फैक्ट चेक: राम मंदिर चंदा चोरी विवाद से जोड़कर शेयर किया गया कर्नाटक का वीडियो
बूम ने पाया वायरल फुटेज कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित गली अंजनेय स्वामी मंदिर में हुई हेराफेरी से जुड़ा है, जोकि साल 2024 में चर्चा में आया था.

सोशल मीडिया पर राम मंदिर में चंदा चोरी के दावे से एक असंबंधित सीसीटीवी फुटेज वायरल हो रहा है. मंदिर के इस फुटेज में कुछ लोग पैसे गिनते हुए दिखाई दे रहे हैं वहीं कुछ अन्य लोग नोटों के बंडल छिपाते नजर आ रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि यह फुटेज राम मंदिर में हुई चंदा चोरी की घटना का है.
बूम ने पाया कि वायरल फुटेज अयोध्या राम मंदिर का नहीं बल्कि कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित गली अंजनेय स्वामी मंदिर का है. साल 2024 में दान राशि की गिनती के दौरान चोरी किए जाने के ये वीडियो सामने आए थे. इस विवाद के बाद कर्नाटक सरकार ने मंदिर का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया था.
गौरतलब है कि अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है. खबरों के मुताबिक इस मामले में पिछले कुछ दिनों में 70 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 7 जून को इस मुद्दे को उठाते हुए योगी सरकार पर निशाना साधा था, जिसके बाद 13 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर SIT का गठन किया गया.
जांच के दौरान अब तक 9 ऐसे कर्मचारियों की पहचान हुई है, जिन्होंने हाल ही में महंगे मोबाइल फोन और गाड़ियां खरीदी हैं. इसमें राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर रहे राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू का नाम भी सामने आया है, हालांकि राम शंकर यादव ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
फेसबुक पर वायरल फुटेज को राम मंदिर चंदा चोरी विवाद से जोड़कर शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा, "इतने दिन से हल्ला मचा था राम मंदिर में हुए दान के पैसों की चोरी का मामला, अब तो सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हो गया है."
फेसबुक पर कई अन्य यूजर्स ने भी इस फुटेज को हालिया बताते हुए इन्हीं मिलते-जुलते दावों के साथ शेयर किया है.
पड़ताल में क्या मिला:
वीडियो राम मंदिर का नहीं है
रिवर्स इमेज सर्च की मदद से हमें इंडिया टुडे की 30 सितंबर 2024 की एक रिपोर्ट मिली, जिसमें वायरल वीडियो के विजुअल मौजूद थे. रिपोर्ट के मुताबिक यह फुटेज बेंगलुरु के अंजनेय स्वामी मंदिर का है, जहां दान राशि की गिनती के दौरान पैसे चोरी किए जाने के कई वीडियो सामने आए थे. रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि वायरल फुटेज के आधार पर जुलाई 2024 में एक एफआईआर भी दर्ज की गई थी.
बेंगलुरु स्थित मंदिर की घटना
हिंदुस्तान टाइम्स की 28 सितंबर 2024 की रिपोर्ट में मंदिर के मुख्य पुजारी के हवाले से कहा गया कि घटना एक साल से भी पुरानी थी, इसके चलते कार्यकारी समिति के दो सदस्यों को निलंबित कर दिया गया और दो रसोइयों को भी निकाल दिया गया था.
साल 2025 की एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया कि वीडियो के सामने आने के बाद श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश फैल गया था. हालांकि फुटेज में दिखाई दे रहे लोगों की तत्काल पहचान नहीं हो सकी थी. वित्तीय अनियमितताओं के बाद कर्नाटक सरकार ने आधिकारिक रूप से गली अंजनेय स्वामी मंदिर का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया था.
घटना पर मौजूद स्थानीय मीडिया रिपोर्ट
Tv9 Kannada और Zee Kannada News के यूट्यूब चैनल पर भी वीडियो से संबंधित 27 सितंबर 2024 की रिपोर्ट देखी जा सकती है. इन रिपोर्टों में भी फुटेज को बेंगलुरु के गली अंजनेय मंदिर में हुई दान राशि की हेराफेरी से जुड़ा बताया गया है.
न्यूज 18 की एक रिपोर्ट में राम मंदिर में चढ़ावे की राशि की गिनती के कुछ वीडियो दिखाए गए हैं, हमने पाया कि ये वीडियो वायरल वीडियो में दिख रहे दृश्यों से मेल नहीं खाते.


