पश्चिम बंगाल में गांधी की मूर्ति के साथ तोड़फोड़ की तस्वीर बांग्लादेश के दावे से वायरल
बूम ने पाया कि महात्मा गांधी की मूर्ति तोड़ने की यह घटना पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के चाकुलिया में हुई थी.

भारत और बांग्लादेश के बीच जारी तनाव के मद्देनजर बांग्लादेश में महात्मा गांधी की प्रतिमा तोड़ने के दावे से सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है. बूम ने फैक्ट चेक में पाया कि वायरल तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा गलत है.
महात्मा गांधी की मूर्ति के साथ हुई तोड़फोड़ की यह घटना बांग्लादेश की नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले की है. 15 जनवरी 2026 को उत्तर दिनाजपुर के चाकुलिया में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) विरोधी प्रदर्शन के दौरान गांधी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था.
बांग्लादेश में 18 दिसंबर 2025 को ईशनिंदा के आरोप में एक गारमेंट वर्कर दीपू चंद्र दास की हत्या कर दी गई थी. हाल ही में 17 जनवरी 2026 को भी अलग-अलग जगहों पर दो हिंदू नागरिक रिपन साहा और लिटन चंद्र घोष को मार डाला गया. इन हमलों ने भारत में बांग्लादेश विरोधी माहौल पैदा कर दिया है. इसी क्रम में बांग्लादेश में महात्मा गांधी की प्रतिमा का सिर काटने के दावे से ये तस्वीर शेयर की जा रही है.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर में महात्मा गांधी की मूर्ति का टूटा हुआ सिर दिखाई दे रहा है, जिसे उनकी प्रतिमा के बगल में ही रख दिया गया है. एक्स पर एक यूजर ने इस तस्वीर को बांग्लादेश का बताते हुए लिखा, 'बांग्लादेशियों ने बापू का भी सर तन से जुदा कर दिया...' (आर्काइव लिंक)
एक्स और फेसबुक पर एक अन्य यूजर ने इसके साथ लिखा, 'बांग्लादेश में आपका स्वागत है बापू...बापू ने 55 करोड़ रुपये देने के लिए भूख हड़ताल किए. उन्होंने हिंदुओं से पूर्ण अहिंसा की मांग की और मुसलमानों को अपने धर्म की रक्षा के अधिकारों का समर्थन किया, आज बांग्लादेशियों ने सर तन से जुदा करके गांधी जी के प्रति अपना सम्मान दिखाया. बधाई हो बापू बिना सिर के गांधीगिरी जिंदाबाद ! पुनश्च: हमें बांग्लादेशियों की सराहना करनी चाहिए. उन्होंने सिर को मूर्ति के बगल में रखा. उन्होंने इसे फेंका नहीं या इसके साथ फुटबॉल नहीं खेला.. ' (आर्काइव लिंक)
पड़ताल में क्या मिला:
घटना पश्चिम बंगाल के चाकुलिया की है
रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें CCN Sambad के फेसबुक पेज पर 16 जनवरी 2026 को पोस्ट की गई यही तस्वीर मिली. इसके बांग्ला कैप्शन में बताया गया कि चाकुलिया में SIR की सुनवाई को लेकर बीडीओ ऑफिस में हुई हिंसा के दौरान महात्मा गांधी की मूर्ति तोड़ दी गई.
आगे संबंधित कीवर्ड सर्च करने पर हमें इस घटना से जुड़ी कई मीडिया रिपोर्ट मिलीं. एबीपी न्यूज बांग्ला की 16 जनवरी 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, 15 जनवरी को उत्तर दिनाजपुर के चाकुलिया में गोलपोखर स्थित बीडीओ कार्यालय में एसआईआर विरोधी प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक भवन के प्रवेश द्वार पर गांधी की प्रतिमा तोड़ दी गई.
एसआईआर विरोधी प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा
15 जनवरी को चाकुलिया बीडीओ कार्यालय में भड़की हिंसा के दौरान पुलिस वाहन पर भी पत्थरबाजी हुई, जिसमें छह पुलिसकर्मी घायल हो गए. चाकुलिया में चुनाव आयोग ने अनियमितताओं के आधार पर सुनवाई के लिए 69,000 मतदाताओं को तलब किया था जिसके विरोध में चाकुलिया के कई इलाकों में प्रदर्शन हुए.
इस तोड़फोड़ की घटना के संबंध में अबतक 21 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं. घटना को लेकर डिजिटल बांग्ला, टीवी 19 बांग्ला, जी 24, एबीपी आनंदा और आनंदबाजार की रिपोर्ट देखी जा सकती है.
बीते दिनों पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर समेत विभिन्न जिलों में एसआईआर के विरोध में लोग सड़कों पर उतर आए. द हिंदू की रिपोर्ट में बीडीयो द्वारा दर्ज शिकायत के हवाले से कहा गया कि लगभग 300 लोगों की भीड़ जबरन कार्यालय परिसर में प्रवेश कर गई और कार्यालय के विभिन्न हिस्सों को नष्ट कर दिया.
बीजेपी बंगाल ने तृणमूल पर लगाया आरोप
बीजेपी वेस्ट बंगाल ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा और लिखा, 'तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने BDO ऑफिस में तोड़फोड़ की और महात्मा गांधी की मूर्ति का सिर काट दिया.' वहीं इसपर टीएमसी के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि कोई भी पार्टी ऐसी घटनाओं का समर्थन नहीं करती लेकिन एसआईआर के नाम पर लोगों को परेशान किया जा रहा है.


