क्या वायरल तस्वीर में दिख रहा लकड़ी का दिल श्रीकृष्ण का है? फ़ैक्ट-चेक

बूम ने पाया कि वायरल तस्वीर एक आर्टवर्क है जिसे पेरिस स्थित लकड़ी से आर्ट बनाने वाले एक कलाकार ने बनाई है

सोशल मीडिया पर लकड़ी से बने एक बड़े आकार के दिल की तस्वीर वायरल हो रही है. तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ये भगवान श्रीकृष्ण का ह्रदय है जो उड़ीसा स्थित जगन्नाथ मंदिर में सुरक्षित रखा है. तस्वीर में एक बड़े आकार का लकड़ी का दिल ज़ंजीर से बंधा हुआ दिख रहा है.

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फ़ेसबुक पर एक यूज़र ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, "भगवान् कृष्ण ने जब देह छोड़ी तो उनका अंतिम संस्कार किया गया , उनका सारा शरीर तो पांच तत्त्व में मिल गया,लेकिन उनका हृदय बिलकुल सामान्य एक जिन्दा आदमी की तरह धड़क रहा था और वो बिलकुल सुरक्षित था , उनका हृदय आज तक सुरक्षित है, जो भगवान् जगन्नाथ की काठ की मूर्ति के अंदर रहता है और उसी तरह धड़कता है , ये बात बहुत कम लोगो को पता है, महाप्रभु का महा रहस्य सोने की झाड़ू से होती है सफाई......

महाप्रभु जगन्नाथ(श्री कृष्ण) को कलियुग का भगवान भी कहते है.... पुरी(उड़ीसा) में जग्गनाथ स्वामी अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलराम के साथ निवास करते है, मगर रहस्य ऐसे है कि आजतक कोई न जान पाया, हर 12 साल में महाप्रभु की मूर्ती को बदला जाता है,उस समय पूरे पुरी शहर में ब्लैकआउट किया जाता है, यानी पूरे शहर की लाइट बंद की जाती है,लाइट बंद होने के बाद मंदिर परिसर को crpf की सेना चारो तरफ से घेर लेती है,उस समय कोई भी मंदिर में नही जा सकता, मंदिर के अंदर घना अंधेरा रहता है...पुजारी की आँखों मे पट्टी बंधी होती है...पुजारी के हाथ मे दस्ताने होते है..वो पुरानी मूर्ती से "ब्रह्म पदार्थ" निकालता है और नई मूर्ती में डाल देता है...ये ब्रह्म पदार्थ क्या है आजतक किसी को नही पता...इसे आजतक किसी ने नही देखा. ..हज़ारो सालो से ये एक मूर्ती से दूसरी मूर्ती में ट्रांसफर किया जा रहा है, ये एक अलौकिक पदार्थ है जिसको छूने मात्र से किसी इंसान के जिस्म के चिथड़े उड़ जाए... इस ब्रह्म पदार्थ का संबंध भगवान श्री कृष्ण से है...मगर ये क्या है ,कोई नही जानता,भगवान जगन्नाथ और अन्य प्रतिमाएं उसी साल बदली जाती हैं, जब साल में आसाढ़ के दो महीने आते हैं। 19 साल बाद यह अवसर आया है,वैसे कभी-कभी 14 साल में भी ऐसा होता है, इस मौके को नव-कलेवर कहते हैं, मगर आजतक कोई भी पुजारी ये नही बता पाया की महाप्रभु जगन्नाथ की मूर्ती में आखिर ऐसा क्या है ??? कुछ पुजारियों का कहना है कि जब हमने उसे हाथ में लिया तो खरगोश जैसा उछल रहा था...आंखों में पट्टी थी...हाथ मे दस्ताने थे तो हम सिर्फ महसूस कर पाए, आज भी हर साल जगन्नाथ यात्रा के उपलक्ष्य में सोने की झाड़ू से पुरी के राजा खुद झाड़ू लगाने आते है, भगवान जगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार से पहला कदम अंदर रखते ही समुद्र की लहरों की आवाज अंदर सुनाई नहीं देती, जबकि आश्चर्य में डाल देने वाली बात यह है कि जैसे ही आप मंदिर से एक कदम बाहर रखेंगे, वैसे ही समुद्र की आवाज सुनाई देंगी, आपने ज्यादातर मंदिरों के शिखर पर पक्षी बैठे-उड़ते देखे होंगे, लेकिन जगन्नाथ मंदिर के ऊपर से कोई पक्षी नहीं गुजरता,झंडा हमेशा हवा की उल्टी दिशामे लहराता है, दिन में किसी भी समय भगवान जगन्नाथ मंदिर के मुख्य शिखर की परछाई नहीं बनती, भगवान जगन्नाथ मंदिर के 45 मंजिला शिखर पर स्थित झंडे को रोज बदला जाता है, ऐसी मान्यता है कि अगर एक दिन भी झंडा नहीं बदला गया तो मंदिर 18 सालों के लिए बंद हो जाएगा, इसी तरह भगवान जगन्नाथ मंदिर के शिखर पर एक सुदर्शन चक्र भी है, जो हर दिशा से देखने पर आपके मुंह आपकी तरफ दीखता है, भगवान जगन्नाथ मंदिर की रसोई में प्रसाद पकाने के लिए मिट्टी के 7 बर्तन एक-दूसरे के ऊपर रखे जाते हैं, जिसे लकड़ी की आग से ही पकाया जाता है, इस दौरान सबसे ऊपर रखे बर्तन का पकवान पहले पकता है। भगवान जगन्नाथ मंदिर में हर दिन बनने वाला प्रसाद भक्तों के लिए कभी कम नहीं पड़ता, लेकिन हैरान करने वाली बात ये है कि जैसे ही मंदिर के पट बंद होते हैं वैसे ही प्रसाद भी खत्म हो जाता है और भी कितनी ही आश्चर्यजनक चीजें हैं, हमारे सनातन धर्म की। जय हो सनातन धर्म की


