केतन मर्डर केस के बाद लोहागढ़ में पर्यटकों की भीड़ के दावे से पुराना वीडियो वायरल
बूम ने जांच में पाया कि पर्यटकों की भारी भीड़ वाला यह वायरल वीडियो हाल का नहीं बल्कि साल 2023 का है.

महाराष्ट्र के पुणे स्थित लोहागढ़ किले में साल 2023 में जुटी भीड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर इस झूठे दावे के साथ वायरल है कि यह केतन अग्रवाल हत्याकांड के बाद उस जगह को देखने के लिए उमड़ी पर्यटकों की भीड़ को दिखाता है.
लोहागढ़ किले में 18 जून को व्यवसायी केतन अग्रवाल की हुई हत्या के मामले में उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया गया है. कई रिपोर्ट में दावा किया गया कि केतन अग्रवाल को कथित तौर पर जिस जगह से धक्का दिया गया था, उसके बारे में पर्यटकों की पूछताछ बढ़ने के बाद वह आकर्षण का केंद्र बन गया है.
सोशल मीडिया पर क्या है दावा?
एक्स और फेसबुक जैसे माध्यमों पर भीड़ के इस वीडियो को साझा करते हुए दावा किया गया कि लोग केतन अग्रवाल की हत्या वाली जगह 'सिया पॉइंट' को देखने के लिए भीड़ लगा रहे हैं.
एक यूजर ने लिखा, 'हत्या से जुड़े कथित स्थान को लोग अब 'सिया पॉइंट' के नाम से पहचान रहे हैं और बड़ी संख्या में उसे देखने पहुंच रहे हैं. वहां पर्यटकों की संख्या में करीब 25% बढ़ोत्तरी दर्ज गई है.'
आर्काइव लिंक यहां और यहां देखें.
पड़ताल में क्या मिला:
वीडियो साल 2023 का है
वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमने पाया कि इसे जुलाई 2023 में पोस्ट किया गया था.
एक्स पर पोस्ट किए गए इस वीडियो के मराठी कैप्शन में बताया गया कि लोहागढ़ में भीड़ के कारण पर्यटक चार घंटे तक फंसे रहे थे.
2023 की मीडिया रिपोर्ट में भी मौजूद है यह वीडियो
एबीपी न्यूज मराठी की 4 जुलाई 2023 की एक रिपोर्ट में भी वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए बताया गया कि मानसून की शुरुआत के साथ ही वीकेंड पर लोहागढ़ किले में इतनी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच गए कि वहां खड़े होने तक की जगह नहीं बची. भारी भीड़ के कारण लोग करीब चार घंटे तक किले पर फंसे रहे और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा.
इससे साफ था कि वीडियो पुराना है और केतन अग्रवाल हत्याकांड से पहले का है.



