पुलिसकर्मी से मारपीट का यह वीडियो SC में बदसलूकी करने वाले प्रबल प्रताप का नहीं है
बूम ने पाया कि वीडियो उत्तर प्रदेश के कानपुर का है, जहां एक वकील और दो पुलिसकर्मियों के बीच हाथापाई हो गई थी.

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में बदसलूकी और चीफ जस्टिस के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करने वाले प्रबल प्रताप से जोड़कर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है. इस वीडियो में वकील की वेशभूषा वाले एक शख्स और पुलिसकर्मियों के बीच हाथापाई होती दिख रही है. दावा किया जा रहा है कि वीडियो में नजर आ रहा वकील प्रबल प्रताप है.
बूम ने पाया कि वीडियो के साथ किया गया दावा गलत है. वीडियो उत्तर प्रदेश के कानपुर सिविल लाइंस कचहरी के पास का है, जहां वकील और दो सिपाहियों के बीच हाथापाई हो गई थी. वकीलों का आरोप था कि नशे में धुत्त सिपाही वसूली कर रहे थे. हालांकि मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है.
उत्तर प्रदेश के इटावा निवासी प्रबल प्रताप द्वारा 10 जुलाई को जजों को ऑर्डर देने, चीफ जस्टिस को अपशब्द कहने और दस्तावेज फेंकने के बाद सुप्रीम कोर्ट में हड़कंप मच गया, जिसके बाद उसे कोर्टरूम से बाहर निकाल दिया गया.
प्रबल लखनऊ स्थित एक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कंपनी में काम करता था. नौकरी छूटने के बाद वह बकाया वेतन और धोखाधड़ी से जुड़े मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था. इस मामले की सुनवाई जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच कर रही थी.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
एक्स और फेसबुक जैसे माध्यमों पर इस वीडियो को शेयर करते हुए यूजर्स लिख रहे हैं कि 'CJI सूर्यकांत को मां की गाली देने वाले वकील प्रबल प्रताप का वीडियो सामने आया है. वकील साहब एक पुलिस अधिकारी से मारपीट कर रहें हैं जैसे गली-मोहल्ले के लोकल गुंडे करते हैं. पुलिस अधिकारी को बीच चौराहे पर दौड़ा-दौड़ा कर मारना कहा तक उचित है. कानून की पढ़ाई करने वाले ही कानून का उल्लंघन और शर्मसार करने वाली हरकत कर रहे हैं.' आर्काइव लिंक यहां और यहां देखें.
पड़ताल में क्या मिला:
वीडियो में दिख रहा शख्स प्रबल प्रताप नहीं है
हमने पाया कि वायरल वीडियो में दिख रहे वकील का चेहरा सुप्रीम कोर्ट में बदसलूकी करने वाले आरोपी प्रबल प्रताप से मेल नहीं खाता. साथ ही वीडियो में आस-पास मौजूद अन्य लोग (वकील) उसे राहुल कहकर संबोधित करते नजर आते हैं.
आगे हमने संबंधित कीवर्ड की मदद से वीडियो से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट की तलाश की. लाइव हिंदुस्तान, यूपी तक, दैनिक जागरण और नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक वीडियो 10 जुलाई का उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुई घटना का है.
वीडियो उत्तर प्रदेश के कानपुर का है
बकौल रिपोर्ट यह घटना कानपुर सिविल लाइंस कचहरी के गुप्तार घाट के पास की है, जहां पहले से निलंबित सिपाही दुष्यंत सिंह और डायल-112 में तैनात सिपाही धीरज मिश्रा एक गाड़ी को चेक कर रहे थे. इसी दौरान उनकी वकीलों से कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हाथापाई में तब्दील गई.
मामला सामने आने के बाद कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की. वकीलों का आरोप था कि दोनों सिपाही नशे की हालत में वसूली कर रहे थे. वहीं स्थानीय लोगों ने भी दावा किया कि दोनों पुलिसकर्मी नशे में थे.
कानपुर नगर पुलिस कमिश्नरेट के आधिकारिक एक्स हैंडल पर इस घटना के संबंध में सहायक पुलिस आयुक्त आनंद कुमार ओझा का बयान भी देख सकते हैं, जिसमें उन्होंने दोनों सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी है.


