जावेद अख्तर ने खुद को धार्मिक घोषित नहीं किया, वायरल दावे वाली पोस्ट फर्जी है
बूम ने पाया कि सफेद टोपी पहने जावेद अख्तर की वायरल तस्वीर फर्जी है और संभवतः इसे एआई से बनाया गया है.

सोशल मीडिया पर एक शख्स का वीडियो वायरल है, जिसमें वह प्रसिद्ध गीतकार जावेद अख्तर की एक तस्वीर दिखा रहा है. तस्वीर में जावेद अख्तर सफेद टोपी लगाए हैं जिसके साथ दावा किया जा रहा है कि उन्होंने इस्लाम कबूल लिया है और वह मुस्लिम बन गए हैं.
बूम ने जांच में पाया कि यह दावा गलत है और जावेद अख्तर के इस्लाम कबूल कर लेने के दावे से वायरल तस्वीर संभवतः एआई जनरेटेड है.
गौरतलब है कि पटकथा लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता जावेद अख्तर ने सार्वजनिक रूप से खुद को नास्तिक घोषित किया है और धर्म की अवधारणा की आलोचना करते हैं. जावेद अख्तर ने 20 दिसंबर 2025 को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में ‘Does God Exist?’ विषय पर मुस्लिम स्कॉलर मुफ्ती शमाइल नदवी के साथ एक लाइव बहस में भाग लिया था. इसी संदर्भ में यह तस्वीर वायरल है.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
फेसबुक पर एक यूजर (आर्काइव लिंक) ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, ‘जावेद अख्तर ने अल्लाह को मान लिया.’
पड़ताल में क्या मिला:
बूम ने वायरल वीडियो की पड़ताल के लिए दावे से संबंधित कीवर्ड से गूगल पर सर्च किया. लेकिन हमें जावेद अख्तर के संबंध में इस दावे की पुष्टि करने वाली कोई भी विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली और न ही हमें ऐसी कोई न्यूज रिपोर्ट मिली, जिसमें जावेद अख्तर की इस तस्वीर को दिखाया गया हो.
जावेद अख्तर ने वायरल दावे का खंडन किया
जावेद अख्तर ने अपने एक्स हैंडल पर इस तस्वीर को फर्जी बताते हुए फेक फैलाने वालों पर पुलिस कार्रवाई करने की बात लिखी है. उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि कंप्यूटर से बनाई गई मेरी एक फर्जी तस्वीर को दिखाने वाली एक फर्जी वीडियो शेयर की जा रही है, जिसमें मेरे सिर पर एक टोपी लगाई गई है और यह दावा किया जा रहा है कि मैं अंततः ईश्वर की ओर मुड़ गया हूं यह पूरी तरह बकवास है.
A fake video is in circulation showing my fake computer generated picture with a topi on my head claiming that ultimately I have turned to God . It is rubbish . I am seriously considering to report this to the cyber police and ultimately dragged the person responsible for this…
— Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu) January 1, 2026
वायरल तस्वीर एआई जनरेटेड
हमने वायरल तस्वीर को एआई डिटेक्टर टूल Deepfake-O-Meter पर इसे चेक किया तो पाया कि यह एआई जनरेटेड है. Deepfake-O-Meter के NPR (2024) मॉडल ने इस तस्वीर के 97 प्रतिशत से अधिक एआई जनरेटेड होने की संभावना व्यक्त की है.


