत्रित की गई हैं। पुलिस द्वारा कहीं भी फायरिंग नही की गयी है। असत्य एवं भ्रामक सूचना फैलाए जाने… pic.twitter.com/btP6dezAHG

    — UP POLICE (@Uppolice) April 13, 2026

    आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज किया गया

    हमने मीडिया रिपोर्ट्स को भी खंगाला जिनमें हिंसक प्रदर्शन की बात कही गई थी, लेकिन कहीं भी पुलिस फायरिंग का जिक्र नहीं था (यहां और यहां पढ़ें). जाहिर है कि प्रदर्शन में इतनी संख्या में लोगों के मारे जाने की खबर मीडिया रिपोर्ट में प्रमुखता से छापी गई होती.

    इसके अलावा प्रदर्शन को कवर कर रहे एक स्थानीय संवाददाता ने बूम को बताया कि फायरिंग और 14 लोगों के मारे जाने की बात गलत है. पुलिस ने स्थिति पर काबू पाने के लिए कुछ जगह बल प्रयोग किया है.

    स्थानीय संवाददाता के अनुसार, नोएडा के सेक्टर 57, 82, 63 और 15 में इंडस्ट्रियल एरिया के कर्मचारियों ने सोमवार को आगजनी और तोड़फोड़ की. इस दौरान कई पुलिस वाहनों को भी आग लगाई गई. पुलिस फिलहाल स्थिति को काबू करने की कोशिश कर रही है. सुबह प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए थे लेकिन फायरिंग की बात गलत है.

    Tags

    NoidaUP policeProtestUttar Pradesh
    Read Full Article
    Claim :   नोएडा में Gen Z प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में 14 लोगों की मौत हो गई.
    Claimed By :  Social media users
    Fact Check :  False
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