हमनें टीका लगवा लिया था: टुमकुर स्वास्थ्य अधिकारियों ने वायरल वीडियो को बताया भ्रामक

बूम ने वायरल वीडियो में दिख रहे दो स्वास्थ्य अधिकारियों से संपर्क किया. उन्होंने वायरल दावों को गलत बताया है.

एक वीडियो जिसमें कर्नाटक सरकार के दो स्वास्थ्य अधिकारी टीका लगवाने का दिखावा करते हैं, इन फ़र्ज़ी दावों के साथ वायरल है कि उन्होंने असलियत में टीका नहीं लगवाया और केवल एक्टिंग की है.

बूम ने दोनों अधिकारियों का पता लगाया. उनमे से एक नागेंद्रप्पा और एक डॉ रजनी हैं. डॉ रजनी टुमकुर के ज़िला स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र की प्रिंसिपल हैं. उन दोनों ने साफ़ किया कि वो टीका पहले ही लगवा चुके थे. बाद में वे केवल फ़ोटो के लिए पोज़ कर रहे थे क्योंकि मीडिया ने उनसे कहा था.

यह वीडियो करीब 43 सेकंड लम्बा है. इसमें एक महिला कैमरे के आगे टीका लगवाती हुई पोज़ कर रही हैं और एक नर्स लगते हुए. इसके बाद बताया गया है कि उन्होंने केवल लगवाने का नाटक किया है.

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यह वीडियो तब वायरल है जब हाल में 16 जनवरी से कोविशील्ड और कोवैक्सीन के साथ टीकाकरण शुरू किया गया है. यही वीडियो के साथ कांग्रेस के नेता और पेशे से वकील अशोक बसोया ने भी ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा: "भाजपा वाले को देखिये ज़रा सुई के नाम पर सिर्फ़ फ़ोटोओप और इसके बाद विजेता भी बन रहें हैं बता रहे है की यह कर्नाटक के भाजपा के लोग हैं !! #coronavirus #CoronaVaccine "


यही वीडियो फ़ेसबुक और ट्विटर पर वायरल है.

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फ़ैक्ट चेक

बूम ने इस वीडियो में पुरुष और महिला को टुमकुर डिस्ट्रिक्ट के स्वास्थ्य अधिकारियों के रूप में पहचाना. उनके नाम क्रमशः डिस्ट्रिक्ट स्वास्थ्य अधिकारी नागेंद्रप्पा और ज़िला स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र की प्रिंसिपल रजनी एम हैं. उन्होंने 16 जनवरी को टीका लगवाया था.

इसके बाद हमनें नागेंद्रप्पा से संपर्क किया. उन्होंने यह पुष्टि की कि वीडियो में वे ही हैं और कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के बाद केंद्र के सभी वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों ने टीका लगवाया. मैंने टीका 11.30 बजे के लगभग लगवाया पर जब मीडिया के लोग आये, वे चाहते थे कि हम फ़ोटो के लिए पोज़ दें और हमनें पोज़ दिया."

नागेंद्रप्पा से जब हमनें टीकाकरण का कोई साक्ष्य देने को कहा, उन्होंने कहा कि वे नहीं दे सकते.

इसके बाद हमनें रजनी एम से संपर्क किया. उन्होंने कहा, सबसे पहले डिस्ट्रिक्ट सर्जन टी.ए वीरभद्रैआ को 11 बजे टीका लगा. "उनके बाद एक-एक कर के हम सभी ने टीका लगवाया. मैंने टीका 12 बजे लगवाया. करीब 3 बजे डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर आये और उन्ही के साथ मीडिया आई. उन्होंने हमसे गुजारिश की कि उन्हें अधिकारियों को टीका लेते हुए फ़ोटो चाहिए, और फ़ोटोग्राफर और पत्रकारों ने हमें पोज़ देने को कहा," रजनी ने कहा. उन्होंने कोविन रजिस्ट्रेशन का डॉक्यूमेंट भी हमें भेजा जो बताता है कि उन्होंने पहला डोज़ लिया है. नीचे देखें.



Claim Review :   कोविड-19 टीकाकरण के नाम पर दिखावा चल रहा है
Claimed By :  Social media
Fact Check :  False
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