ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की आखिरी तस्वीर के दावे से AI जनरेटेड फोटो वायरल
US Iran war: वायरल हो रही तस्वीरें खामेनेई की असली तस्वीरें नहीं हैं. इन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया है.

अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ चलाए गए संयुक्त अभियान में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई. इसी बीच सोशल मीडिया पर उनकी आखिरी फोटो के दावे से दो तस्वीरें वायरल रही हैं.
बूम ने पाया कि वायरल हो रही दोनों तस्वीरे एआई जनित हैं. आधिकारिक तौर पर ऐसी कोई तस्वीर सार्वजनिक नहीं हुई है. Hivemoderation जैसे एआई डिटेक्शन टूल तस्वीरों के एआई जनरेटेड होने की पुष्टि करते हैं.
गौरतलब है कि 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने एक संयुक्त अभियान के तहत ईरान के कई शहरों पर सैन्य हमले किए, जिसके बाद से स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है. इसके जवाब में ईरान ने इजरायल के तेल अवीव समेत कतर, आबू धाबी, दुबई और संयुक्त अरब अमीरात सहित कई खाड़ी देशों को निशाना बनाया है. ईरान ने इसकी पुष्टि की कि इजरायली हमले में उसके सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई.
खामेनेई के निधन के बाद भारत सहित दुनिया के कई हिस्सों में लोगों ने शोक व्यक्त किया. हालांकि एक धड़ा ऐसा भी देखने को मिला जो उनकी मौत के बाद जश्न मनाता नजर आया.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
सोशल मीडिया पर दो तस्वीरें वायरल हो रही हैं. पहली तस्वीर में खामेनेई का चेहरा मलबे के भीतर दबा हुआ दिखाया गया है. फेसबुक पर इस तस्वीर को शेयर करते हुए यूजर्स दावा कर रहे हैं कि यह इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद द्वारा रिलीज खामेनेई की अंतिम तस्वीर है. (आर्काइव लिंक)
दूसरी तस्वीर में कुछ लोग खामनेई के शरीर के ऊपर से मलबा हटाते नजर आ रहे हैं. यूजर्स इस तस्वीर को शेयर करते हुए लिख रहे हैं कि 'कट्टरवाद और आतंकवाद का यही अंजाम होता है चाहे ओसामा बिन लादेन हो या Khamenei हो. और हां इसी आतंकवाद और कट्टरवाद को #Congress प्रत्यक्ष समर्थन देती आई है और आज भी दे रही है.' (आर्काइव लिंक)
पड़ताल में क्या मिला:
पड़ताल के दौरान हमें ऐसी कोई विश्वसनीय रिपोर्ट नहीं मिली जिसमें कहा गया हो कि इजरायल की तरफ से खामनेई की ऐसी कोई तस्वीर सार्वजनिक की गई है. हालांकि कुछ खबरों में इजरायली मीडिया के हवाले से कहा गया कि खामेनेई के शव की एक तस्वीर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को दिखाई गई थी.
हमने पाया कि वायरल हो रही तस्वीरें आपस में मेल नहीं खातीं. वेरीफाई करने के लिए हमने इनकी अलग-अलग पड़ताल की.
तस्वीर एक: इसमें मौजूद विसंगतियां
पहली तस्वीर में चेहरे की बनावट और उसकी लाइटिंग काफी काल्पनिक लगती है. इसके अलावा सिर पर ईंट-पत्थर गिरने के बावजूद कहीं भी खून या चोट का कोई स्पष्ट निशान दिखाई नहीं देता. ये असंगतियां इस बात की ओर इशारा करती हैं कि तस्वीर संभवतः AI की मदद से बनाई गई है.
एआई डिटेक्शन टूल्स ने क्या बताया
हमने तस्वीर को AI डिटेक्शन टूल Hivemoderation और Was It AI पर चेक किया. Hivemoderation ने तस्वीर के एआई की मदद से बनाए जाने की संभावना 84.8 प्रतिशत जताई. वहीं Was It AI ने भी इसे एआई जनरेटेड करार दिया.
पुष्टि के लिए हमने तस्वीर को डीपफेक एनालिसिस यूनिट (DAU) में अपने सहयोगियों के पास भेजा. शुरुआती जांच में मिले-जुले परिणाम मिलने के बाद DAU ने आगे विश्लेषण के लिए Contrails AI की मदद ली. जांच के बाद Contrails AI ने बताया कि यह तस्वीर फर्जी है और इसके AI जनित होने की संभावना है.
तस्वीर दो: SynthID एआई डिटेक्टर ने की पुष्टि
जानकारी के लिए हमने दूसरी तस्वीर को गूगल के एआई डिटेक्टर टूल SynthID पर चेक किया. इस टूल ने बताया की तस्वीर में एक SynthID वॉटरमार्क है, जो संकेत देता है कि इसे गूगल के AI टूल का इस्तेमाल कर बनाया या एडिट किया गया है.
डीपफेक एनालिसिस यूनिट ने इस तस्वीर को भी कई एआई डिटेक्शन टूल्स पर चेक किया. उन्होंने भी पुष्टि करते हुए बताया कि तस्वीर के मेटाडेटा में SynthID का वॉटरमार्क मौजूद है.
Hivemoderation ने भी बताया एआई जनरेटेड
टूल Hivemoderation ने दूसरी तस्वीर के एआई जनरेटेड होने की संभावना 99.7 प्रतिशत बताई.


