LPG संकट के मद्देनजर पलायन करते मजूदरों के दावे से धार्मिक यात्रा का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो में दिख रहे लोग बलरामपुर जिले स्थित देवी पाटन मंदिर के लिए पैदल यात्रा कर रहे थे.

एलपीजी संकट और कथित लॉकडाउन के दावे से एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. वीडियो में सैकड़ों लोग अपने सामान के साथ सड़कों पर पैदल चलते दिखाई दे रहे हैं. यूजर्स इसे एलपीजी संकट के मद्देनजर मजदूरों के पलायन का दृश्य बताते हुए शेयर कर रहे हैं.
बूम ने पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है. यह मजदूरों के पलायन का नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के तुलसीपुर स्थित देवी पाटन मंदिर की ओर जा रहे श्रद्धालुओं की पदयात्रा का है.
गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में संसद में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि इस संकट ने देश के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. उन्होंने इसकी तुलना COVID-19 महामारी के समय से की, जिसके बाद लोग लॉकडाउन के कयास लगाने लगे. हालांकि मुख्यमंत्रियों के साथ मीटिंग के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि देश में इस तरह का कोई लॉकडाउन नहीं लगेगा.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
फेसबुक पर इस वीडियो को शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा, 'फिर से 6 साल बाद दिल्ली से मजदूर पैदल अपने-अपने घर जा रहे हैं.' (आर्काइव लिंक) इंस्टाग्राम पर भी एक यूजर वीडियो के साथ दावा किया कि LPG गैस खत्म होने पर लोग दिल्ली से पैदल अपने घर जा रहे हैं. (आर्काइव लिंक)
एक अन्य फेसबुक यूजर ने वीडियो को लुधियाना का बताते हुए लिखा, 'कंपनियों में काम बंद होने पर लुधियाना वालों की हालत.' (आर्काइव लिंक) यूट्यूब पर भी यह वीडियो बड़े पैमाने पर वायरल है जहां यूजर्स दावा कर रहे हैं कि गैस सिलेंडर न मिलने के कारण सब अपने गांव लौट रहे हैं.
पड़ताल में क्या मिला
वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है
पड़ताल के दौरान हमें lucky_creater_11 नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर 25 मार्च 2026 का पोस्ट किया गया यही वीडियो मिला. हालांकि इसके साथ कोई खास जानकारी नहीं दी गई थी लेकिन इसके कमेंट सेक्शन में एक यूजर ने बताया था कि ये भीड़ तुलसीपुर स्थित मंदिर जा रही है.
वीडियो एक धार्मिक यात्रा का है
हमें इस इंस्टाग्राम अकाउंट पर ऐसी भीड़ वाले कई वीडियो मिले, जिनके कैप्शन में बताया गया है कि लोग यूपी के बलरामपुर स्थित देवी पाटन मंदिर के लिए पैदल यात्रा कर रहे हैं. ज्यादातर वीडियो में इस यूजर को रिकॉर्ड करते हुए देखा जा सकता है, जो बताता है कि यूजर भी इस पैदल यात्रा का था. सोशल मीडिया पर कई अन्य यूजर्स ने भी देवीपाटन जा रही इस पैदल यात्रा से जुड़े वीडियो साझा किए हैं. यहां और यहां देखें.
पुष्टि के लिए बूम ने वीडियो पोस्ट करने वाले यूजर लकी से संपर्क किया. उन्होंने बताया कि वीडियो के साथ किए जा रहे दावे गलत हैं. उनके मुताबिक वह बाराबंकी से देवी पाटन के दर्शन के लिए पैदल यात्रा पर निकले थे और यह वीडियो उन्होंने खुद शूट किया था. लकी ने बातचीत में यह भी बताया कि देवी पाटन पहुंचने में उन्हें करीब छह-सात दिन लगे थे.
बता दें कि देवीपाटन मंदिर बलरामपुर जिले के तुलसीपुर में स्थित है, इसका नाम 51 सिद्ध शक्तिपीठों में शुमार है. मान्यता है कि यहां देवी सती का बायां कंधा गिरा था.
19 मार्च से यहां चैत्र नवरात्रि का मेला शुरू हुआ था. अमर उजाला और दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक अष्टमी के दिन प्रसिद्ध भुजवा मेला उमड़ा जिसमें भुर्जी समाज के श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की कठिन पदयात्रा कर माता पाटेश्वरी का दर्शन करने पहुंचे. रिपोर्ट के बताया गया कि उनकी यह परंपरा करीब 138 वर्षों से चली आ रही है. अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु पांच दिनों की पदयात्रा निकालते हैं, जो पगडंडियों-खेतों और कच्चे रास्तों से गुजरते हुए अष्टमी के दिन देवीपाटन पहुंचती है.
सरकार ने किया लॉकडाउन की अफवाहों का खंडन
लॉकडाउन की अफवाहों पर प्रतिक्रिया देते हुए पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपने आधिकारिक एक्स पर लिखा कि लॉकडाउन को लेकर फैल रही अफवाहें पूरी तरह गलत हैं. सरकार के स्तर पर ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है.
हालांकि एलपीजी संकट के चलते विभिन्न राज्यों से मजदूरों के लौटने की खबरें सामने आई हैं लेकिन यह स्पष्ट है कि वायरल वीडियो का इससे कोई संबंध नहीं है.


