Fact Check: IPS अजय पाल शर्मा को 5 साल के लिए बंगाल भेजे जाने के दावे का क्या है सच
Ajay Pal Sharma Transfer: आईपीएस अधिकारी के करीबी सूत्रों ने बूम को बताया कि उनके पास ऐसी कोई सूचना नहीं आई है और वह फिलहाल प्रयागराज में ही पोस्टेड हैं.

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण से पहले चर्चा में आए यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को लेकर एक दावा किया जा रहा है. सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि अजय पाल शर्मा को प्रतिनियुक्ति के तौर पर पांच साल के लिए बंगाल भेजा जा रहा है.
बूम के फैक्ट चेक में यह दावा गलत निकला. आईपीएस अधिकारी के करीबी सूत्रों का कहना है कि फिलहाल उनके पास ऐसा कोई ऑर्डर नहीं आया है और वह उत्तर प्रदेश स्थित प्रयागराज में अडिशनल कमिश्नर के पद पर तैनात हैं.
अजय पाल शर्मा को पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान पुलिस पर्यवेक्षक के तौर पर भेजा गया था. इस दौरान उनका फाल्टा सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान को चेतावनी देने का वीडियो वायरल हुआ था.
सोशल मीडिया पर क्या है दावा?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और फेसबुक पर कई यूजर ने दावा किया कि अजय पाल शर्मा को पांच साल के लिए बंगाल भेज दिया गया है. एक फेसबुक यूजर ने लिखा, "यह निर्णय प्रशासनिक व्यवस्था के तहत लिया गया है, जिसके अंतर्गत विभिन्न राज्यों में अनुभवी अधिकारियों की सेवाएँ ली जाती हैं." (आर्काइव)
इसी तरह कई एक्स यूजर ने भी अजय पाल शर्मा के बंगाल ट्रांसफर का दावा किया. आर्काइव पोस्ट यहां और यहां देखें.
पड़ताल में क्या मिला:
बूम ने पाया कि आईपीएस अजय पाल शर्मा की प्रतिनियुक्ति की खबर गलत है. वह फिलहाल प्रयागराज में अडिशनल कमिश्नर के पद पर तैनात हैं जहां वह साल 2025 से कार्यरत हैं.
हमारी पड़ताल में सामने आया कि विधानसभा चुनावों के नतीजे वाले दिन 4 मई को लगभग 6 बजे एक्स पर एक पैरोडी अकाउंट @abdullah_0mar ने यह दावा किया था. हालांकि कमेंट में यूजर ने स्पष्ट किया कि वह एक व्यंग्य पोस्ट था.
इसके अलावा कई न्यूज रिपोर्ट में बताया गया कि अजय पाल शर्मा को चुनाव आयोग की ओर से बंगाल स्थित दक्षिण 24 परगना में पुलिस पर्यवेक्षक के तौर पर भेजा गया था. हालांकि किसी भी रिपोर्ट में उनके पांच साल के लिए ट्रांसफर का जिक्र नहीं था.
प्रयागराज में कार्यरत हैं अजयपाल शर्मा
आईपीएस अधिकारी के करीबी सूत्रों ने बूम को बताया कि उनके पास ऐसा कोई ऑर्डर नहीं आया है. फिलहाल वह प्रयागराज स्थित अपने ऑफिस में मौजूद हैं. वह दो हफ्ते तक बंगाल में पर्यवेक्षक के तौर पर गए थे. पहले चरण में वह कूचबिहार और दूसरे चरण में डायमंड हार्बर और फाल्टा एरिया में तैनात थे.
हमने यह भी पाया कि गृह मंत्रालय की ओर से लेटेस्ट ट्रांसफर लिस्ट 14 अप्रैल को जारी की गई थी. इसमें AGMUT (Arunachal Pradesh-Goa-Mizoram and Union Territory) कैडर के अधिकारियों की पोस्टिंग की जानकारी थी. लिस्ट में अजय पाल शर्मा का नाम नहीं था.
डेप्युटेशन के क्या हैं नियम
IPS (कैडर) नियम, 1954 का नियम 6 कहता है कि IPS अधिकारियों को कुछ समय के लिए उनके मूल राज्य से बाहर काम करने भेजा जा सकता है. उन्हें केंद्र सरकार, किसी दूसरे राज्य सरकार, सरकारी नियंत्रण वाले संस्थानों या अंतरराष्ट्रीय संगठनों में नियुक्त किया जा सकता है. हालांकि यह एक लंबी प्रक्रिया होती है जिसके लिए मूल राज्य और संबंधित राज्य (जहां ट्रांसफर होना है) के बीच आपसी सहमति अनिवार्य है.


