उत्तराखंड में रिटायर्ड ब्रिगेडियर की मौत: वायरल दावों का सच क्या है?
उत्तराखंड पुलिस के मुताबिक दो पक्षों के बीच आपसी विवाद के बाद हुई फायरिंग में गोली लगने से रिटायर्ड अफसर मुकेश जोशी की मौत हुई थी.

सोशल मीडिया पर उत्तराखंड के देहरादून में मॉर्निंग वॉक के दौरान गोली लगने से पूर्व ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की मौत को लेकर कई भ्रामक दावे किए जा रहे हैं. यूजर हत्या के पीछे अलग-अलग कारण बता रहे हैं.
घटना के वीडियो को साझा करते हुए एक यूजर ने दावा किया कि भाजपा और प्रधानमंत्री की आलोचना करने पर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई. वहीं एक अन्य यूजर ने कहा कि बुजुर्ग अफसर की हत्या की जिम्मेदारी मणिपुर के 'फ्रीडम फाइटर्स' ने ली है. इसके अलावा कुछ यूजर्स यह भी दावा कर रहे हैं कि रिटायर्ड अफसर को पहले से ही जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं.
बूम ने पाया कि वायरल दावे मनगढ़ंत हैं. उत्तराखंड पुलिस के मुताबिक, दो गुटों के बीच फायरिंग में मॉर्निंग वॉक पर निकले 74 वर्षीय रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी के सीने में गोली लग गई. गंभीर रूप से घायल मुकेश जोशी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
सोशल मीडिया पर मुकेश जोशी की मौत को लेकर तीन तरह के दावे किए जा रहे हैं-
1. एक्स पर घटनास्थल के वीडियो को शेयर करते हुए एक यूजर ने तमिल कैप्शन में दावा किया कि भाजपा और मोदी की आलोचना करने पर देहरादून में पूर्व सेना प्रमुख की गोली मारकर हत्या कर दी गई. (आर्काइव लिंक)
2. एक अन्य यूजर ने इसके साथ लिखा, 'ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) वीके जोशी की हत्या कर दी गई है. कहा जा रहा है कि उन्हें धमकियां मिल रही थीं और हमारे कई रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर को भी इसी तरह की जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं.' (आर्काइव लिंक)
3. फेसबुक पर भी इसी तरह के भ्रामक दावे शेयर किए जा रहे हैं. एक यूजर ने इसके साथ कहा कि मणिपुर के 'फ्रीडम फाइटर्स' ने आज सुबह रिटायर्ड इंडियन आर्मी ब्रिगेडियर वीके जोशी की हत्या की जिम्मेदारी ली है. वह इजरायल के सपोर्टर थे और मणिपुर के लोकल लोगों के खिलाफ कई क्राइम में शामिल थे, जो इंडिया से आजादी चाहते हैं. (आर्काइव लिंक)
पड़ताल में क्या मिला:
दो गुटों की बीच फायरिंग का शिकार हुए ब्रिगेडियर
न्यूज एजेंसी एएनआई के एक्स हैंडल पर घटनास्थल के वीडियो को शेयर करते हुए बताया गया कि दो कारों में सवार लोगों के बीच एक- दूसरे पर ताबड़तोड़ फायरिंग हुई. इसी दौरान एक गोली मॉर्निंग वॉक पर निकले रिटायर्ड ब्रिगेडियर को लग गई.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में एसपी सिटी प्रमोद कुमार के हवाले से बताया गया कि यह घटना सोमवार (30 मार्च) सुबह करीब 6:45 बजे से 7 बजे के बीच हुई. देहरादून के राजपुर निवासी ब्रिगेडियर जोशी मॉर्निंग वॉक पर निकले थे. इसी दौरान मसूरी रोड पर दो कारों में सवार लोग एक-दूसरे का तेजी से पीछा कर रहे थे. इसी क्रम में उनके बीच गोलीबारी शुरू हो गई और पूर्व ब्रिगेडियर जिनका इस घटना से कोई संबंध नहीं था, अनायास चपेट में आ गए.
बिल को लेकर हुआ था विवाद
दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक दो वाहनों के बीच विवाद में स्कॉर्पियो सवार युवकों ने फॉर्च्यूनर के टायरों पर 8-9 राउंड फायरिंग की, जिसमें से एक गोली ब्रिगेडियर मुकेश जोशी के सीने में लग गई. घटना के बाद आरोपी फरार हो गए और गंभीर रूप से घायल जोशी को मैक्स अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
रिपोर्ट में बताया गया कि 29 मार्च की रात राजपुर रोड स्थित Gen Z क्लब में स्टूडेंट और कर्मचारियों के बीच बिल को लेकर विवाद हुआ था. इस दौरान क्लब के मालिक ने युवकों की पिटाई कर दी थी. इसके बाद वे वहां से चले गए. सुबह छह बजे जब क्लब के कर्मचारी जाने लगे तो रास्ते में युवकों ने उनका पीछा किया और कई राउंड फायर किए.
पुलिस ने दोनों पक्षों को दोषी बनाते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिसमें क्लब मालिक संदीप कुमार (43 वर्ष), रोहित कुमार (20 वर्ष), आदित्य चौधरी (20 वर्ष) और निखिल मल्होत्रा (23 वर्ष) शामिल हैं.
घटना के बाद Gen Z नाइट क्लब को सील कर दिया गया है और उसका लाइसेंस रद्द करने के लिए डीएम को सिफारिश भेजी गई है. इसपर ईटीवी की एक ग्राउंड रिपोर्ट भी देखी जा सकती है, जिसमें चश्मदीदों के बयान शामिल हैं.
घटना पर देहरादून पुलिस का बयान
उत्तराखंड पुलिस के एक्स हैंडल पर SSP देहरादून प्रमेंद्र डोबाल की बाइट मौजूद है, जिसमें उन्होंने घटना का विस्तृत विवरण दिया है. इस बयान में भी उन्होंने स्पष्ट तौर पर बताया है कि दो कार सवारों के बीच विवाद में हुई फायरिंग के दौरान मुकेश जोशी गोली की चपेट में आ गए और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई.



