नोएडा श्रमिक प्रदर्शन से जोड़कर पुराने और असंबंधित वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो दो अलग-अलग घटनाओं से संबंधित हैं. इनका नोएडा प्रोटेस्ट से कोई संबंध नहीं है.

उत्तर प्रदेश के नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुए मजदूरों के प्रदर्शन से जोड़कर दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. पहले वीडियो में एक बिल्डिंग में भीषण आग लगी दिखाई दे रही है, जिसे शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि नोएडा सेक्टर-62 में प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने फैक्ट्री में आग लगा दी.
दूसरे वीडियो में कुछ लोग पुलिस की गाड़ी पर पथराव करते नजर आ रहे हैं. इसे भी नोएडा के प्रदर्शन से जोड़कर दावा किया जा रहा है कि आंदोलनकारी मजदूर पुलिस पर पथराव कर रहे हैं.
बूम ने पाया कि बिल्डिंग में लगी आग का वीडियो करीब दो साल पुराना है, जब नोएडा की एक आईटी कंपनी में एसी फटने की वजह से आग लग गई थी.
वहीं दूसरा वीडियो उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का है, जहां अक्टूबर 2025 में एक विवाद के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस की गाड़ी पर पथराव कर दिया था.
गौरतलब है कि 13 अप्रैल को मजदूरों का प्रदर्शन हिंसक हो गया था, जिसके बाद सेक्टर-62 समेत नोएडा के कई इलाकों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आई थीं. इस प्रदर्शन में ऑटोमोटिव कंपोनेंट निर्माता कंपनी संवर्धना मदरसन ग्रुप समेत अन्य फैक्ट्रियों के कर्मचारी शामिल थे.
इस मामले में अबतक 13 एफआईआर और 62 गिरफ्तारियां हुई हैं. इसी बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने अंतरिम वेतन वृद्धि को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू माने जाएंगे. इसमें न्यूनतम वेतन में करीब 3000 रुपये तक की बढ़ोतरी की बात कही गई है.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
वीडियो एक: इस वीडियो में एक बिल्डिंग में भीषण आग लगी दिखाई दे रही है. नोएडा प्रोटेस्ट से जोड़ते हुए फेसबुक पर एक यूजर ने इस वीडियो के साथ लिखा, 'बताओ अब ऐसे बढ़ेगी सैलरी?' (आर्काइव लिंक)
वहीं एक्स पर एक यूजर ने लिखा, 'नोएडा के इंडस्ट्रियल एरिया में मजदूरों का गुस्सा भड़क उठा. ₹18,000-₹20,000 न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर शुरू हुआ प्रदर्शन हिंसक हो गया. फेज-2, सेक्टर-60 और 62 में आगजनी, तोड़फोड़ और झड़पों ने हालात बिगाड़ दिए. होजरी कॉम्प्लेक्स में भारी नुकसान की खबरें सामने आई हैं.' (आर्काइव लिंक)
वीडियो दो: इंस्टाग्राम पर पुलिस वाहन पर पथराव वाले वीडियो को शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा, 'आज नोएडा सेक्टर-86 में पब्लिक मदरसन कंपनी के मजदूरों का कहना है कि उनकी सैलरी बढ़ाकर 20,000 रुपये से ऊपर की जाए.' (आर्काइव लिंक)
पड़ताल में क्या मिला:
1. फैक्ट्री में लगी आग का वीडियो 2024 का है
वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें एक इंस्टाग्राम पोस्ट में 1 जून 2024 का अपलोड किया गया वायरल वीडियो मिला. इससे साफ था कि यह वीडियो पहले से इंटरनेट पर मौजूद है और इसका हालिया प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है.
आगे संबंधित कीवर्ड सर्च करने पर हमें इस घटना से जुड़ी कई मीडिया रिपोर्ट मिलीं, जिनमें वायरल वीडियो के विजुअल मौजूद थे. आजतक, ईटीवी भारत, नवभारत टाइम्स और एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक घटना 1 जून 2024 की है.
एसी फटने की वजह से लगी थी आग
रिपोर्ट के अनुसार तब नोएडा के सेक्टर-63 स्थित एक आईटी कंपनी के ऑफिस में एसी के इनडोर यूनिट में ब्लास्ट होने की वजह से आग लग गई थी. उस समय करीब 20 कर्मचारी अंदर काम कर रहे थे. आग लगने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई.
कुछ रिपोर्ट में तत्कालीन सीएफओ प्रदीप कुमार चौबे का बयान भी शामिल है, जिसमें उन्होंने बताया था कि सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया हालांकि तीन गाड़ियों की मदद से ही आग पर काबू पा लिया गया.
Getty Images की वेबसाइट पर 1 जून 2024 की इस घटना से जुड़ी कई तस्वीरें देखी जा सकती हैं, जिनमें वायरल वीडियो में दिख रही जलती हुई बिल्डिंग की तस्वीर भी शामिल है.
2. पुलिस की गाड़ी पर पथराव का वीडियो गोरखपुर का है
वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें इस घटना से जुड़ी कई न्यूज रिपोर्ट मिलीं. एनडीटीवी, न्यूज 18, जी न्यूज और ईटीवी भारत की 21-22 अक्टूबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार घटना उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की है.
असल में गोरखपुर के गीडा थाना क्षेत्र स्थित नौसढ़ चौकी के जवाहर चक गांव में दुर्गापूजा के दौरान विवाद में घायल हुए हनुमान चौहान की 20 अक्टूबर 2025 को लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई. शव के गांव पहुंचते ही लोगों में आक्रोश फैल गया. स्थानीय लोगों और परिजनों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें एक महिला सिपाही समेत 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए.
खबरों के मुताबिक घटना की शुरुआत 4 अक्टूबर को हुई थी, जब दुर्गापूजा के दौरान गांव के रोशन चौहान और उसके साथियों ने हनुमान पर हमला कर दिया. परिजनों का आरोप था कि हमलावरों के खिलाफ अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई.
एक शख्स की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने किया था पुलिस पर पथराव
पोस्टमॉर्टम के बाद 21 अक्टूबर को जब शव नौसढ़ चौराहे पर पहुंचा तो ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे. पुलिस द्वारा शव हटाने की कोशिश में स्थिति बिगड़ गई. गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस वैन पर पथराव कर दिया, जिसमें एक महिला सिपाही का सिर फट गया और 4 पुलिसकर्मी घायल हो गए.
दैनिक जागरण की 25 अक्टूबर 2025 की एक रिपोर्ट में बताया गया कि हनुमान चौहान की मौत के बाद हुए पथराव के मामले में पुलिस ने 22 आरोपियों की पहचान की, जिनमें से 6 को गिरफ्तार कर लिया गया. दैनिक भास्कर की मार्च 2026 की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार मामले में फरार एक आरोपी विशाल यादव की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है.
गूगल मैप्स पर गोरखपुर के नौसढ़ चौराहे/तिराहे के स्ट्रीट व्यू में वायरल वीडियो से मिलते-जुलते विजुअल देखे जा सकते हैं.


