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फैक्ट चेक

CJP प्रोटेस्ट के दौरान लाठीचार्ज में प्रदर्शनकारियों की मौत का दावा गलत है

दिल्ली पुलिस ने इन दावों का खंडन करते हुए बताया कि किसी प्रदर्शनकारी की मौत नहीं हुई. दिल्ली स्थित राम मनोहर लोहिया अस्पताल में गंभीर रूप से घायल एक महिला का इलाज जारी है, जिसकी स्थिति पहले से बेहतर है.

By -  Jagriti Trisha
Published -  25 July 2026 2:19 PM IST
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    Viral posts falsely claiming deaths during the CJP protest.

    दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी का 'चलो संसद' मार्च उस समय उग्र हो गया, जब प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया. पुलिस के मुताबिक इस दौरान तकरीबन 60 प्रदर्शनकारी और 118 पुलिसकर्मी घायल हुए.

    इसी बीच सोशल मीडिया पर प्रदर्शनकारियों के मौत के दावे से कई कंटेंट शेयर किए जा रहे हैं. हालांकि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान किसी भी प्रदर्शनकारी की मौत से इनकार किया है.

    सोशल मीडिया पर क्या है वायरल

    दावा एक: इससे जुड़े एक वीडियो में एक अचेत प्रदर्शनकारी को दिखाया गया और कहा गया कि पुलिस की मार से एक छात्र की मौत हो गई.

    इसके साथ एक महिला का वीडियो भी शेयर किया गया, जिसमें वह कहती नजर आती हैं कि उनका बेटा प्रदर्शन में गया था, जहां पुलिस ने उसे मारा और उनकी एफआईआर भी दर्ज नहीं की जा रही. (आर्काइव लिंक)

    दावा दो: ऐसे ही एक एआई जनित तस्वीर के साथ दावा किया गया कि जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज में घायल एक लड़की की मौत हो गई. तस्वीर में एक युवती की फोटो पर फूलों की माला चढ़ी हुई दिखाई गई है. (आर्काइव लिंक)

    पड़ताल में क्या मिला

    फैक्ट एक:

    छात्र की मौत के दावे पर ग्राउंड रिपोर्टर ने क्या बताया

    हमें indore_insight के फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट पर 20 जुलाई का पोस्ट किया गया अचेत युवक वाला वीडियो मिला, जिसमें पुलिसकर्मी उसे उठाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं.

    इस हैंडल पर प्रदर्शन के अन्य वीडियो के अलावा इससे जुड़ा एक और वीडियो भी मौजूद है, जिसमें युवक को सीपीआर देने की बात की जा रही है. वीडियो के अंत में पुलिसकर्मी युवक को उठाकर बैठाते हुए दिखाई देते हैं.

    इस संबंध में जानकारी के लिए हमने इस पेज को चलाने वाले लखन शर्मा से संपर्क किया. लखन शर्मा के मुताबिक यह वीडियो 20 जुलाई को प्रदर्शन के दिन संसद मार्ग थाने के पास रिकॉर्ड किया गया था.

    उन्होंने बताया, "पुलिस युवक को बेहोशी की हालत में टांगकर एम्बुलेंस के पास ले आई थी. हालांकि सीपीआर देने के बाद हमारे सामने ही उसे होश आ गया था, जिसके बाद पुलिस युवक को लेकर अस्पताल चली गई." बकौल लखन उस वक्त वहां उनके अलावा और भी मीडिया संस्थानों के रिपोर्टर मौजूद थे.

    वीडियो में दिख रही महिला मेजर मोहित शर्मा की मां हैं

    इसके बाद हमने युवक की मां बताई जा रही महिला का वीडियो चेक किया. रिवर्स इमेज सर्च की मदद से हमने पाया कि यह महिला किसी प्रदर्शनकारी की नहीं बल्कि मेजर मोहित शर्मा की मां सुशीला शर्मा हैं.

    मोहित शर्मा की मौत 21 मार्च 2009 को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में आतंकवादियों के खिलाफ लड़ते हुए हुई थी. मरणोपरांत उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था.

    उनकी मां सुशीला शर्मा का यह वीडियो 14 अगस्त 2024 को Zee Switch के यूट्यूब चैनल पर प्रकाशित हुआ था. मूल वीडियो में वह वायरल दावे जैसा बयान नहीं दे रहीं बल्कि बेटे के शहीद होने के बाद परिवार पर आने वाली कठिनाइयों पर बात करती नजर आ रही हैं.



    वीडियो में एआई की मदद से की गई हेरफेर

    पुष्टि के लिए बूम ने Deepfakes analysis unit (DAU) के अपने सहयोगियों की भी मदद ली. पड़ताल के दौरान उन्हें वीडियो में कई विसंगतियां दिखीं, मसलन कुछ फ्रेम में उनके होंठों की गतिविधि ऑडियो से मेल नहीं खाती. फेस पर अस्वाभाविक चमक दिखाई देती है. वहीं गाल पर हाथ फेरते समय उनकी उंगलियां भी टेढ़ी-मेढ़ी नजर आती हैं.

    पीआईबी ने भी इस दावे को फेक बताते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान कोई मौत नहीं हुई, महिला वाला यह वायरल वीडियो एआई से बना डीपफेक है.

    फैक्ट दो:

    तस्वीर एआई जनित है

    आगे हमने युवती की मौत के दावे से वायरल तस्वीर की जांच की तो पाया कि इसे एआई की मदद से क्रिएट किया गया है.



    आरएमएल के मुताबिक युवती की हालत में सुधार है

    हमें कहीं भी महिला प्रदर्शनकारी की मौत से जुड़ी कोई विश्वसनीय जानकारी नहीं मिली. मीडिया रिपोर्ट में आरएमएल हॉस्पिटल द्वारा जारी एक बुलेटिन के हवाले से बताया गया कि प्रदर्शन के दौरान गंभीर रूप से घायल हुई एक 21 वर्षीय युवती साक्षी की हालत में काफी सुधार हुआ है. उन्हें वेंटिलेटर से हटा दिया गया है और वह अब स्वयं सांस ले रही हैं. साक्षी 20 तारीख को 11 बजे के करीब जंतर-मंतर और टॉल्स्टॉय मार्ग के पास घायल हुई थीं.

    न्यूजलॉन्ड्री ने घायलों पर एक ग्राउंड रिपोर्ट की है जिसमें साक्षी के परिजनों के बयान शामिल हैं. बूम ने न्यूजलॉन्ड्री के लिए रिपोर्ट करने वाले अवधेश कुमार से भी संपर्क किया, जिन्होंने बताया कि वायरल तस्वीर में दिख रही महिला साक्षी नहीं हैं और साक्षी फिलहाल रिकवर कर रही हैं.

    पीआईबी और दिल्ली पुलिस ने भी किया खंडन

    पीआईबी और दिल्ली पुलिस ने भी इस दावे का खंडन करते हुए बताया कि महिला जीवित है और वर्तमान में राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती है, जहां के डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि उसकी हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर है.


    यह भी पढ़ें -CJP Protest: दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन के इस्तेमाल से किया इनकार, घायल प्रदर्शनकारी ने क्या कहा

    Tags

    Cockroach Janta PartyJantar Mantar DelhiArtificial Intelligence#Delhi Police
    Read Full Article
    Claim :   20 जुलाई को CJP के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज में कुछ प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई.
    Claimed By :  Social Media Posts
    Fact Check :  False
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