हरिद्वार में बिकिनी पहन गंगा स्नान करती महिला का वीडियो AI एडिटेड है
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो में एआई की मदद से छेड़छाड़ की गई है. मूल वीडियो सोनम यादव नाम की एक क्रिएटर का है, जिसमें वह सलवार-कमीज पहने नजर आ रही हैं.

सोशल मीडिया पर एक वीडियो बड़े पैमाने पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला बिकिनी पहनकर गंगा स्नान करती नजर आ रही है. वीडियो को हरिद्वार की हरकी पैड़ी का बताते हुए कहा जा रहा है कि इस तरह के कपड़े पहनकर गंगा में डुबकी लगाना हिंदू धर्म की आस्था के साथ खिलवाड़ है.
बूम ने पाया कि यह एक डीपफेक वीडियो है, इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से छेड़छाड़ की गई है. मूल वीडियो सोनम यादव नाम की एक क्रिएटर का है, जिसमें वह सलवार-कमीज पहने गंगा स्नान करती नजर आ रही हैं.
इस तरह के वीडियो से साफ है कि एआई का गलत इस्तेमाल कितना खतरनाक हो सकता है. खासकर महिलाओं और विभिन्न धर्मों को निशाना बनाकर बनाए गए ऐसे वीडियो लोगों को गुमराह करने के साथ-साथ समाज में नफरत और दुर्भावना को बढ़ावा दे सकते हैं.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यूजर्स इस वीडियो को वास्तविक मानकर शेयर कर रहे हैं और इसे अमर्यादित आचरण बताते हुए इसकी आलोचना कर रहे हैं. कुछ यूजर्स इसे हिंदुओं की आस्था और रीति-रिवाजों के साथ खिलवाड़ बता रहे हैं, जबकि कुछ इसपर कार्रवाई की भी मांग कर रहे हैं. आर्काइव लिंक यहां और यहां देखें.
न्यूज 18 जैसे आउटलेट ने भी बिना पुष्टि के वायरल वीडियो के आधार पर इससे संबंधित खबर प्रकाशित की और सोशल मीडिया पर इसे लेकर हो रही चर्चाओं का जिक्र किया.
पड़ताल में क्या मिला:
1. मूल वीडियो में महिला ने बिकिनी नहीं पहनी
पड़ताल के दौरान हमें सोनम यादव नाम की एक क्रिएटर के इंस्टाग्राम अकाउंट पर 6 जून का पोस्ट किया हुआ इसका मूल वीडियो मिला. वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि वह बिकिनी नहीं बल्कि सलवार-कमीज पहने गंगा में डुबकी लगा रही हैं.
मूल वीडियो में वही लोग और वही बैकग्राउंड देखा जा सकता है. अंतर सिर्फ इतना है कि मूल वीडियो में महिला सलवार-कमीज पहने हुए हैं, जबकि वायरल वीडियो में भ्रामक दावा करने के लिए एडिट कर उनके कपड़े बदलकर उन्हें बिकिनी में दिखाया गया है.
सोनम के अकाउंट पर उस समय के और भी वीडियो मौजूद हैं, जिनमें वह सलवार-कमीज में गंगा स्नान करती दिख रही हैं.
2. AI डिटेक्शन टूल्स के परिणाम
जानकारी के लिए हमने वीडियो को AI डिटेक्शन टूल Hive Moderation पर चेक किया गया. Hive ने वीडियो के एआई जनित होने की संभावना 50.6 प्रतिशत बताई और इसके Seedance 2 (वीडियो जनरेशन मॉडल) से बनाए जाने का अनुमान लगाया.
इस पर प्रतिक्रिया के लिए हमने सोनम यादव से भी संपर्क किया. जवाब मिलने पर स्टोरी को अपडेट किया जाएगा.


