फैक्ट चेक: अमेरिकी युद्धपोत पर ईरानी हमले के दावे से AI जनरेटेड वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो वास्तविक नहीं है. इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया है.

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान द्वारा अमेरिकी नेवी के युद्धपोत पर हमला करने के दावे से एक वीडियो वायरल हो रहा है. बूम ने पाया कि वायरल हो रहा वीडियो किसी वास्विकता घटना का नहीं है.
इस वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया गया है. DeepFake-O-Meter और Hive Moderation जैसे AI डिटेक्शन टूल्स इसके एआई जनरेटेड होने की पुष्टि करते हैं.
28 फरवरी से जारी अमेरिका-इजरायल और ईरान संघर्ष के बीच सोशल मीडिया पर AI से तैयार किए गए कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिन्हें इस सैन्य संघर्ष से जोड़कर गलत तरीके से शेयर किया जा रहा है. इसी क्रम में यह वीडियो भी हमारे सामने है.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
वायरल हो रही 13 सेकंड की इस क्लिप में एक युद्धपोत पर हमले और विस्फोट का दृश्य दिखाया गया है. वीडियो में जहाज पर "US NAVY" लिखा हुआ देखा जा सकता है.
इस क्लिप को अधिकतर ईरान समर्थक अकाउंट अमेरिकी युद्धपोत पर हमले के तौर पर शेयर कर रहे हैं. (आर्काइव लिंक)
एक अन्य यूजर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए इसके हिंदी कैप्शन में लिखा, 'ईरान ने अमेरिकी नेवी के जहाज पर कई मिसाइल दागी जिससे उसमें भयंकर आग लग गई. अमेरिका अब इस युद्ध में हारता जा रहा है केवल ट्रंप के गलत नीति की वजह से अमेरिका की थू-थू हो रही है.' (आर्काइव लिंक)
पड़ताल में क्या मिला:
वायरल दावे से संबंधित न्यूज रिपोर्ट मौजूद नहीं है
हमें ईरान द्वारा किसी अमेरिकी युद्धपोत पर हमले की पुष्टि करने वाली कोई न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली. गौरतलब है कि 4 मार्च को अमेरिका ने श्रीलंका के गाले तट से लगभग 40 समुद्री मील दूर ईरानी युद्धपोत IRIS Dena को निशाना बनाया था. यह युद्धपोत भारत में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वापस ईरान लौट रहा था.
हमले के बाद ईरानी नौसेना प्रमुख ने प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है कि इस टॉरपीडो हमले में 87 नाविकों की मौत के लिए देश के दुश्मनों को प्रतिशोध का सामना करना पड़ेगा.
बीते दिनों अमेरिका ने दावा किया था कि उसने कई ईरानी नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया है, लेकिन हमें ईरान द्वारा अमेरिकी युद्धपोत पर हमले की कोई विश्वसनीय जानकारी नहीं मिली.
वीडियो में मौजूद विसंगतियां
वीडियो को ध्यान से देखने पर इसमें कुछ विसंगतियां नजर आती हैं. मसलन पानी का बहाव स्वाभाविक नहीं लगता. वहीं एक दृश्य में युद्धपोत पर जोरदार विस्फोट होता है जिससे आग जहाज के निचले हिस्से तक फैलती दिखती है लेकिन अगले ही पल वहां आग का कोई निशान नहीं रहता और वह हिस्सा फिर सामान्य दिखाई देने लगता है. ऐसी असंगतियां आमतौर पर एआई जनरेटेड वीडियो में देखने को मिलती हैं.
एआई डिटेक्शन टूल्स ने की पुष्टि
पड़ताल के लिए हमने DeepFake-O-Meter और Hive Moderation जैसे AI डिटेक्शन टूल्स पर इस वीडियो का विश्लेषण किया. DeepFake-O-Meter के Dual Label Deepfake Video Detection मॉडल ने वीडियो को 100 प्रतिशत फेक बताया. वहीं टूल Hive Moderation ने भी इसके AI जनरेटेड होने की संभावना 79.6 प्रतिशत जताई.