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इसी दावे के साथ ये तस्वीर फ़ेसबुक पर वायरल है.

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फ़ैक्ट-चेक

बूम ने वायरल तस्वीर को रिवर्स इमेज सर्च किया तो पाया कि ये असल में पेरिस स्थित एक आर्टिस्ट Dimitri Tsykalov का आर्टवर्क है. Dimitri एक जाने माने आर्टिस्ट हैं जो देह के अलग अलग हिस्सों का बहुत रचनात्मक आर्टवर्क बनाते हैं.

बूम को जाँच के दौरान फ़्रान्स की Ministry of culture की वेबसाइट में Dimitri के इस आर्टवर्क की तस्वीर मिली. ये तस्वीर यहाँ 12 जून 2013 को पब्लिश की गई थी. तस्वीर के साथ लिखा है, "Dimitri Tsykalov, heart."


वेबसाइट में दी गई जानकारी के अनुसार Dimitri का जन्म 1963 में रूस के मॉस्को में हुआ था. रूस से ही पढ़ाई लिखाई करने के बाद 1991 में वो पेरिस में रहने लगे.

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बूम को एक अन्य वेबसाइट Artshebdomedias में भी ये तस्वीर मिली जिसके अनुसार ये तस्वीर आर्टिस्ट Dimitri की है.


बूम को ये तस्वीर Dimitri Tsykalov की आधिकारिक वेबसाइट पर भी मिली जहां इसे 2013 में अपलोड किया गया था.


वायरल दावे से जुड़ी है एक मान्यता

मान्यताओं के अनुसार श्रीकृष्ण का दिल अभी भी भगवान जगन्नाथ की मूर्ति में स्थापित है. इस पिंड को आज तक किसी भी व्यक्ति ने नहीं देखा है. नवकलेवर के अवसर पर जब 12 या 19 साल में मूर्तियों को बदला जाता है उस वक्त पुजारी की आंखों पर पट्टी बांध दी जाती है और हाथों को कपड़े से ढक दिया जाता है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि जो भी उस दिल को देख लेगा उसकी मृत्यु हो जायेगी.

बूम ने इस संबंध में आर्टिस्ट Dimitri से भी संपर्क किया है, जानकारी मिलने पर हम उनका वर्जन भी शामिल करेंगे.

Claim :   वायरल तस्वीर श्रीकृष्ण का दिल है
Claimed By :  social media
Fact Check :  False
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